Thursday, March 26, 2026

रोहित शर्मा बायोग्राफी: शर्मा जी का लड़का कैसे बना हिटमैन

रोहित शर्मा बायोग्राफी: क्या एक खिलाड़ी कुछ ही महीनों में हार के सबसे दर्दनाक पल से उठकर इतिहास रच सकता है? रोहित शर्मा की कहानी इसी सवाल का जवाब देती है।

2023 के वनडे विश्व कप फाइनल में हार के बाद, जब स्टेडियम में जश्न किसी और के लिए था, रोहित बाउंड्री लाइन पर खड़े चुपचाप उस पल को देख रहे थे।

एक ऐसा सपना जो बस एक कदम दूर रह गया। उस हार ने सिर्फ ट्रॉफी नहीं छीनी, बल्कि करोड़ों उम्मीदों का भार भी उनके कंधों पर छोड़ दिया, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

सिर्फ सात महीनों के भीतर, बारबाडोस की उसी दुनिया में उन्होंने टी20 विश्व कप की ट्रॉफी उठाकर साबित कर दिया कि असली चैंपियन वही होता है जो गिरकर फिर खड़ा हो जाए।

एक समय के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज से लेकर दुनिया के सबसे खतरनाक ओपनर और फिर एक शांत लेकिन प्रभावशाली कप्तान बनने तक, रोहित का सफर लगातार खुद को बदलने और बेहतर बनाने की कहानी है।

तीन वनडे दोहरे शतक, एक ही विश्व कप में पांच शतक और अनगिनत रिकॉर्ड ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उस खिलाड़ी की पहचान हैं जिसने हर बार खुद को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उनकी कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि हिम्मत, धैर्य और अधूरे सपनों को पूरा करने की जिद की कहानी है।

पर्सनल प्रोफाइल

विवरणजानकारी
पूरा नामरोहित गुरुनाथ शर्मा
उपनामहिटमैन
जन्म तिथि30 अप्रैल 1987
आयु (2026)39 वर्ष
जन्मस्थानNagpur
गृहनगरMumbai
राष्ट्रीयताभारतीय
पेशाअंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर, पूर्व भारतीय कप्तान
बल्लेबाजी शैलीदाएं हाथ का बल्लेबाज
गेंदबाजी शैलीदाहिनी भुजा से ऑफ-ब्रेक
वनडे डेब्यू23 जून 2007 बनाम आयरलैंड
टेस्ट डेब्यूनवंबर 2013 बनाम वेस्ट इंडीज
टी20 डेब्यू2007 ICC T20 World Cup 2007
जर्सी नंबर45
आईपीएल टीमMumbai Indians
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पत्नीRitika Sajdeh
बच्चेसमायरा शर्मा (बेटी), अहान शर्मा (बेटा)
पुरस्कारपद्म श्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार
कुल संपत्ति (2026)लगभग ₹200–230 करोड़

प्रारंभिक जीवन और संघर्ष

रोहित शर्मा का जन्म 30 अप्रैल 1987 को महाराष्ट्र के नागपुर जिले के बंसोद में एक साधारण मराठी-तेलुगु परिवार में हुआ था।

उनकी मां विशाखापत्तनम से हैं, इसलिए बचपन से ही वे मराठी, हिंदी, तेलुगु और अंग्रेजी जैसी कई भाषाएं बोलते हुए बड़े हुए।

उनके पिता एक परिवहन कंपनी में केयरटेकर के रूप में काम करते थे, जिससे परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

इन्हीं हालातों के कारण रोहित को अपना बचपन थोड़ा अलग तरीके से जीना पड़ा। वे सप्ताह के दिनों में मुंबई के बोरीवली में अपने दादा-दादी और चाचा के साथ रहते थे और सिर्फ सप्ताहांत पर अपने माता-पिता से मिल पाते थे।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल, मुंबई में पढ़ाई की, जहां उनके कोच दिनेश लाड ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें सही दिशा दी।

