ममता बनर्जी ने अस्पताल प्रशासन पर लगाया दबाव में डिस्चार्ज करने का आरोप
सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद बंगाल की राजनीति गरमाई
पश्चिम बंगाल में टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। सोनारपुर दौरे के दौरान उग्र भीड़ ने उन पर हमला किया। पथराव और अंडे फेंके जाने के बीच सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हेलमेट पहनाकर भीड़ से बाहर निकाला।
इस हमले में अभिषेक बनर्जी घायल बताए गए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना पर ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन, कानून व्यवस्था और बीजेपी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र की हत्या बताया। उनका कहना है कि अभिषेक की यात्रा की सूचना पहले से पुलिस को दी गई थी, फिर भी सुरक्षा में गंभीर चूक हुई और बाहरी लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई।
वायरल ऑडियो में अस्पताल अधिकारी को चेतावनी
अभिषेक बनर्जी को जिस बैले व्यू अस्पताल में ले जाया गया था, उसी अस्पताल के प्रशासन को लेकर ममता बनर्जी का एक कथित ऑडियो वायरल हुआ है। इस ऑडियो में वह अस्पताल से जुड़े अधिकारी को सख्त शब्दों में चेतावनी देती सुनाई दे रही हैं।
वायरल ऑडियो में ममता बनर्जी कथित तौर पर मिस्टर टंडन से कहती हैं कि आपने गलत काम किया है। वह कहती हैं कि हमने आपकी कितनी मदद की है, इसे याद रखिए। भगवान आपको माफ नहीं करेगा।
ऑडियो में वह आगे कहती हैं कि आप लोगों को गुमराह कर रहे हैं। आपको शर्म आनी चाहिए। हर कोई आपके इस अहंकार को याद रखेगा। इसके बाद ऑडियो का कुछ हिस्सा स्पष्ट नहीं बताया गया है।
इसी कथित ऑडियो में ममता बनर्जी यह भी कहती सुनाई देती हैं कि आप अस्पताल चला रहे हैं और अभी केंद्र में बीजेपी की सरकार है। कल अगर केंद्र सरकार नहीं रही, तो हम इसका ध्यान रखेंगे।
बीजेपी और डीसीपी पर अस्पताल को धमकाने का आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और डीसीपी अस्पताल को धमका रहे हैं। उनका दावा है कि इसी दबाव के कारण अभिषेक बनर्जी को अस्पताल से घर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर अभिषेक को कुछ होता है, तो अस्पताल जिम्मेदार होगा।
ममता बनर्जी ने बताया कि अभिषेक बनर्जी को अस्पताल के आईटीयू में भर्ती कराया गया था। वहां उनके 3D सीटी स्कैन, यूएसजी और थोरेसिक टेस्ट किए गए। इसके बावजूद भारी दबाव के बीच उन्हें घर भेज दिया गया।
ममता ने सवाल उठाया कि अगर अभिषेक की हालत गंभीर नहीं थी, तो उन्हें आईटीयू में क्यों रखा गया था। और अगर उनकी स्थिति गंभीर थी, तो दबाव में उन्हें रिलीज क्यों किया गया। उन्होंने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बताया।
अभिषेक के शरीर में खून के थक्के होने का दावा
ममता बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के शरीर में खून के थक्के जमे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर हमले के समय अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता, तो उनकी मौके पर ही मौत हो सकती थी।
ममता बनर्जी ने कहा कि अभिषेक को घर भेज दिया गया है और अब उनका इलाज घर पर ही जारी रहेगा। परिवार के डॉक्टर पूरे इलाज की निगरानी करेंगे। घर पर अस्पताल जैसी व्यवस्था बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि घर में ऑक्सीजन सिलेंडर और दूसरे जरूरी मेडिकल उपकरण रखे जाएंगे। ममता बनर्जी ने साफ कहा कि अस्पताल से बाहर आने के बाद भी अभिषेक की हालत को सामान्य नहीं माना जा सकता।
अस्पताल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की चेतावनी
