Sunday, January 11, 2026

सोमनाथ मंदिर: हज़ारों साल की आस्था और गौरव के साथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत, पीएम ने दिया संदेश

सोमनाथ मंदिर: 11 जनवरी को गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व आयोजित किया जा रहा है, लेकिन इससे पहले सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर नजर डालना जरूरी है।

इतिहास गवाह है कि 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी ने इस मंदिर पर आक्रमण किया था। इसके बाद कई बार इस मंदिर को नष्ट किया गया।

कहा जाता है कि इसे लगभग 17 बार तोड़ा गया, लेकिन हर बार भारतीय समाज ने इसे नई शक्ति और विश्वास के साथ फिर से खड़ा किया।

इसी वजह से सोमनाथ मंदिर हमेशा भारत की अजेय आस्था और संस्कृति का प्रतीक रहा है।

स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और वर्ष 1951 में इसे राष्ट्र को समर्पित किया गया।

आज यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सोमनाथ मंदिर: सोमनाथ की धरती पर शौर्य का उत्सव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी 2026 को सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

इस अवसर पर होने वाली 108 अश्वों की शौर्य रैली खास आकर्षण होगी, जिसे वीरता, परंपरा और भारत की सांस्कृतिक ताकत का प्रतीक माना जा रहा है।

नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोमनाथ मंदिर की अपनी पिछली यात्राओं की यादें साझा कीं।

उन्होंने कहा कि मंदिर पर बार-बार हुए हमलों के बावजूद इसने देश में सांस्कृतिक एकता की भावना को मजबूत किया।

‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का गुरुवार से शुभारंभ हो गया है।

एक हजार वर्ष पहले जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास में पहला हमला झेला था। 1026 का हमला और उसके बाद हुए कई हमले हमारी सनातन आस्था को नहीं हिला पाए।”

यह आयोजन सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में रखा गया है।

रैली में पारंपरिक वेशभूषा में घुड़सवार शामिल होंगे, जो सोमनाथ के संघर्ष और पुनर्जन्म की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे।

शौर्य यात्रा के बाद पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। पूरे आयोजन में भक्ति, गर्व और इतिहास की झलक एक साथ देखने को मिलेगी।

पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में अपनी पुरानी यात्राओं की यादें ताज़ा कीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सोमनाथ मंदिर से जुड़ी कुछ ऐतिहासिक तस्वीरें साझा कीं।

उन्होंने लिखा, “मैं सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूं। अगर आप भी सोमनाथ गए हैं, तो कृपया अपनी तस्वीरें #सोमनाथस्वाभिमानपर्व के साथ साझा करें।”

प्रधानमंत्री ने 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में हुए एक कार्यक्रम की झलकियां भी साझा कीं, जो 1951 में मंदिर के पुनर्निर्माण और उद्घाटन की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में हम 1951 में हुए भव्य समारोह की 75वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं।

सोमनाथ में 1000 साल की आस्था और 75 साल की आज़ादी का संगम

आज का सोमनाथ मंदिर भारत की उसी चेतना का प्रतीक है, जिसने सदियों के आक्रमणों, विनाश और अपमान के बावजूद अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को जीवित रखा है।

यह मंदिर न केवल शिवभक्तों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए संघर्ष, संकल्प और पुनर्जागरण का प्रतीक बन चुका है।

साल 2026 का सोमनाथ मंदिर दो ऐतिहासिक कारणों से बेहद महत्वपूर्ण है। पहला, वर्ष 1026 में महमूद गजनवी द्वारा किए गए आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

दूसरा, 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं।

गुजरात सरकार के मंत्री जीतू वाघाणी ने इसे एक दुर्लभ ऐतिहासिक संयोग बताया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर शौर्य यात्रा,

रोड शो और 3000 ड्रोन का भव्य शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें सोमनाथ के पूरे इतिहास को आकाश में चित्रित किया जाएगा।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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