Thursday, February 26, 2026

श्वेता सिंह बायोग्राफी: पटना के प्रिंट रूम से नेशनल टीवी तक, ‘बिहार की बेटी’ का गौरव

श्वेता सिंह बायोग्राफी: भारतीय टीवी पत्रकारिता की दुनिया में अगर कुछ नाम लगातार दो दशक से अधिक समय तक दर्शकों के भरोसे का हिस्सा रहे हैं, तो उनमें Shweta Singh का नाम प्रमुख है।

पटना के प्रिंट मीडिया से शुरुआत करके राष्ट्रीय स्तर के सबसे चर्चित प्राइम-टाइम स्टूडियो तक पहुंचना कोई आसान यात्रा नहीं थी,

लेकिन अपनी मेहनत, स्पष्ट बोलने की शैली और विषयों की गहरी समझ के दम पर श्वेता सिंह ने यह मुकाम हासिल किया।

क्रिकेट के मैदान से लेकर देश की सीमाओं तक, चुनावी गलियारों से लेकर रहस्यमयी ऐतिहासिक स्थलों तक उन्होंने हर विषय पर आत्मविश्वास और तैयारी के साथ रिपोर्टिंग की है।

आज वे Aaj Tak में विशेष कार्यक्रमों की वरिष्ठ कार्यकारी संपादक हैं और चैनल के कई बड़े शो का चेहरा भी।

व्यक्तिगत जानकारी

विवरणजानकारी
नामश्वेता सिंह
जन्म21 अगस्त 1977, पटना (बिहार)
आयु48 वर्ष (2025 के अनुसार)
पेशापत्रकार और समाचार एंकर
शिक्षाजनसंचार में स्नातक
ऊंचाई5 फीट 7 इंच
वजनलगभग 68 किलोग्राम
पतिसंकेत कोटकर
धर्महिंदू
जातिराजपूत
राष्ट्रीयताभारतीय

श्वेता सिंह बायोग्राफी: श्वेता सिंह का जन्म और पालन-पोषण बिहार की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में हुआ ,वे चार भाई-बहनों में से एक हैं। बचपन से ही उनमें बोलने और लिखने की क्षमता साफ दिखाई देती थी।

उनकी शुरुआती पढ़ाई इलाहाबाद में हुई और बाद में पटना के सेंट जेवियर्स हाई स्कूल और सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में।

स्कूल के दिनों में वे वाद-विवाद प्रतियोगिताओं और खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं।

अक्सर उन्हें “बिहार की बेटी” कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई।

पढ़ाई और पत्रकारिता की नींव

श्वेता ने पटना महिला महाविद्यालय (पटना विश्वविद्यालय से संबद्ध) से जनसंचार में स्नातक किया। कॉलेज के पहले ही वर्ष से उन्होंने पत्रकारिता की दुनिया में कदम रख दिया था।

वे The Times of India और Hindustan Times के पटना संस्करण के लिए लेख लिखने लगीं। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय अखबारों में लेख प्रकाशित होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी।

शुरुआत में उनका सपना फिल्म निर्देशन का था, लेकिन खबरों की दुनिया और वास्तविक घटनाओं की कहानी कहने का आकर्षण उन्हें न्यूज रूम की ओर ले आया।

टीवी की दुनिया में कदम: दिल्ली का रुख और बड़ी सफलता

साल 1998 श्वेता के जीवन का टर्निंग पॉइंट था। वह अपनी किस्मत आजमाने और टीवी पत्रकारिता की दुनिया में छा जाने के लिए दिल्ली आ गईं।

शुरुआती चुनौतियां: प्रिंट से टीवी में आना आसान नहीं था। उन्हें अपनी आवाज़ के उतार-चढ़ाव और प्रेजेंटेशन पर काफी काम करना पड़ा।

उन्होंने ज़ी न्यूज़ और सहारा समय में न्यूज़रीडर और रिपोर्टर के तौर पर काम किया।

आज तक का साथ (2002): उनकी असली पहचान तब बनी जब वह 2002 में ‘आज तक’ से जुड़ीं। अपनी तेज़ और आत्मविश्वास से भरी एंकरिंग की वजह से वह जल्द ही चैनल का चेहरा बन गईं।

करियर के बड़े पड़ाव: उपलब्धियों का सफर

वर्ष उपलब्धि / महत्वपूर्ण मोड़

1996-98 पटना में प्रिंट पत्रकारिता (TOI/HT) के जरिए खोजी कौशल निखारा

1998-02 ज़ी न्यूज़ और सहारा में टीवी एंकरिंग की बारीकियां सीखीं

2002 आज तक से जुड़ीं, जो उनके करियर का सबसे सफल अध्याय साबित हुआ

2005 “सौरव का सिक्सर”: इस शो ने उन्हें खेल पत्रकारिता का स्टार बना दिया

2012-15 ‘श्वेतपत्र’ और ‘वंदे मातरम’ जैसे शो के लिए कई नेशनल अवार्ड्स जीते

2021 सकारात्मक खबरों के लिए बने चैनल ‘गुड न्यूज़ टुडे’ (GNT) के लॉन्च का नेतृत्व किया

