Saturday, July 4, 2026

Action on Energy Drinks: क्या आप भी पीते हैं Energy Drink? FSSAI की कार्रवाई के बाद Red Bull, Sting, Monster समेत कई बड़े ब्रांड्स जांच के दायरे में

Action on Energy Drinks: अगर आप भी थकान मिटाने, तुरंत फ्रेश महसूस करने या लंबे समय तक एक्टिव रहने के लिए Energy Drink पीते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है।

भारत की खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण FSSAI ने कई बड़े और लोकप्रिय ब्रांड्स को नोटिस भेजा है।

इनमें Red Bull, Sting, Monster, Campa Energy, Hell Energy, Adrenaline Rush और Gold Boost जैसे नाम शामिल हैं।

यह कार्रवाई इन ड्रिंक्स की बिक्री रोकने के लिए नहीं, बल्कि इनके लेबल, ब्रांडिंग और विज्ञापन में किए जा रहे दावों को लेकर की गई है।

आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।

FSSAI को आखिर आपत्ति किस बात पर है?

Action on Energy Drinks: FSSAI का कहना है कि भारत में अभी तक “Energy Drink” नाम से कोई अलग आधिकारिक फूड कैटेगरी या मानक तय नहीं किया गया है।

ऐसे में किसी पेय को सीधे Energy Drink कहकर बेचना या उसी नाम से प्रचारित करना नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

नियामक के अनुसार, फूड कैटेगरी का इस्तेमाल केवल प्रशासनिक और तकनीकी वर्गीकरण के लिए होता है।

इसे किसी प्रोडक्ट का नाम या मार्केटिंग टर्म बनाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए।

किन ब्रांड्स को मिला नोटिस?

FSSAI की कार्रवाई की जद में आए प्रमुख ब्रांड्स में शामिल हैं:

  • Red Bull
  • Sting
  • Monster Energy
  • Campa Energy
  • Hell Energy
  • Adrenaline Rush
  • Gold Boost

Action on Energy Drinks: नियामक का कहना है कि इन उत्पादों की पैकेजिंग पर Energy Drink लिखा गया है और कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी इन्हें इसी नाम से प्रमोट किया जा रहा है।

सिर्फ नाम नहीं, दावों पर भी सवाल

FSSAI की आपत्ति केवल Energy Drink शब्द तक सीमित नहीं है।

संस्था ने उन दावों पर भी सवाल उठाए हैं, जिनमें कहा जाता है कि ये ड्रिंक शरीर में ऊर्जा बढ़ाती हैं, फोकस बेहतर करती हैं, थकान दूर करती हैं या कमजोरी कम करती हैं।

नियामक का कहना है कि किसी भी फूड प्रोडक्ट के लिए इस तरह के फंक्शनल या थेरेप्यूटिक दावे तभी किए जा सकते हैं, जब उनके लिए स्पष्ट अनुमति और वैज्ञानिक आधार मौजूद हो। बिना मंजूरी ऐसे दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं।

क्या इन Energy Drinks की बिक्री पर रोक लग गई है?

फिलहाल ऐसा नहीं है। FSSAI ने इन कंपनियों की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।

अभी केवल कंपनियों से जवाब मांगा गया है और उन्हें अपनी packaging, labeling और marketing को नियमों के मुताबिक करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी विवाद इस बात पर है कि प्रोडक्ट को किस नाम से और किन दावों के साथ बेचा जा रहा है, न कि इस बात पर कि ये बाजार में बिक सकते हैं या नहीं।

उपभोक्ताओं के लिए इसका क्या मतलब है?

इस नोटिस का सीधा मतलब यह है कि उपभोक्ताओं को प्रोडक्ट के नाम और उसके दावों को लेकर ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।

कई बार आकर्षक पैकेजिंग और बड़े-बड़े दावे लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि कोई ड्रिंक तुरंत ताकत या ऊर्जा दे देगी।

लेकिन FSSAI का रुख साफ है कि misleading advertising और गलत लेबलिंग के जरिए ग्राहकों को भ्रमित नहीं किया जा सकता।

आगे क्या हो सकता है?

अब सभी संबंधित कंपनियों को FSSAI के नोटिस का जवाब देना होगा।

अगर नियामक को उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं लगता, तो आगे regulatory action भी हो सकती है।

फिलहाल इस मामले में किसी भी कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऐसे में आगे की स्थिति FSSAI की समीक्षा और कंपनियों के जवाब पर निर्भर करेगी।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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