POK में खुलेआम जिहादी जलसे: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर आतंकवाद बिना किसी डर के सड़कों पर उतर आया है।
जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर और भारत के वांटेड आतंकी मसूद इलयास कश्मीरी उर्फ अबू मोहम्मद ने रावलाकोट के सप्लाई बाजार चौक पर खुलेआम हथियारबंद आतंकियों के साथ मजमा लगाया।
यह नज़ारा एक बार फिर साबित करता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद को न सिर्फ़ संरक्षण मिल रहा है, बल्कि उसे सार्वजनिक मंच भी दिया जा रहा है।
‘जिहाद ही हमारी पहचान है’, जैश कमांडर का खुला ऐलान
जैश कमांडर अबू मोहम्मद ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सरकार मदद करे या न करे, जैश-ए-मोहम्मद की पहचान जिहाद और आतंकवाद ही रहेगी।
उसने साफ शब्दों में कहा कि संगठन अपने एजेंडे से पीछे हटने वाला नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर और ‘गजवा-ए-हिंद’ का जिक्र
इस जिहादी मजमे में सबसे बड़ा खुलासा ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हुआ। जैश कमांडर ने दावा किया कि भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने इसे ‘गजवा-ए-हिंद’ करार दिया था।
उसके मुताबिक, भारत द्वारा जैश के ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद आसिम मुनीर ने भारत के खिलाफ धार्मिक युद्ध का नारा दिया।
बहावलपुर हमले की सच्चाई सबसे पहले इसी आतंकी ने बताई थी
POK में खुलेआम जिहादी जलसे: यही मसूद इलयास कश्मीरी वह आतंकी है जिसने सबसे पहले यह खुलासा किया था कि 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर में मौलाना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य मारे गए थे।
उस वक्त इस जानकारी ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी नेटवर्क दोनों को बेनकाब कर दिया था।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई, ‘बुनयान अल मरसूस’
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अपनी जवाबी कार्रवाई को ‘बुनयान अल मरसूस’ नाम दिया। इसका अर्थ बताया गया, शीशे जैसी मजबूत दीवार।
इस नाम के ज़रिये पाकिस्तान ने दुनिया को यह दिखाने की कोशिश की कि वह भारत के सामने मज़बूती से खड़ा है।
हालांकि, भारत के डेलीगेशन में शामिल AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के इन दावों को खोखला साबित कर दिया।
PoK से खैबर पख्तूनख्वाह तक, जैश के रोड शो
POK में खुलेआम जिहादी जलसे: 5 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद ने सिर्फ़ PoK ही नहीं, बल्कि खैबर पख्तूनख्वाह में भी बड़े पैमाने पर रोड शो निकाले।
सिंध के नवाबशाह में भी जैश की मौजूदगी देखी गई। रावलाकोट में हुए मजमे ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान के कई हिस्सों में आतंकियों को खुली छूट दी जा रही है।
लश्कर-ए-तैयबा की धमकियां, लाहौर में भारत विरोधी नारे
जैश के साथ-साथ लश्कर-ए-तैयबा भी पीछे नहीं रहा। लाहौर में आयोजित पाकिस्तान मिल्ली मुस्लिम लीग के जलसे में लश्कर और जमात-उद-दावा के पदाधिकारी सैयद अब्दुल रहमान नकवी ने भारत के खिलाफ पुराने उग्र नारे दोहराए, आगरा, डक्कन और दिल्ली को निशाना बनाने की खुली धमकियां दी गईं।
आतंकी हमलों के बाद भी पाकिस्तान का दोहरा चेहरा
6 फरवरी को इस्लामिक स्टेट खोरासान द्वारा शिया मस्जिद पर किए गए हमले में 31 से अधिक लोगों की मौत हो गई।
इसके बावजूद पाकिस्तान सरकार आतंकियों पर शिकंजा कसने के बजाय उन्हें जलसे, सुरक्षा और मंच मुहैया करवा रही है।
यह रवैया साफ दिखाता है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ नहीं, बल्कि उसके साथ खड़ा है।
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