आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के कमला नगर क्षेत्र स्थित भगवान नगर ब्लॉक-ए से चिंताजनक मामला सामने आया है।
यहाँ रहने वाले करीब 40 हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ’ के पोस्टर लगा दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही परेशानियों और असुरक्षा के माहौल के कारण वो अपने ही घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
एक परिवार बना डर की वजह, हिन्दू परिवारों का आरोप
आगरा: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मोहल्ले में रहने वाला मोहम्मद शहजाद और उसका बेटा सनी आए दिन विवाद, मारपीट और अभद्र व्यवहार करते हैं।
लोगों का कहना है कि उनकी दबंगई से पूरा इलाका दहशत में है।
एक स्थानीय हिंदू महिला का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कहती हैं कि यह इलाका पारंपरिक रूप से अग्रवाल समाज का है और एक ही मुस्लिम परिवार की हरकतों से पूरा मोहल्ला परेशान हो चुका है।
ईंट-पत्थर, मारपीट और महिलाओं से अभद्रता
स्थानीय लोगों के अनुसार, शहजाद और उसका बेटा अक्सर गाली-गलौज, ईंट-पत्थर फेंकने और मारपीट जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
कई लोग इन घटनाओं में घायल भी हो चुके हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं।
2 फरवरी की घटना ने बढ़ाया तनाव
आगरा: बताया जा रहा है कि 2 फरवरी 2026 को एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान सनी ने घर में घुसकर मारपीट की।
इस हमले में एक व्यक्ति को गंभीर चोटें आईं और उसे टाँके तक लगाने पड़े। इस घटना के बाद मोहल्ले में भय और गुस्सा और बढ़ गया।
बच्चों और महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि बच्चों और महिलाओं का घर से बाहर निकलना तक सुरक्षित नहीं रहा।
रोज किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा किया जाता है, जिससे कॉलोनी का माहौल लगातार खराब होता जा रहा है।
इसी डर और मजबूरी में कई परिवारों ने पलायन का मन बना लिया।
पुलिस पर भी उठे सवाल
आगरा: पीड़ित परिवारों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि जब वे शिकायत लेकर थाने गए, तो पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें ही धमकाया।
इसी कारण अब उन्हें न्याय की कोई उम्मीद नहीं दिख रही और घर छोड़ना ही आखिरी रास्ता लग रहा है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय पार्षद हरीओम बाबा अग्रवाल ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद आरोपितों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों का भरोसा प्रशासन से उठता जा रहा है।
पुलिस बोली, पारिवारिक विवाद मामला
वहीं इस पूरे मामले पर एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने कहा कि जाँच में सामने आया है कि सितारा बेगम नाम की एक विधवा महिला के मकान में शहजाद अपने परिवार के साथ रहता है।
पुलिस के अनुसार, मकान खाली कराने को लेकर विवाद चल रहा था और इसे पारिवारिक मामला मानते हुए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया है। एसीपी ने बताया कि शहजाद ने मकान छोड़ने की बात भी कही है।
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