Friday, June 19, 2026

बंगाल में ED का बड़ा एक्शन: TMC विधायक मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी, नगर पालिका भर्ती घोटाले में घिरे नेता

बंगाल में ED का बड़ा एक्शन: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल देखने को मिला है।

Enforcement Directorate (ED) ने शनिवार सुबह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और कमारहाटी से विधायक मदन मित्रा के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी।

यह कार्रवाई कथित Municipal Recruitment Scam और उससे जुड़े Money Laundering Case की जांच के तहत की गई है।

केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में ईडी की टीमों ने कोलकाता और आसपास के करीब सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिससे राज्य की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच में बड़ा कदम

ईडी की यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद हुई है जिनमें दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल की विभिन्न नगर पालिकाओं में भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं।

जांच एजेंसी का आरोप है कि कई पदों पर अयोग्य उम्मीदवारों को नियुक्त करने के बदले रिश्वत ली गई थी।

जांच में सामने आया है कि यह कथित घोटाला केवल एक नगर पालिका तक सीमित नहीं था, बल्कि कई नगर निगमों और नगर पालिकाओं में भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, मदन मित्रा का नाम ऐसी 125 से अधिक संदिग्ध नियुक्तियों से जुड़कर सामने आया है। हालांकि इन आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष अभी जांच के बाद ही सामने आएगा।

कोलकाता समेत कई ठिकानों पर एक साथ रेड

शनिवार सुबह ईडी की टीमों ने मदन मित्रा के भवानीपुर, कालीघाट और दक्षिणेश्वर स्थित आवासों सहित कई ठिकानों पर दस्तक दी।

तलाशी के दौरान कुछ नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और कई बैंक खातों से संबंधित जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन और भर्ती प्रक्रिया के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। इसी कारण दस्तावेजों के साथ-साथ डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग विवरणों को भी खंगाला जा रहा है।

राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हुई कार्रवाई

ईडी की यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही मदन मित्रा ने कमारहाटी नगर पालिका के चेयरमैन गोपाल साहा के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में अपने समर्थक पार्षदों को सामूहिक इस्तीफा देने का आह्वान किया था।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक अपमान का जवाब बताया था। लेकिन उनके इस बयान के कुछ ही घंटों बाद ईडी की कार्रवाई शुरू हो गई।

विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है, जबकि टीएमसी समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध के तौर पर देख रहे हैं।

शिक्षक भर्ती घोटाले से खुली नई जांच की परतें

दरअसल, नगर पालिका भर्ती घोटाले की कड़ियां उस समय सामने आई थीं जब ईडी पश्चिम बंगाल के चर्चित Teacher Recruitment Scam की जांच कर रही थी।

वर्ष 2023 में कारोबारी अयान शील और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले थे।

इन दस्तावेजों की जांच में पता चला कि भर्ती से जुड़ी कथित अनियमितताएं केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं थीं।

इसके बाद कई नगर पालिकाओं की भर्ती प्रक्रियाएं भी जांच के दायरे में आ गईं। यही जांच आगे चलकर West Bengal Municipal Recruitment Scam के रूप में सामने आई।

OMR शीट में हेरफेर के आरोप

बंगाल में ED का बड़ा एक्शन: ईडी के अनुसार, कई नगर पालिकाओं की भर्ती प्रक्रिया का तकनीकी काम एक निजी कंपनी को सौंपा गया था।

आरोप है कि प्रश्नपत्र तैयार करने, OMR शीट प्रबंधन, मूल्यांकन और मेरिट सूची बनाने की प्रक्रिया में कथित तौर पर हेरफेर किया गया।

जांच एजेंसी का दावा है कि कुछ अधिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों की मिलीभगत से पैसे लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दिलाई गई।

यदि ये आरोप साबित होते हैं तो यह राज्य के हालिया वर्षों के सबसे बड़े भर्ती घोटालों में से एक माना जा सकता है।

पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं मदन मित्रा

मदन मित्रा का नाम इससे पहले चर्चित Saradha Chit Fund Scam में भी सामने आ चुका है। अब नगर पालिका भर्ती घोटाले में उनका नाम आने के बाद राजनीतिक दबाव और बढ़ गया है।

हालांकि टीएमसी नेताओं का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

इस बीच ईडी पहले ही इस मामले में कई नेताओं, नगरपालिका अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। कुछ मामलों में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।

बंगाल की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?

बंगाल में ED का बड़ा एक्शन: हालिया विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को झटका लगने के बाद पार्टी पहले से ही दबाव में है। ऐसे में एक वरिष्ठ विधायक पर ईडी की कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और संभावित पूछताछ राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।

फिलहाल सभी की नजरें ईडी की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि जांच में और बड़े खुलासे होते हैं तो West Bengal Politics, TMC Leadership, और Corruption Investigation से जुड़ी बहसें आने वाले दिनों में और तेज हो सकती हैं।

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