Al-Falah University में ड्रग्स का खेल: हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह मेडिकल कॉलेज से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने छात्रों, अभिभावकों और यूनिवर्सिटी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
एमबीबीएस सेकेंड ईयर के छात्र अदीदशाह को क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 की टीम ने 200 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी केवल नशा करने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह मेडिकल कॉलेज के छात्रों को गांजे की छोटी-छोटी पुड़ियां बनाकर बेचने का काम भी करता था। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
Al-Falah University में ड्रग्स का खेल: पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 की टीम धौज क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक युवक धर्मकांटा के पास गांजा बेचने के इरादे से खड़ा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया।
आरोपी ने अपनी तलाशी ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराने की इच्छा जताई। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तलाशी ली गई, जिसमें सफेद पॉलीथीन से करीब 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
एमबीबीएस सेकेंड ईयर का छात्र निकला आरोपी
Al-Falah University में ड्रग्स का खेल: गिरफ्तार युवक की पहचान 22 वर्षीय अदीदशाह के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर का रहने वाला है और अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सेकेंड ईयर का छात्र है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पिता पेशे से डॉक्टर हैं।
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी केवल ड्रग्स की सप्लाई में शामिल था या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि से भी उसका संबंध था।
दिल्ली से खरीदता था गांजा
पुलिस पूछताछ में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी दिल्ली के सदर बाजार इलाके में सक्रिय एक सप्लायर से गांजा खरीदता था। सप्लायर यूनिवर्सिटी के बाहर उसे माल उपलब्ध कराता था, जिसके बाद आरोपी गांजा अपने हॉस्टल के कमरे में ले जाता था।
वहां वह गांजे की छोटी-छोटी पुड़ियां तैयार करता और उन्हें लगभग 500 रुपये प्रति पुड़िया के हिसाब से कॉलेज के छात्रों को बेचता था। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कॉलेज के अलावा कुछ बाहरी लोग भी उससे गांजा खरीदते थे।
व्हाट्सऐप कॉलिंग से चलता था पूरा संपर्क
Al-Falah University में ड्रग्स का खेल: पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी और सप्लायर के बीच बातचीत मुख्य रूप से व्हाट्सऐप कॉलिंग और इंटरनेट के जरिए होती थी। दोनों के बीच लेन-देन नकद (कैश) में किया जाता था, ताकि डिजिटल ट्रांजैक्शन का कोई रिकॉर्ड न रहे।
अब पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सप्लायर और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
बड़े ड्रग्स नेटवर्क की आशंका
Al-Falah University में ड्रग्स का खेल: क्राइम ब्रांच केवल आरोपी छात्र तक सीमित नहीं रहना चाहती। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
जांच का फोकस अब उन छात्रों और अन्य व्यक्तियों पर भी है जो आरोपी से गांजा खरीदते थे। पुलिस को आशंका है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि इसके पीछे बड़ा ड्रग्स नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन पर उठे सवाल
Al-Falah University में ड्रग्स का खेल: घटना सामने आने के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि यदि हॉस्टल के भीतर इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं तो प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।
अभिभावकों ने कैंपस में निगरानी बढ़ाने, हॉस्टल की नियमित जांच और छात्रों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बरामद गांजे को विधिवत सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
जांच एजेंसियां आरोपी की कॉल डिटेल, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पुलिस का बयान
Al-Falah University में ड्रग्स का खेल: पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दिल्ली के सप्लायर की तलाश जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी कितने समय से इस अवैध कारोबार में शामिल था और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज से सामने आया यह मामला केवल एक छात्र की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ती नशे की समस्या की ओर भी इशारा करता है।
यदि पुलिस जांच में बड़े नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। वहीं, इस घटना ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि आखिर इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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