वर्तमान आज तक में विशेष कार्यक्रमों की कमान संभाल रही हैं

प्रमुख कार्यक्रम

वंदे मातरम (देशभक्ति का जज्बा)

यह शो भारतीय सेना को समर्पित था। श्वेता ने इसके लिए सीमाओं, पनडुब्बियों और कठिन युद्ध क्षेत्रों का दौरा किया। इसने रक्षा पत्रकारिता में महिलाओं के लिए नए रास्ते खोले।

खबरदार (प्राइम-टाइम की दहाड़)

रात 8 बजे आने वाला यह शो डेटा और विश्लेषण के लिए जाना जाता है। इसमें ‘वायरल टेस्ट’ जैसे सेगमेंट के जरिए खबरों की सच्चाई दिखाई जाती है।

अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय (रहस्यों की दुनिया)

इतिहास और धर्म से जुड़े रहस्यों पर आधारित इस शो ने भारी टीआरपी बटोरी। चाहे राम सेतु का मामला हो या द्वारका नगरी की खोज, श्वेता के सिनेमाई अंदाज़ ने दर्शकों को बांधे रखा।

सौरव का सिक्सर (खेल जगत)

जब न्यूज़ चैनलों पर खेल को ज्यादा जगह नहीं मिलती थी, तब श्वेता ने सौरव गांगुली के साथ यह शो किया, जिसने रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की।

चुनावी और सामाजिक कवरेज

पदयात्रा: बिहार और उत्तर प्रदेश के चुनावों के दौरान जमीनी रिपोर्टिंग।

हर हर गंगे: गंगा नदी के पर्यावरण और सांस्कृतिक महत्व पर आधारित श्रृंखला।

सीधी बात: चर्चित इंटरव्यू शो, जिसमें वे राजनीति, फिल्म और खेल जगत की हस्तियों से बातचीत करती हैं।

पुरस्कार और सम्मान

-सर्वश्रेष्ठ एंकर (ENBA सहित कई पुरस्कार)

-सर्वश्रेष्ठ निर्माता

-सर्वश्रेष्ठ रिपोर्टर

-2017 में दादा साहब फाल्के फिल्म फाउंडेशन पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ पत्रकार)

-2005 में एसजेएफआई पुरस्कार (सौरव का सिक्सर)

विवाद और चुनौतियां

2016 की नोटबंदी के दौरान “नैनो-चिप” वाली खबर को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। बाद में यह दावा गलत साबित हुआ।

इसके अलावा, उनके संपादकीय रुख को लेकर भी समय-समय पर बहस होती रही है , लेकिन तमाम आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने अपनी लोकप्रियता और टीआरपी बनाए रखी।

निजी जीवन और परिवार: सफलता के पीछे का आधार

श्वेता की सफलता में उनके परिवार का बड़ा हाथ रहा है।

पति का सहयोग: उन्होंने वरिष्ठ आईटी प्रोफेशनल संकेत कोटकर से शादी की है। श्वेता अक्सर कहती हैं कि उनके पति के सहयोग के बिना 24×7 की पत्रकारिता करना मुमकिन नहीं होता। उनकी एक प्यारी बेटी भी है।

प्रेरणा: आज वह छोटे शहरों से आने वाली लड़कियों के लिए एक रोल मॉडल हैं।

कुल संपत्ति और आय (अनुमानित)

-कुल संपत्ति: ₹15–20 करोड़ (2025)

-मासिक आय: लगभग ₹28 लाख

-वार्षिक आय: लगभग ₹3.4 करोड़

सार्वजनिक छवि और प्रभाव

श्वेता सिंह आज केवल एक न्यूज़ एंकर नहीं, बल्कि भारतीय मीडिया का एक ‘पावरफुल ब्रैंड’ बन चुकी हैं। उनकी छवि और प्रभाव को इन 3 बिंदुओं में समझा जा सकता है:

प्रेरणा का स्रोत (Role Model): श्वेता ने खेल और रक्षा जैसे कठिन क्षेत्रों में रिपोर्टिंग कर उस पुरानी सोच को तोड़ दिया कि महिलाएँ केवल ‘सॉफ्ट न्यूज़’ ही कर सकती हैं।

आज वे करोड़ों युवा लड़कियों के लिए आत्मनिर्भरता और हिम्मत का प्रतीक हैं।

सांस्कृतिक गौरव: न्यूज़ रूम की चकाचौंध में भी श्वेता ने अपनी ‘बिहारी पहचान’ और हिंदी भाषा की शुद्धता को कभी नहीं छोड़ा।

यही कारण है कि वे हर आम भारतीय और खासकर बिहार के लोगों के दिल के करीब हैं।

विश्वसनीयता और नेतृत्व: एक एडिटर के तौर पर उन्होंने कई युवा पत्रकारों को रास्ता दिखाया है।

उनकी छवि एक ऐसी पत्रकार की है जो जटिल से जटिल खबर को अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और सरल अंदाज़ से दर्शकों तक पहुँचाती है।

इस बायोग्राफी की लेखिका स्निग्धा सिंह हैं।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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