प्रयागराज पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: एक धमाका और देखते ही देखते पूरा इलाका दहल उठा। प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर सोमवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
फैक्ट्री मालिक नौशाद को मंगलवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, वह शहर से बाहर भागने की कोशिश कर रहा था। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी है।
तड़के 4 बजे पुलिस से हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, नौशाद को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। मंगलवार सुबह करीब 4 बजे सैयद सरावां इलाके में पुलिस की टीम का सामना नौशाद से हुआ।
इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई। पुलिस की कार्रवाई में नौशाद के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घायल होने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस ने इस मामले में नौशाद, उसकी पत्नी शबाना, बेटे समेत परिवार के छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
नौशाद की पत्नी शबाना को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। उससे घटना और फैक्ट्री के संचालन को लेकर पूछताछ की जा रही है।
8 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत
सोमवार को हुए इस हादसे में 8 बच्चों समेत कुल 11 लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद मंगलवार को सभी शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
मृतकों के परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच चुके हैं। हादसे के बाद परिवारों में मातम पसरा हुआ है और लोग अपनों के शव मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
10 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
विस्फोट के बाद इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस, एयरफोर्स, NDRF और SDRF के करीब 200 जवानों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया।
मलबा काफी ज्यादा होने के कारण बचाव टीमों को कई घंटे तक लगातार काम करना पड़ा।
मलबा हटाने के लिए 10 बुलडोजर लगाए गए। सुबह शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन रात करीब 11 बजे तक चला।
करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद अभियान पूरा किया गया।
फैक्ट्री के पास बने गोदाम पर भी कार्रवाई
हादसे के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री से करीब 400 मीटर दूर बने गोदाम को भी बुलडोजर से ढहा दिया। अधिकारियों की कार्रवाई के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
मामले में लापरवाही को लेकर थाना प्रभारी विकास सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है।
वहीं दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फैक्ट्री में पटाखा बनाने और बारूद रखने की अनुमति थी या नहीं।
धमाका कैसे हुआ? वजह अभी साफ नहीं
फैक्ट्री में विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
हालांकि मौके पर मौजूद एक महिला ने बताया कि बिजली का खंभा गिरने के बाद फैक्ट्री में रखे बारूद में तेज धमाका हुआ।
एक और अहम बात यह है कि यह फैक्ट्री प्रयागराज के मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर चल रही थी।
ऐसे में फैक्ट्री के संचालन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
PM मोदी और CM योगी ने जताया दुख
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है।
प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की बात कही है।
अब पुलिस की जांच का फोकस हादसे की असली वजह, फैक्ट्री के संचालन और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर है।
साथ ही यह सवाल भी सामने है कि एयरफोर्स स्टेशन के इतने करीब यह फैक्ट्री आखिर कैसे चल रही थी।

