Saturday, August 30, 2025

India-Japan Friendship: कभी दुश्मन, आज बने सबसे बड़े सहयोगी, भारत-जापान दोस्ती की अनोखी कहानी

India-Japan Friendship: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों जापान के दौरे पर हैं। टोक्यो में उनकी व्यस्त दिनचर्या जारी है, जहां वे कई अहम बैठकों और कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।

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उन्होंने जापान की मशहूर बुलेट ट्रेन की भी सवारी की। यह यात्रा न केवल भारत और जापान बल्कि पूरे एशिया के राजनीतिक समीकरणों के लिए अहम मानी जा रही है।

द्वितीय विश्व युद्ध में कट्टर दुश्मनी

India-Japan Friendship: आज भले ही भारत और जापान घनिष्ठ साझेदार हैं, लेकिन इतिहास में दोनों देश कभी एक-दूसरे के विरोधी थे। India-Japan Friendship:आज भले ही भारत और जापान घनिष्ठ साझेदार हैं, लेकिन इतिहास में दोनों देश कभी एक-दूसरे के विरोधी थे।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारत ब्रिटिश उपनिवेश था और ब्रिटेन मित्र राष्ट्रों के साथ जापान के खिलाफ युद्ध लड़ रहा था।

जापान धुरी राष्ट्रों में शामिल था और 1944-45 में उसकी सेनाओं ने भारत के पूर्वोत्तर में इम्फाल और कोहिमा की लड़ाई लड़ी थी।

उस दौर में भारत-जापान के रिश्ते बिल्कुल दुश्मनी भरे थे।

नेताजी और जापान का पहला विश्वास

India-Japan Friendship: इसी दौरान एक नया मोड़ आया जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आज़ाद हिंद फौज के लिए जापान का सहयोग लिया।

जापान ने उन्हें सैन्य मदद दी, ताकि भारत अंग्रेजों से स्वतंत्र हो सके। यही पहला अवसर था जब दोनों देशों के बीच विश्वास की नींव पड़ी और रिश्तों में सकारात्मक मोड़ आया।

भारत की उदारता और जापान का सम्मान

India-Japan Friendship: 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमलों के बाद जापान बेहद कठिन दौर से गुजर रहा था।

ऐसे समय भारत ने जापान के प्रति सहानुभूति और उदारता दिखाई।

1949 में टोक्यो ट्रायल के दौरान भारतीय न्यायाधीश राधाबिनोद पाल ने जापानी नेताओं को सज़ा देने का विरोध किया।

उनका फैसला जापानी जनता के दिलों को गहराई से छू गया और भारत के लिए एक विशेष सम्मान पैदा हुआ।

शांति संधि और रिश्तों की नई शुरुआत

India-Japan Friendship: 1952 में भारत और जापान के बीच शांति संधि पर हस्ताक्षर हुए और औपचारिक कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए।

इसके बाद दोनों देशों ने राजनीति, संस्कृति और अर्थव्यवस्था में एक-दूसरे का हाथ थामा।

विकास की साझी राह

India-Japan Friendship: जापान ने भारत के विकास में लगातार योगदान दिया है। दिल्ली मेट्रो जैसी आधुनिक परियोजनाओं से लेकर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन तक, जापान हमेशा भारत का भरोसेमंद सहयोगी रहा।

आज दोनों देश “स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप” से जुड़े हुए हैं और रक्षा, तकनीक, व्यापार और संस्कृति के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं।

दुश्मनी से दोस्ती तक का सफर

कभी युद्धभूमि में आमने-सामने खड़े रहे भारत और जापान अब एशिया की शांति और विकास के मजबूत स्तंभ बन चुके हैं।

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