आपका पैसा, आपका अधिकार: 10 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर लागू किए गए ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान की प्रगति साझा करते हुए बताया कि अब तक लगभग ₹2,000 करोड़ की अनक्लेम्ड राशि सफलतापूर्वक उनके सही हकदारों तक लौटाई जा चुकी है।
यह पहल अक्टूबर 2025 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य वर्षों से वित्तीय संस्थानों में बिना दावे पड़ी नागरिकों की धनराशि को उनके पास वापस पहुँचाना है।
सरकार ने माना कि नागरिकों की मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा ऐसे खातों में फंसा है जिन पर किसी ने दावा नहीं किया, और इस समस्या का राष्ट्रीय समाधान आवश्यक था
नागरिकों को उनकी भूली-भटकी संपत्ति लौटाने का लक्ष्य
आपका पैसा, आपका अधिकार: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को उन वित्तीय संपत्तियों तक पहुँच दिलाना है, जिन्हें वे भूल चुके हैं या जिनकी जानकारी समय के साथ खो गई है।
इसमें बैंक खातों में निष्क्रिय जमा राशि, बीमा कंपनियों में बिना दावा पड़ी रकम, पुराने म्यूचुअल फंड निवेश, सोशल सिक्योरिटी फंड, और वर्षों से बिना निकला डिविडेंड शामिल हैं।
यह धनराशि अक्सर खाते बंद होने, दस्तावेज़ खोने, पते बदलने या अनजानगी के कारण दशकों तक दावों के इंतजार में पड़ी रहती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “भूली हुई संपत्ति को अवसर में बदलने का अभियान” बताया और लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार की वित्तीय जानकारी दोबारा जांचें।
चौंकाने वाले वित्तीय आंकड़े उजागर
आपका पैसा, आपका अधिकार: सरकार और नियामक संस्थाओं द्वारा दिए गए आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि देश में करोड़ों रुपये ऐसी वित्तीय संपत्तियाँ हैं जिनका दावा कोई नहीं कर रहा।
भारतीय बैंकों में लगभग ₹78,000 करोड़ की बिना दावा जमा राशि है, जबकि बीमा कंपनियों के पास करीब ₹14,000 करोड़ पड़े हुए हैं।
म्यूचुअल फंड कंपनियों में लगभग ₹3,000 करोड़ और डिविडेंड हाउस में करीब ₹9,000 करोड़ बिना किसी दावे के जमा हैं।
इन विशाल राशियों को सही मालिकों तक पहुँचाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया और सिर्फ शुरुआती महीनों में ही लगभग ₹2,000 करोड़ लौटाए जाने से नागरिकों में जागरूकता तेजी से बढ़ी है।
सरल और पारदर्शी दावा प्रक्रिया के लिए डिजिटल पोर्टल
आपका पैसा, आपका अधिकार: दावा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने कई डिजिटल पोर्टल लॉन्च किए हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के अपनी भूल गई धनराशि की जानकारी खोज सकें।
RBI का UDGAM पोर्टल बैंकों में बिना दावा जमा राशि खोजने की सुविधा देता है। IRDAI का बीमा भरोसा पोर्टल उन पॉलिसियों की पहचान करने में मदद करता है जिन पर अब तक दावा नहीं किया गया।
SEBI का MITRA पोर्टल म्यूचुअल फंड और निवेश संबंधी जानकारी को एक जगह उपलब्ध कराता है, जबकि IEPFA पोर्टल डिविडेंड, शेयर और अन्य वित्तीय लाभांश की खोज और दावा दाखिल करने की सुविधा प्रदान करता है।
इसके अलावा, देशभर के 477 जिलों में शिविर लगाए जा रहे हैं, जहाँ नागरिक व्यक्तिगत रूप से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
नागरिकों से पीएम मोदी की लगातार अपील
आपका पैसा, आपका अधिकार: प्रधानमंत्री मोदी ने इस अभियान को देश के हर नागरिक से जोड़ने की कोशिश की है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने, अपने माता-पिता, दादा-दादी या रिश्तेदारों के नाम पर पड़ी किसी भी अप्राप्त रकम की जांच ज़रूर करें।
सरकार द्वारा बनाए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और जिला स्तरीय कैंपों की मदद से कोई भी व्यक्ति कुछ ही मिनटों में यह पता लगा सकता है कि कहीं उनके नाम पर वित्तीय संपत्ति बिना दावे के पड़ी तो नहीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ पैसे वापस लेने का अभियान नहीं, बल्कि पारदर्शिता, आर्थिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
एक जन-आंदोलन की दिशा में बढ़ता कदम
आपका पैसा, आपका अधिकार: पीएम मोदी ने देशवासियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “आज ही कदम उठाइए, अपना हक वापस पाइए। आपकी मेहनत की कमाई आपकी ही है।
आइए सुनिश्चित करें कि यह आपके पास लौट आए।” सरकार चाहती है कि यह अभियान एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले, जिससे हर नागरिक अपनी वित्तीय संपत्ति की पूरी जानकारी रख सके और भारत एक अधिक पारदर्शी और वित्तीय रूप से सक्षम देश बन सके।
सरकार का मानना है कि अनक्लेम्ड धनराशि की वापसी न सिर्फ लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी बल्कि वित्तीय संस्थानों में भी भरोसा बढ़ाएगी।

