Saturday, February 14, 2026

बांग्लादेश में शेख हसीना की एंट्री बंद करने पर तुली यूनुस सरकार, शेख हसीना, बहन रिहाना और UK सांसद ट्यूलिप सहित 17 लोगों को सजा

बांग्लादेश में अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस की सरकार लगातार शेख हसीना की वापसी पर नए-नए कानूनी अवरोध खड़े कर रही है।

बांग्लादेश: मौत की सजा और राजनीतिक प्रतिबंधों के बाद अब पुरबाचल न्यू टाउन प्लॉट आवंटन मामले में ढाका की विशेष अदालत का नया फैसला इस दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।

सरकार की मंशा साफ साफ़ दिखाई दे रहा है। हसीना और उनके परिवार की राजनीतिक पुनर्स्थापना के हर रास्ते को बंद कर देना।

इस मामले में सोमवार, 1 दिसंबर 2025 को अदालत ने कई महत्वपूर्ण नेताओं और अधिकारियों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई, जिसने बांग्लादेश की राजनीति में एक नया हलचल पैदा कर दिया है।

हसीना को 5 साल, रिहाना को 7 साल और ट्यूलिप सिद्दीकी को 2 साल जेल

बांग्लादेश: ढाका की स्पेशल कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पांच साल की कैद, उनकी बहन शेख रिहाना को सात साल और ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीकी को दो साल की सजा दी गई है।

अदालत के आदेश के अनुसार, अन्य 14 आरोपितों को भी पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है।

सभी 17 दोषियों पर एक-एक लाख टका का जुर्माना लगाया गया है और यदि यह राशि अदा नहीं की जाती है तो छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

इस फैसले ने हसीना परिवार की कानूनी स्थिति को और जटिल बना दिया है और उन पर पहले से चल रहे प्रतिबंधों और सज़ाओं के बीच यह मामला उनकी वापसी को और मुश्किल कर रहा है।

कूटनीतिक ज़ोन के अवैध प्लॉट आवंटन का आरोप और ACC की जांच

बांग्लादेश: एंटी करप्शन कमिशन (ACC) की जांच के अनुसार, इस घोटाले की जड़ पुरबाचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट के सेक्टर-27 में स्थित कूटनीतिक ज़ोन के छह महंगे प्लॉट हैं।

आरोप है कि शेख हसीना ने वरिष्ठ राजुक अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अपने परिवार के नाम यह प्लॉट अवैध तरीके से आवंटित करवाए।

ये प्लॉट हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय, बेटी साइमा वाजेद पुतुल, बहन शेख रिहाना और रिहाना के बच्चों बॉबी और अजमीना के नाम दर्ज किए गए थे, जबकि ACC के मुताबिक ये सभी लोग इन प्लॉट श्रेणियों के लिए नियमों के अनुसार पात्र नहीं थे।

जांच में यह भी सामने आया कि इन प्लॉटों के आवंटन में कई नियमों की सीधी अनदेखी की गई, जिसका लाभ हसीना परिवार को दिलाने के लिए अधिकारियों की मिलीभगत से योजनाबद्ध तरीके से यह कारवाई की गई।

ट्यूलिप सिद्दीकी पर प्रभाव का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप

बांग्लादेश: अदालत के फैसले में ब्रिटिश लेबर पार्टी की सांसद ट्यूलिप सिद्दीकी को भी दोषी माना गया है।

ACC की रिपोर्ट के अनुसार, ट्यूलिप ने अपने राजनीतिक प्रभाव का उपयोग कर अवैध प्लॉट आवंटन को सुनिश्चित करवाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

इस आरोप के आधार पर उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है क्योंकि ट्यूलिप सिद्दीकी ब्रिटिश

संसद की सक्रिय सदस्य हैं और हसीना परिवार से उनके घनिष्ठ संबंध हमेशा सार्वजनिक रहे हैं।

मामले में शामिल अधिकारी भी दोषी, पर अधिकतर अभी तक फरार

बांग्लादेश: इस घोटाले में कुल 29 लोगों को आरोपित बनाया गया था जिनमें पूर्व आवास राज्यमंत्री शरीफ अहमद, कई पूर्व सचिव और राजुक के पूर्व चेयरमैन अनीसुर रहमान मियाँ शामिल थे।

हालांकि अदालत ने जिस समय फैसला सुनाया, उस समय केवल एक आरोपी मोहम्मद खुर्शीद आलम ही हिरासत में था।

बाकी सभी अधिकारी और अभियुक्त फरार हैं, जिसे विपक्षी दल न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

फरार आरोपियों की यह स्थिति पूरे मामले को और अधिक जटिल बनाती है और यह भी संकेत देती है कि भ्रष्टाचार केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं था बल्कि प्रशासनिक तंत्र का भी बड़ा हिस्सा इसमें शामिल था।

इससे पहले भी मिली थीं कई सज़ाएं, परिवार पर बढ़ता कानूनी दबाव

बांग्लादेश: इस फैसले से कुछ दिन पहले, 27 नवंबर 2025 को, ढाका की ही एक अन्य अदालत ने इसी घोटाले से जुड़े तीन मामलों में शेख हसीना को कुल 21 साल कैद की सज़ा सुनाई थी।

उन मामलों में उनके बेटे सजीब जॉय और बेटी साइमा पुतुल को भी पांच-पांच साल की सजा दी गई थी।

लगातार हो रहे इन फैसलों से साफ है कि यूनुस सरकार पूरी ताकत से हसीना परिवार को राजनीतिक रूप से निष्क्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कई विश्लेषकों का यह भी मानना है कि इन कार्रवाइयों के पीछे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना भी हो सकती है।

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Muskaan Gupta
Muskaan Guptahttps://reportbharathindi.com/
मुस्कान डिजिटल जर्नलिस्ट / कंटेंट क्रिएटर मुस्कान एक डिजिटल जर्नलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो न्यूज़ और करंट अफेयर्स की रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक मुद्दे, प्रशासन, क्राइम, धर्म, फैक्ट चेक और रिसर्च बेस्ड स्टोरीज़ पर लगातार काम किया है। मुस्कान ने जमीनी रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रभावशाली कंटेंट तैयार किया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज की है और जनता की राय को प्राथमिकता देते हुए रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वह डिजिटल मीडिया के लिए न्यूज़ स्टोरीज़, वीडियो स्क्रिप्ट्स और विश्लेषणात्मक कंटेंट पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही वे इंटरव्यू, फील्ड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया जर्नलिज़्म में भी दक्ष हैं। मुस्कान का फोकस तथ्यात्मक, प्रभावशाली और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने लाने पर रहता है।
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