ममता बनर्जी ने कहा कि अगर अभिषेक बनर्जी को आगे कुछ भी होता है, तो इसके लिए अस्पताल प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने अस्पताल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि दबाव में डिस्चार्ज करने का फैसला गंभीर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन लोगों को गुमराह कर रहा है। ममता के अनुसार जिस तरह अभिषेक को आईटीयू में रखा गया और फिर घर भेजा गया, वह पूरी प्रक्रिया कई सवाल खड़े करती है।
ममता बनर्जी ने इस मामले को केवल अस्पताल का मामला नहीं माना। उनके अनुसार यह राजनीतिक दबाव, प्रशासनिक चूक और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले से जुड़ा बड़ा मामला है।
बंगाल बीजेपी नेताओं पर ममता का सीधा निशाना
ममता बनर्जी ने बंगाल के बीजेपी नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बीजेपी नेता इतने बुरे नहीं हैं, जितने बंगाल के नेता हैं। उनके अनुसार स्थानीय स्तर पर डर और दबाव का माहौल बनाया जा रहा है।
ममता ने यह भी कहा कि बीजेपी आज डॉक्टरों, अस्पतालों और सभी समुदायों को डरा धमका रही है। उन्होंने इस घटना को राजनीतिक हिंसा और संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश बताया।
ममता बनर्जी ने सीआईडी पर भी टिप्पणी की और उसे डरपोक बताया। उन्होंने कानून व्यवस्था की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले से सूचना होने के बावजूद अभिषेक की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई।
सोनारपुर में बाहरी लोगों के जुटने का आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के सोनारपुर दौरे की जानकारी पुलिस को पहले से दे दी गई थी। इसके बाद भी वहां जो भीड़ जमा हुई, वह स्थानीय नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि वहां बाहरी लोगों को जुटाया गया था।
उनके अनुसार यह हमला अचानक हुई अव्यवस्था नहीं था, बल्कि इसके पीछे संगठित राजनीतिक मंशा थी। ममता ने इसे सुरक्षा चूक के साथ साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताया।
अभिषेक पर हुए हमले के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। पार्टी ने इसे अपने नेता, संगठन और जनतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। राज्यभर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी गई है।
राहुल गांधी, कपिल सिब्बल और अखिलेश यादव ने जताई चिंता
ममता बनर्जी ने बताया कि देश के कई बड़े नेताओं ने फोन करके अभिषेक बनर्जी का हालचाल जाना। राहुल गांधी ने फोन कर मदद की पेशकश की और इलाज के लिए अभिषेक को हैदराबाद ले जाने का सुझाव भी दिया।
ममता बनर्जी के अनुसार कपिल सिब्बल और अखिलेश यादव ने भी अभिषेक की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल बंगाल की राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय बन गई है।
अभिषेक पर हमले के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भी बीजेपी पर निशाना साधा। विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक हिंसा से जुड़ा मामला बताया और अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।
टीएमसी करेगी राज्यव्यापी प्रदर्शन
टीएमसी ने अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी कार्यकर्ता रविवार से पूरे पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। इस हमले को लेकर टीएमसी संगठन के भीतर भारी आक्रोश है।
तय कार्यक्रम के अनुसार ममता बनर्जी सोमवार को कोलकाता के रानी रासमणि रोड पर धरने पर बैठेंगी। यह धरना सुरक्षा चूक और तानाशाही के विरोध में होगा। टीएमसी इसे राज्यव्यापी राजनीतिक प्रतिरोध का रूप देगी।
अभिषेक बनर्जी पर हमला, अस्पताल से डिस्चार्ज, वायरल ऑडियो और ममता बनर्जी के आरोपों ने बंगाल की राजनीति को फिर गरमा दिया है। इस घटनाक्रम में अस्पताल, पुलिस, बीजेपी और टीएमसी सभी विवाद के केंद्र में आ गए हैं।

