करूर तमिलनाडु हादसा: तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मचाने वाले करूर हादसे पर आखिरकार TVK (तमिलगा वेट्री कझगम) प्रमुख और साउथ सुपरस्टार विजय ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
करूर जिले में आयोजित उनकी पार्टी की रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 60 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
इस त्रासदी के दो दिन बाद विजय ने सोशल मीडिया के जरिए एक भावुक वीडियो संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने घटना को अपने जीवन का सबसे दर्दनाक अनुभव बताया।
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करूर तमिलनाडु हादसा: “ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी” — विजय
विजय ने वीडियो में कहा कि करूर की घटना ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। उनके शब्दों में—
“मैंने अपने जीवन में इतनी पीड़ा कभी महसूस नहीं की। जो नहीं होना चाहिए था, वही घट गया। राजनीति से ऊपर उठकर हम हमेशा पुलिस से सुरक्षित जगह की अनुमति लेते हैं, लेकिन फिर भी यह हादसा हो गया।”
करूर तमिलनाडु हादसा: उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
करूर तमिलनाडु हादसा: करूर क्यों नहीं गए विजय?
करूर तमिलनाडु हादसा: अभिनेता से नेता बने विजय ने स्पष्ट किया कि वह तुरंत करूर नहीं पहुंचे क्योंकि उनकी मौजूदगी से हालात और बिगड़ सकते थे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही वह व्यक्तिगत रूप से पीड़ितों और उनके परिजनों से मिलकर दुख साझा करेंगे।
करूर तमिलनाडु हादसा: मुख्यमंत्री स्टालिन को खुली चुनौती
करूर तमिलनाडु हादसा: इस वीडियो में विजय ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा—
“मुख्यमंत्री जी, अगर आपके मन में प्रतिशोध का भाव है, तो आप मुझ पर कार्रवाई कर सकते हैं। मेरे घर या दफ़्तर आकर जो करना है कीजिए, लेकिन मेरे साथ खड़े निर्दोष कार्यकर्ताओं को परेशान मत कीजिए।”
विजय ने यह भी दावा किया कि घटना के दिन उन्होंने भीड़ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रैली स्थल को जल्दी छोड़ दिया था।
पुलिस जांच और दबाव
करूर तमिलनाडु हादसा: गौरतलब है कि करूर भगदड़ मामले में पुलिस ने टीवीके नेताओं पर केस दर्ज किया है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता बस्सी एन. आनंद और सीटीआर निर्मल कुमार के नाम शामिल हैं।
ऐसे में विजय का यह बयान साफ संकेत देता है कि वह सीधे सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) सरकार और मुख्यमंत्री स्टालिन को निशाने पर ले रहे हैं।

