धर्म की आड़ में अली असगर ने की दरिंदगी: बिहार के रोहतास जिले से लव जिहाद की एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि यहां एक मुस्लिम युवक ने अपना नाम और धर्म छिपाकर एक हिंदू महिला को प्रेम जाल में फंसाया और पिछले चार साल से उसका शारीरिक व मानसिक शोषण कर रहा था।
पहचान बदलकर दिया धोखा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोहतास की रहने वाली एक महिला जब देहरी में इन्वर्टर की बैटरी खरीदने गई, तो उसे अंदाजा भी नहीं था कि दुकानदार उसकी जिंदगी उजाड़ने का मन बना चुका है।
आरोपित अली असगर अंसारी ने अपनी असली पहचान छिपाते हुए खुद को पड्डू सरदार बताया।
इतना ही नहीं, उसने महिला और उसके परिवार का भरोसा जीतने के लिए माथे पर तिलक लगाना शुरू कर दिया।
वह अक्सर महिला के घर आता-जाता था और उसके पति व बच्चों से घुल-मिल गया, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
अश्लील वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल
धोखे की बुनियाद पर खड़ी यह दोस्ती जल्द ही दरिंदगी में बदल गई। पीड़िता के अनुसार, एक बार जब वह बीमार थी, तो अली असगर उसे दवा दिलाने के बहाने बनारस ले गया।
वहां उसने महिला को नशीला जूस पिलाकर बेहोश कर दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपित ने इस घिनौने कृत्य का वीडियो भी बना लिया।
इसी वीडियो और बच्चों को जान से मारने की धमकी के दम पर उसने पिछले चार साल तक महिला का शारीरिक और मानसिक शोषण किया। वह उसे दिल्ली ले जाकर भी अपनी हवस का शिकार बनाता रहा।
इस्लाम कुबूल करने का बनाया दबाव
धर्म की आड़ में अली असगर ने की दरिंदगी: जब महिला को अली असगर की असलियत का पता चला, तो उसने विरोध करना शुरू किया। इसके बाद शुरू हुआ प्रताड़ना का वो दौर जो रूह कंपा देता है।
पीड़िता का आरोप है कि अली असगर और उसके भाइयों ने उसे बेरहमी से पीटा। उसे जबरन गौ मांस (बीफ) खिलाने की कोशिश की गई और मना करने पर उसके दांत तोड़ने का प्रयास किया गया।
उसे बुर्का पहनने, हिजाब लगाने और हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया गया। क्रूरता की हद तो तब पार हो गई जब महिला को सिगरेट से जलाया गया।
पिस्तौल के दम पर फिर से की दरिंदगी
पीड़िता का संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ। उसका दावा है कि फरवरी 2026 में आरोपित अली असगर ने उसके घर में घुसकर पिस्तौल के बल पर उसके साथ जबरदस्ती की।
महिला का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय की गुहार लगा रही है, लेकिन आरोपित के हौसले बुलंद हैं।
वह खुलेआम उसे और उसके परिवार को खत्म करने की धमकियां दे रहा है, जिससे पूरा परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
धर्म की आड़ में अली असगर ने की दरिंदगी: इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस और प्रशासन की चुप्पी है। पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने 2023 में भी पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
महिला के पास वीडियो और फोटो के रूप में पुख्ता सबूत होने के बावजूद आरोपित को अब तक सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया है।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर प्रशासन किसे बचाने की कोशिश कर रहा है और इतनी बड़ी वारदात के बाद भी पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं?
यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे छद्म पहचान के जरिए जिंदगियां तबाह की जा रही हैं।
पीड़िता अब केवल इंसाफ चाहती है ताकि भविष्य में कोई और अली असगर किसी अन्य महिला के साथ ऐसी दरिंदगी न कर सके।
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