शुरुआत में रोहित एक ऑफ-स्पिनर थे जो थोड़ा बहुत बल्लेबाजी भी कर लेते थे, लेकिन लाड ने उनकी क्षमता को देखते हुए उन्हें ओपनिंग करने का मौका दिया और मुफ्त में कोचिंग भी दी।

रोहित ने इस मौके को पूरी तरह भुनाया और अपने पहले ही मैच में ओपनर के रूप में शतक जड़ दिया यहीं से उस सफर की शुरुआत हुई जिसने आगे चलकर उन्हें “हिटमैन” बना दिया।

डोमेस्टिक क्रिकेट

रोहित शर्मा ने 2005 में लिस्ट ए क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की और जल्द ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

देवधर ट्रॉफी में उनकी शानदार 142* रन की पारी ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें एक उभरते हुए स्टार के रूप में पहचान दिलाई।

उनका खेल स्टाइलिश और सहज था, जिससे वे बाकी खिलाड़ियों से अलग नजर आते थे।

2006-07 सीजन में उन्होंने मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया और टीम के साथ चैंपियन भी बने।

मुंबई का मजबूत क्रिकेट सिस्टम उनके करियर की रीढ़ साबित हुआ, जिसने उनकी तकनीक और मानसिकता दोनों को निखारा।

हालांकि, यह सफर पूरी तरह आसान नहीं था। रोहित में प्रतिभा की कोई कमी नहीं थी, लेकिन शुरुआत में उनकी सबसे बड़ी चुनौती थी निरंतरता।

वे कभी शानदार प्रदर्शन करते, तो कभी साधारण और यही उतार-चढ़ाव आगे चलकर उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में भी देखने को मिला।

वनडे अंतरराष्ट्रीय करियर

रोहित शर्मा ने 2007 में आयरलैंड के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया, लेकिन उस मैच में उन्हें बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिला।

करियर के शुरुआती दौर में वे मध्य क्रम में खेलते थे और अक्सर अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में संघर्ष करते नजर आए।

2011 में उन्हें विश्व कप टीम से बाहर कर दिया गया यह उनके करियर का सबसे बड़ा झटका था, जिसने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया,

लेकिन 2013 में सब कुछ बदल गया, जब MS Dhoni ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान उन्हें ओपनिंग करने का मौका दिया।

यही फैसला उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। सलामी बल्लेबाज के रूप में उन्हें खेलने की आजादी, समय और नियंत्रण मिला और यहीं से शुरू हुआ रिकॉर्ड्स का सिलसिला।

उन्होंने 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209, 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 264 और 2017 में फिर श्रीलंका के खिलाफ 208* रन बनाए, जिससे वे वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बन गए।

2019 के आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में उन्होंने इतिहास रच दिया, जब एक ही टूर्नामेंट में 5 शतक बनाकर 648 रन के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। यह रिकॉर्ड आज भी खास माना जाता है।

उनके वनडे आंकड़े उनकी महानता को साबित करते हैं 9000 से ज्यादा रन, 29 से अधिक शतक और लगभग 49 का औसत। क्रिकेट इतिहास में बहुत कम ओपनर्स ऐसे हुए हैं, जिन्होंने इस स्तर का प्रभाव छोड़ा हो।

टेस्ट करियर: देर से मिली पहचान

रोहित शर्मा को लंबे समय तक सिर्फ सीमित ओवरों का खिलाड़ी माना जाता रहा। उनकी टेस्ट तकनीक और धैर्य पर अक्सर सवाल उठते थे,

लेकिन नवंबर 2013 में जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया, तो ईडन गार्डन्स में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 177 रन बनाकर उन्होंने आलोचकों को तुरंत जवाब दे दिया।

खास बात यह रही कि अगले ही मैच में उन्होंने एक और शतक जड़ दिया। हालांकि, इसके बाद भी उनका प्रदर्शन स्थिर नहीं रहा और उन्हें टीम से अंदर-बाहर होना पड़ा।

फिर 2019 में उनके करियर का एक और बड़ा टर्निंग पॉइंट आया, जब उन्हें टेस्ट में ओपनिंग करने का मौका मिला।

