बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेजी से गर्म होता दिख रहा है।
भारतीय जनता पार्टी इस बार तृणमूल कांग्रेस को घेरने के लिए पूरी तरह आक्रामक रणनीति में नजर आ रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बंगाल दौरे ने साफ कर दिया है कि बीजेपी इस चुनाव में बांग्लादेश से हो रही घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है।
बंगाल चुनाव: मालदा से मिला सियासी संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंचे, जो मुस्लिम बहुल इलाका माना जाता है।
यहां से उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए घुसपैठ के मुद्दे को केंद्र में रखा।
पीएम के भाषण से यह संकेत साफ मिला कि बीजेपी चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही अपना नैरेटिव तय कर चुकी है।
बंगाल चुनाव: टीएमसी पर ‘संरक्षण’ के आरोप
मालदा की रैली में पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसके संरक्षण और “सिंडिकेट राज” के चलते राज्य में अवैध घुसपैठ बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि घुसपैठ पश्चिम बंगाल के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है और इसका असर राज्य की जमीन पर साफ दिख रहा है।
पीएम ने यह भी दावा किया कि कई इलाकों में जनसांख्यिकीय संतुलन तेजी से बदल रहा है।
सत्ता में आने पर सख्त कार्रवाई का दावा
बंगाल चुनाव: प्रधानमंत्री ने भरोसे के साथ कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो अवैध प्रवासन को रोकने और घुसपैठियों पर सख्त कार्रवाई के लिए बड़े कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि दुनिया के कई विकसित देश भी अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें बाहर करने के लिए कठोर फैसले ले रहे हैं।
एक महीने में दूसरा बंगाल दौरा
गौरतलब है कि पिछले एक महीने में यह पीएम मोदी का दूसरा पश्चिम बंगाल दौरा है।
इससे पहले 20 दिसंबर को उन्होंने नादिया और पश्चिम मेदिनीपुर में रैलियां की थीं और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया था।
यह लगातार दौरे बीजेपी के बढ़ते फोकस को दिखाते हैं।
बंगाल चुनाव: केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय
बंगाल चुनाव: पीएम मोदी से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी 29 दिसंबर 2025 को तीन दिवसीय बंगाल दौरे पर आए थे। उन्होंने कोलकाता समेत कई जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं और चुनावी रणनीति पर मंथन किया। इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी राज्य का दौरा कर चुके हैं।
बंगाल चुनाव का टोन सेट?
महाराष्ट्र में निकाय चुनावों में मिली सफलता के बाद बीजेपी अब पूरी तरह पश्चिम बंगाल पर ध्यान केंद्रित करती दिख रही है।
पीएम मोदी द्वारा जोर-शोर से घुसपैठ का मुद्दा उठाए जाने के बाद यह माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव का टोन लगभग तय हो चुका है और आने वाले दिनों में यही मुद्दा सियासी बहस के केंद्र में रहेगा।

