मज़हबी का प्रेम जाल: डिजिटल युग में जहां तकनीक ने दूरियों को कम किया है, वहीं यह अपराधियों के लिए मासूमों को अपना शिकार बनाने का एक खतरनाक हथियार भी बन गई है।
ओडिशा के पुरी जिले से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग हिंदू लड़की को मोबाइल ऐप के जरिए प्रेम जाल में फंसाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार बांग्लादेश पंहुचा दिया गया।
मोबाइल ऐप से शुरू हुई साजिश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरी साजिश की नींव साल 2021 में एक मोबाइल ऐप के जरिए रखी गई थी।
आरोपी युवक ने अपनी असली पहचान छिपाकर खुद को एक बंगाली युवक बताया और नाबालिग लड़की से दोस्ती की। धीरे-धीरे उसने लड़की को अपने झांसे में ले लिया और 27 नवंबर 2021 को उसे अगवा कर लिया।
आरोपी पहले उसे पश्चिम बंगाल के कूचबिहार ले गया और फिर वहां से अवैध तरीके से सीमा पार कराकर बांग्लादेश पंहुचा दिया। उस वक्त पीड़िता की उम्र महज 16 वर्ष थी।
पांच साल से जी रही नर्क की जिंदगी
मज़हबी का प्रेम जाल: पीड़िता की मां, अंजलि परिडा ने जो आपबीती सुनाई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। उनकी बेटी पिछले 5 सालों से बांग्लादेश में बंधक बनी हुई है।
पीड़िता की मां के अनुसार, वहां उसे जानवरों की तरह रखा जा रहा है और उस पर लगातार इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के बीच लड़की किसी तरह अपनी मां से संपर्क कर पाती है।
हाल ही में 2 मार्च 2026 को हुई आखिरी बातचीत में पीड़िता ने रोते हुए बताया कि उसकी जान को गंभीर खतरा है और उसे जल्द से जल्द वहां से निकाला जाए।
मज़हबी की गुंडागर्दी के आगे बेबस हुआ परिवार
लापता होने के बाद परिवार ने अपनी स्तर पर खोजबीन जारी रखी थी। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि उनकी बेटी पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में है।
परिवार जब वहां पंहुचा, तो उन्हें अपनी बेटी मिल भी गई थी, लेकिन आरोपी की स्थानीय पहुंच और गुंडागर्दी के कारण वे उसे छुड़ाने में नाकाम रहे।
आरोपी ने दबंगई के दम पर परिवार को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया और बाद में लड़की को और भी सुरक्षित ठिकाने यानी बांग्लादेश भेज दिया, ताकि भारतीय कानून की पहुंच से दूर रहा जा सके।
एसपी प्रतीक सिंह का आश्वासन
बेटी की सुरक्षित वापसी के लिए हार मान चुकी मां ने अब पुरी के एसपी प्रतीक सिंह से न्याय की गुहार लगाई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। एसपी प्रतीक सिंह ने बताया कि चूंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय मामला है, इसलिए इसमें कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता होगी।
पुलिस अब ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) से संपर्क करने की तैयारी कर रही है।
सरकार और प्रशासन ने हर संभव कानूनी और कूटनीतिक कार्रवाई का भरोसा दिया है ताकि ओडिशा की इस बेटी को सुरक्षित स्वदेश लाया जा सके।
डिजिटल सुरक्षा और लव जिहाद के सिंडिकेट पर उठते सवाल
मज़हबी का प्रेम जाल: यह मामला केवल एक अपहरण का नहीं है, बल्कि यह ऑनलाइन सुरक्षा और युवाओं की इंटरनेट लत से जुड़े बड़े खतरों की ओर इशारा करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र के युवा अक्सर वर्चुअल दुनिया और असलियत में फर्क नहीं कर पाते, जिसका फायदा लव जिहाद जैसे सिंडिकेट से जुड़े अपराधी उठाते हैं।
सरकार और पुलिस लगातार एडवाइजरी जारी कर रही है कि सोशल मीडिया या अनजान ऐप्स पर किसी भी अजनबी पर भरोसा न करें, क्योंकि एक छोटी सी गलती जीवन भर के लिए नर्क का द्वार खोल सकती है।
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