इस फैसले ने उनके लाल गेंद के करियर को पूरी तरह बदल दिया। सलामी बल्लेबाज के रूप में अपने पहले ही टेस्ट में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 176 रन बनाए और इसके बाद रांची में शानदार 212 रन की पारी खेली।

धीरे-धीरे उन्होंने विदेशों में भी खुद को साबित किया, खासकर 2021 में इंग्लैंड में लगाया गया शतक यह दिखाता है कि वे कठिन परिस्थितियों में भी सफल हो सकते हैं।

अपने टेस्ट करियर में रोहित 3000 से ज्यादा रन बना चुके हैं, कई शतक जड़ चुके हैं और भारत की टेस्ट टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। यह सफर साबित करता है कि सही मौका और भरोसा मिलने पर वे हर फॉर्मेट में खुद को साबित कर सकते हैं।

टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर: निडर और विस्फोटक अंदाज़

रोहित शर्मा टी20 फॉर्मेट के उन खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने इस खेल की परिभाषा ही बदल दी। वे उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने 2007 में पहला आईसीसी टी20 विश्व कप जीता था।

एक युवा खिलाड़ी के रूप में उन्होंने उस टूर्नामेंट में अहम छोटी पारियां खेलीं और अपनी उपयोगिता साबित की। समय के साथ, रोहित दुनिया के सबसे खतरनाक और विस्फोटक टी20 सलामी बल्लेबाजों में शामिल हो गए।

उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता, टाइमिंग और बड़े शॉट्स का शानदार मेल देखने को मिलता है। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में चार टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक शामिल हैं, जो लंबे समय तक एक रिकॉर्ड रहा।

उन्होंने श्री लंका नेशनल क्रिकेट टीम के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों में शतक लगाकर सबसे तेज टी20 शतक का संयुक्त रिकॉर्ड भी बनाया।

इसके अलावा 2024 में वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 600 छक्के लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने जो उनकी पावर-हिटिंग का सबूत है।

2024 के आईसीसी टी20 विश्व कप में उन्होंने भारत को कप्तान के रूप में जीत दिलाई और पूरी टीम टूर्नामेंट में अपराजित रही।

ट्रॉफी उठाने के कुछ ही समय बाद, उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर एक यादगार और विजयी विदाई ली।

कप्तानी का युग: शांत दिमाग, मजबूत नेतृत्व

रोहित शर्मा को दिसंबर 2021 में भारत का पूर्णकालिक श्वेत-गेंद कप्तान बनाया गया और कुछ ही समय बाद उन्हें टेस्ट टीम की कप्तानी भी सौंप दी गई। उन्होंने एक शांत, संतुलित और आत्मविश्वास भरी नेतृत्व शैली अपनाई, जिसे टीम ने तुरंत अपनाया।

रोहित हमेशा अपने खिलाड़ियों के साथ खड़े नजर आए चाहे हालात जैसे भी हों। दबाव के पलों में उनके फैसले साहसी होते थे, और उन्होंने ऐसा माहौल बनाया जहां खिलाड़ी बिना डर के खेल सकें।

उनका कप्तानी रिकॉर्ड भी उतना ही प्रभावशाली रहा। उन्होंने आईसीसी श्वेत-गेंद क्रिकेट में लगातार 13 मैच जीतकर विश्व रिकॉर्ड बनाया।

वे एकमात्र ऐसे कप्तान बने जिन्होंने आईसीसी के चारों बड़े टूर्नामेंट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (2023), वनडे विश्व कप (2023), टी20 विश्व कप (2024) और चैंपियंस ट्रॉफी (2025) के फाइनल में टीम को पहुंचाया,

जिनमें से दो खिताब भारत ने जीते। 2025 में उन्होंने वनडे कप्तानी शुभमन गिल को सौंपी, लेकिन उनका शांत, समझदार और भरोसे से भरा नेतृत्व भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

विवाद और चुनौतियां: उतार-चढ़ाव भरा सफर

रोहित शर्मा के करियर में कई ऐसे दौर आए, जहां उन्हें मैदान के बाहर भी मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

