Wednesday, February 11, 2026

Supreme Court on Free Schemes: क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश से दिल्ली में बंद हो जाएंगी फ्री की रेवड़ियां

Supreme Court on Free Schemes: अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सहित कई राज्यों में चल रही फ्री की योजनाओं को लेकर चिंता जाहिर की है। ऐसे में अब सवाल ये है कि क्या ये फ्री योजनाएं सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बंद हो सकती है? आइये इसका जवाब जानते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में चल रही फ्री योजनाओं को लेकर चिंता जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इन फ्री योजनाओं के कारण लोग काम नहीं कर रहे हैं। और ये विकास के लिए चिंताजनक है। अब सवाल ये है कि क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राजधानी दिल्ली में मुफ्त योजनाएं बंद हो जाएंगी। आइये आपको इससे जुड़े नियम बताते हैं।

Supreme Court on Free Schemes: दिल्ली में बीजेपी ने 1998 के बाद अब वापसी की है। इससे पहले दिल्ली की सत्ता पिछले 10 साल में आम आदमी पार्टी रही। आम आदमी पार्टी की फ्री की रेवड़ियां किसी से छुपी नहीं है। उन्होनें सत्ता में रहने के लिए दिल्ली में फ्री पानी, फ्री बिजली जैसे कई फ्री योजनाएं जनता को दी। और इन्हें फ्री योजनाओं को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट चिंतित है।

फ्री योजनाओं की वजह से देश की आर्थिक प्रणाली पर असर पड़ रहा है – सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court on Free Schemes: सुप्रीम कोर्ट ने इन फ्री योजनाओं को देश के लिए हानिकारक बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा की इन सभी फ्री योजनाओं के कारण लोगों में काम करने की इच्छाशक्ति कम हो हो रही है। साथ ही कोर्ट ने ये भी बताया कि दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में चल रही फ्री योजनाओं के कारण देश की आर्थिक प्रणाली पर असर पड़ रहा है। साथ ही इन मुफ्त योजनाओं का असर देश की विकास दर पर भी पड़ रहा है।

Supreme Court on Free Schemes: इन फ्री योजनाओं पर इतना हो रहा खर्च?

Supreme Court on Free Schemes: पूरे देश में इन फ्री योजनाओं पर कितना पैसे खर्च हो रहे हैं अगर आप ये गिनना शुरू करेंगे तो जो आंकड़ा निकल कर आएगा वो सुनकर आप चौंक भी सकते हैं। एक रिपोर्ट में बताया गया कि सिर्फ फ्री राशन बांटे करीब दो लाख करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।

वहीं केंद्र सरकार की योजना पीएम क‍िसान योजना के जर‍िए 75000 करोड़ से भी ज्यादा हर महीना दिया जा रहा है। दिल्ली में फ्री पानी, बिजली से देश का एक लाख करोड़ से भी ज्यादा खर्चा हो रहा है। साथ ही ये बसों में फ्री सवारी के कारण देश को 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। महिलाओं के लिए अलग-अलग राज्यों में चल रही इन स्कीमों से तीन लाख रुपये से भी ज्यादा खर्चा आ रहा है।

क्या सुप्रीम कोर्ट इन योजनाओं को बंद कर सकती है?

Supreme Court on Free Schemes: ऐसे में अब सवाल ये है कि क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ये योजनाएं बंद हो सकती है। तो नियमों को ध्यान में रखते हुए इसका जवाब हां है। सुप्रीम कोर्ट देश का सर्वोच्च न्यायलय है। देश कि आर्थिक प्रणाली पर तेजी से पड़ रहे प्रभाव को देखते आउट इन योजनाओं के कारण हो रहे इन नुकसान को देखते हुए कोर्ट इन योजनाओं पर रोक लगा सकता है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को इन योजनाओं से जुड़े कानून लाने के भी आदेश ये कोर्ट दे सकती है। सुप्रीम कोर्ट को संविधान में हर तरह का आदेश देने के लिए स्वतंत्र माना गया है।

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Muskaan Gupta
Muskaan Guptahttps://reportbharathindi.com/
मुस्कान डिजिटल जर्नलिस्ट / कंटेंट क्रिएटर मुस्कान एक डिजिटल जर्नलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो न्यूज़ और करंट अफेयर्स की रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक मुद्दे, प्रशासन, क्राइम, धर्म, फैक्ट चेक और रिसर्च बेस्ड स्टोरीज़ पर लगातार काम किया है। मुस्कान ने जमीनी रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रभावशाली कंटेंट तैयार किया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज की है और जनता की राय को प्राथमिकता देते हुए रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वह डिजिटल मीडिया के लिए न्यूज़ स्टोरीज़, वीडियो स्क्रिप्ट्स और विश्लेषणात्मक कंटेंट पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही वे इंटरव्यू, फील्ड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया जर्नलिज़्म में भी दक्ष हैं। मुस्कान का फोकस तथ्यात्मक, प्रभावशाली और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने लाने पर रहता है।
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