Wednesday, July 8, 2026

आयुषी शर्मा: सरकारी नौकरी के लालच में बेटी बनी जल्लाद, मां की करवाई हत्या

आयुषी शर्मा

जयपुर के प्रताप नगर इलाके से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मां बेटी के रिश्ते को शर्मसार कर दिया। 23 वर्षीय आयुषी शर्मा पर आरोप है कि उसने अनुकंपा नौकरी और करोड़ों की संपत्ति के लालच में अपनी विधवा मां नीरज शर्मा की हत्या करवा दी।

पुलिस जांच के अनुसार, आयुषी ने इस पूरी वारदात को सामान्य सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की थी। घटना को हिट एंड रन दिखाने की साजिश रची गई, लेकिन घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों ने पूरे षड्यंत्र की परतें खोल दीं।

पिता की मौत के बाद मां को मिली थी अनुकंपा नौकरी

आयुषी शर्मा के पिता विजय कुमार शर्मा कोर्ट में लोअर डिवीजन क्लर्क के पद पर कार्यरत थे। करीब एक साल पहले उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद अनुकंपा के आधार पर उनकी पत्नी नीरज शर्मा को सरकारी नौकरी मिली थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि आयुषी खुद यह नौकरी करना चाहती थी। वह मां को अपने भविष्य के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा मानने लगी थी। इसी नाराजगी और लालच ने धीरे धीरे एक खतरनाक आपराधिक योजना का रूप ले लिया।

करोड़ों की संपत्ति पर भी थी नजर

नीरज शर्मा के नाम पर जयपुर में दो मकान बताए जा रहे हैं, जिनकी कीमत करीब चार करोड़ रुपये आंकी गई। इसके अलावा भरतपुर हाईवे पर पांच बीघा कीमती जमीन थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब दस करोड़ रुपये बताई जा रही है।

आरोप है कि आयुषी इस संपत्ति को भी अपने कब्जे में लेना चाहती थी। पुलिस के अनुसार, इसी लालच में उसने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि को भी साजिश में शामिल किया।

तीन महीने पहले से रची जा रही थी हत्या की साजिश

डीसीपी रंजिता शर्मा के अनुसार, नीरज शर्मा की हत्या की योजना अचानक नहीं बनी थी। इस साजिश की तैयारी करीब तीन महीने पहले से की जा रही थी। आयुषी और उसके रिश्तेदारों ने बयाना निवासी हेमंत शर्मा से संपर्क किया।

हेमंत शर्मा को नीरज शर्मा की हत्या के लिए सात लाख रुपये की सुपारी दी गई। इसके बाद हेमंत ने अपने साथ आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, मोहित शर्मा और रोहित जाटव को भी इस वारदात में शामिल कर लिया।

स्कॉर्पियो से कुचलकर हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश

3 जुलाई 2026 की शाम करीब 4 बजकर 45 मिनट पर नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग क्लास छोड़कर पैदल घर लौट रही थीं। इसी दौरान आरोपियों ने पूरी योजना के तहत हरियाणा नंबर की सफेद स्कॉर्पियो से उन्हें जोरदार टक्कर मारी।

पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो की रफ्तार करीब 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नीरज शर्मा हवा में उछलकर लगभग 100 फीट दूर जा गिरीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

नंबर प्लेट पर मिट्टी, वारदात के बाद गाड़ी छोड़ी

हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए आरोपियों ने गाड़ी की नंबर प्लेट पर मिट्टी पोत दी थी, ताकि वाहन की पहचान आसानी से न हो सके। वारदात के बाद आरोपी स्कॉर्पियो को चौपाटी के पास लावारिस हालत में छोड़कर बाइक से फरार हो गए।

शुरुआत में प्रताप नगर थाना पुलिस को यह मामला सामान्य सड़क हादसा लगा। सड़क पर तेज रफ्तार गाड़ी से महिला की मौत का मामला दर्ज होने की स्थिति बन रही थी, लेकिन मृतका के भाई की शिकायत के बाद जांच का रुख बदल गया।

भाई के शक और सीसीटीवी फुटेज ने खोला पूरा राज

मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा ने पुलिस को आयुषी, सास और भतीजे बलराम पर संदेह जताते हुए शिकायत दी। उन्होंने प्रॉपर्टी विवाद और हत्या की आशंका जाहिर की। इस शिकायत के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए।

फुटेज में साफ दिखाई दिया कि सड़क खाली थी, स्कॉर्पियो और महिला की दिशा अलग थी और ओवरटेक जैसी कोई स्थिति नहीं थी। एक अन्य फुटेज में वही स्कॉर्पियो नीरज शर्मा की रेकी करती नजर आई।

हादसा नहीं, योजनाबद्ध हत्या निकली पूरी घटना

सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को स्पष्ट संकेत मिले कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं थी, बल्कि नीरज शर्मा को निशाना बनाकर की गई हत्या थी। गाड़ी की रफ्तार, दिशा, खाली सड़क और पहले से की गई रेकी ने पूरे मामले को हत्या की साजिश की ओर मोड़ दिया।

पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो आयुषी शर्मा की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर यह सामने आया कि सरकारी नौकरी और संपत्ति की चाहत इस हत्या के पीछे मुख्य कारण माने जा रहे हैं।

छह आरोपी गिरफ्तार, चचेरा भाई फरार

पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता आयुषी शर्मा, उसके ताऊ मोहन स्वरूप, कॉन्ट्रैक्ट किलर हेमंत शर्मा, मुख्य ड्राइवर आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा और रेकी में शामिल आरोपियों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस मामले में आयुषी का चचेरा भाई बलराम उर्फ रवि अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच में और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।

मां को बेटी के व्यवहार पर पहले से था शक

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नीरज शर्मा को अपनी बेटी आयुषी के हिंसक और खतरनाक व्यवहार का अंदाजा पहले से हो गया था। उन्होंने इस बारे में अपने भाई राकेश कुमार शर्मा को आगाह भी किया था।

हालांकि किसी ने यह कल्पना नहीं की थी कि नौकरी और संपत्ति के लालच में बेटी अपनी ही मां की हत्या की साजिश तक पहुंच जाएगी। प्रताप नगर की यह वारदात अब जयपुर के सबसे सनसनीखेज हत्या मामलों में शामिल हो गई है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Mudit
Mudit
लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article