आईपीएल 2024 से पहले मुंबई इंडियंस की कप्तानी से हटाकर हार्दिक पंड्या को नया कप्तान बनाए जाने का फैसला काफी विवादों में रहा।

इस बदलाव से नाराज फैंस ने खुलकर विरोध किया, यहां तक कि वानखेड़े स्टेडियम में हार्दिक पांड्या को हूटिंग का भी सामना करना पड़ा।

2025 के अंत में जब वनडे कप्तानी शुभमन गिल को सौंपी गई, तब यह बहस छिड़ गई कि यह फैसला रोहित का खुद का था या फिर उन्हें हटाया गया।

इसी दौरान विरात कोहली के साथ उनके रिश्तों को लेकर भी अटकलें लगती रहीं, हालांकि बाद में सामने आई खबरों ने साफ किया कि दोनों के बीच संबंध पहले से बेहतर हो चुके हैं।

इसके अलावा, 2024 के अंत में न्यू ज़ीलैण्ड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-3 से टेस्ट सीरीज हारना और ऑस्ट्रेलिया में 1-3 से हार ने उनकी कप्तानी पर सवाल खड़े किए।

इन परिणामों के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ उनके तालमेल को लेकर भी चर्चा हुई। इन सभी चुनौतियों के बावजूद, रोहित ने हर बार संयम बनाए रखा और अपने खेल व नेतृत्व से जवाब देने की कोशिश की।

रोचक तथ्य और निजी जीवन

  • रोहित शर्मा ने 2023 में श्री रोहित शर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट (SRSCT Foundation) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारत भर में 20,000 से अधिक सरकारी स्कूलों के उन्नयन जैसे बड़े सामाजिक बदलाव लाना है।

गैंडों के संरक्षण के लिए उन्होंने केन्या जाकर आखिरी नर उत्तरी सफेद गैंडे “सूडान” से मुलाकात की और शिकार विरोधी जागरूकता को बढ़ावा दिया।

टीम के अंदर उन्हें “शाना” (मराठी में चतुर) कहा जाता है यह नाम युवराज सिंह ने लोकप्रिय बनाया।

  • विराट कोहली के अनुसार, रोहित कहीं भी और कभी भी सो सकते हैं। एक बार तो वे इतने गहरी नींद में थे कि टीम बस ही छूट गई क्योंकि कोई उन्हें जगा नहीं पाया गया।

वे अपने भुलक्कड़ स्वभाव के लिए भी मशहूर हैं कई बार पासपोर्ट, आईपैड, वॉलेट और यहां तक कि अपनी शादी की अंगूठी तक भूल चुके हैं।

  • 2009 में उन्होंने डेक्कन चार्जर्स की ओर से खेलते हुए मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल हैट्रिक ली थी बाद में उसी मुंबई इंडियंस टीम को उन्होंने पांच बार चैंपियन बनाया।

उनकी जर्सी नंबर 45 उनकी पहचान बन चुकी है, जिसे उनकी मां ने उनके अंडर-19 दिनों के दौरान चुना था और यह उनके लिए लकी साबित हुआ।

रिकॉर्ड और उपलब्धियां: आंकड़ों में महानता

प्रारूपमैचपारीरनउच्चतम स्कोरऔसतस्ट्राइक रेटशतकअर्धशतक
टेस्ट671164,30121240.0057.001218
वनडे28227411,57726448.0092.003361
टी201591514,23112132.00140.00532
आईपीएल2722677,04610929.00132.00247

राष्ट्रीय सम्मान

  • रोहित शर्मा को पद्म श्री (2020) से सम्मानित किया गया, जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।

उन्हें मेजर ध्यान चंद खेल रत्न (2020) से भी नवाज़ा गया, जो भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान माना जाता है।

  • अर्जुन पुरस्कार (2015) से सम्मानित किया गया, जो खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।

क्रिकेट पुरस्कार और प्रमुख रिकॉर्ड

  • रोहित शर्मा को दिलीप सरदेसाई पुरस्कार (2012-13) से सम्मानित किया गया, जो उन्हें सर्वश्रेष्ठ भारतीय क्रिकेटर के रूप में मिला।

बीसीसीआई विशेष पुरस्कार (2014) उन्हें वनडे क्रिकेट में ऐतिहासिक 264 रन की पारी के लिए दिया गया, जो आज भी एक विश्व रिकॉर्ड है।

उन्हें कई बार आईसीसी वनडे टीम ऑफ द ईयर (2014, 2016, 2017, 2018) में शामिल किया गया, जो उनकी निरंतरता को दर्शाता है।

सीईएटी इंडियन क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2016) का खिताब भी उनके नाम रहा।

  • आईसीसी वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2019) बनकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित की।

आईसीसी वनडे गोल्डन बैट (2019) उन्होंने विश्व कप में सबसे अधिक 648 रन बनाने के लिए जीता।

  • भारतीय खेल सम्मान स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर (2019) से भी उन्हें नवाज़ा गया।

आईसीसी पुरुष टी20आई क्रिकेटर ऑफ द डिकेड (2020) के लिए उन्हें नामांकित किया गया, जो उनके लंबे समय तक प्रभाव को दर्शाता है।

प्रमुख व्यक्तिगत रिकॉर्ड

  • रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट में 264 रन (श्रीलंका, 2014) का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर दर्ज है, जो आज भी विश्व रिकॉर्ड है।

वे वनडे में तीन दोहरे शतक (209, 264, 208)* लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं।

  • 2019 विश्व कप में उन्होंने एक ही टूर्नामेंट में 5 शतक बनाकर इतिहास रच दिया—यह रिकॉर्ड अब तक कोई नहीं तोड़ पाया।

विश्व कप में कुल मिलाकर 6 शतक (संयुक्त रिकॉर्ड) उनके नाम हैं, जो उनकी बड़े मैचों में निरंतरता दिखाता है।

  • जून 2024 में वे 600 अंतरराष्ट्रीय छक्के लगाने वाले पहले क्रिकेटर बने, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है।

अपनी 264 रन की पारी में उन्होंने वनडे की एक पारी में 186 रन सिर्फ बाउंड्री से बनाए—यह भी एक अनोखा रिकॉर्ड है।

  • 2024 टी20 विश्व कप में भारत को अपराजित रहते हुए खिताब जिताने वाले पहले कप्तान बने।

वे ऐसे इकलौते कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी के चारों प्रमुख टूर्नामेंटों के फाइनल में अपनी टीम को पहुंचाया।

  • कप्तान के रूप में उनके नाम आईसीसी श्वेत-गेंद क्रिकेट में लगातार 13 मैच जीतने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।

संन्यास, वर्तमान स्थिति और भविष्य की राह

Rohit Sharma ने 29 जून 2024 को बारबाडोस में टी20 विश्व कप जीत के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने इस फॉर्मेट के करियर को एक शानदार अंत दिया।

इसके बाद, उन्होंने 7 मई 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। फिलहाल वह वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं और शुभमन गिल की कप्तानी में एक अनुभवी सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे हैं, साथ ही 2026 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के टूर्नामेंट एंबेसडर भी हैं।

2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाला विश्व कप उनके करियर का आखिरी बड़ा मंच माना जा रहा है, जिसे जीतने की इच्छा वह खुलकर जाहिर कर चुके हैं।

2026 की शुरुआत तक उनके नाम 11,577 वनडे रन और 33 शतक दर्ज हैं, और वे सचिन तेंदुलकर के 49 शतकों के रिकॉर्ड के करीब पहुंचने की कोशिश में हैं।

रोहित ने श्वेत-गेंद क्रिकेट में सलामी बल्लेबाजी को नई परिभाषा दी है और अपने प्रदर्शन से भारत को कई यादगार जीत दिलाई हैं।

अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या “हिटमैन” अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर एक और विश्व कप जीतकर अपनी कहानी को ऐतिहासिक अंत दे पाएंगे।

लेखिका – नमिता देवड़ा

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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