पीएम राहत योजना: भारत में हर वर्ष लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा देते हैं या गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी गोल्डन आवर में सही उपचार मिल जाए तो लगभग 50 प्रतिशत तक मौतों को रोका जा सकता है।
इसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने PM RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) योजना की शुरुआत की है।
यह योजना देशभर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल और कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है, ताकि आर्थिक कारणों से किसी की जान न जाए।
क्या है PM RAHAT योजना
पीएम राहत (PM-RAHAT) योजना को आधिकारिक रूप से 14 फरवरी 2026 को केंद्र सरकार ने लॉन्च किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी दिन नई PMO (Seva Teerth) से इस योजना को मंजूरी दी और इसे पूरी तरह से देशभर में लागू किया गया।
इसका लक्ष्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल कैशलेस चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है ताकि गोल्डन आवर में उपचार के कारण होने वाली मौतों को रोका जा सके।
योजना के उद्देश्य
पीएम राहत योजना: पीएम राहत योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा की गई है और इसका संचालन Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) के अधीन किया जा रहा है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कर जीवन रक्षक उपचार उपलब्ध कराना है।
सरकार का लक्ष्य एक ऐसी संरचित और प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली तैयार करना है, जो दुर्घटना की सूचना से लेकर अस्पताल भुगतान तक पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाए।
कैशलेस उपचार की सुविधा
पीएम राहत योजना के अंतर्गत किसी भी सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग या शहरी सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाता है।
इसका अर्थ है कि पीड़ित या उसके परिजनों को अस्पताल में भर्ती के समय कोई अग्रिम भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
गैर-जीवन-घातक मामलों में 24 घंटे तक और जीवन-घातक स्थिति में 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है,
जो पुलिस सत्यापन के अधीन होती है। यह प्रावधान गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
112 सेवा से एकीकरण
पीएम राहत योजना: इस योजना को Emergency Response Support System (ERSS) 112 से जोड़ा गया है।
दुर्घटना होने पर पीड़ित, राहगीर या कोई भी मददगार व्यक्ति 112 पर कॉल कर सकता है। कॉल मिलते ही एंबुलेंस सेवा सक्रिय हो जाती है और घायल को निकटतम नामित अस्पताल तक पहुंचाया जाता है।
इससे पुलिस, एंबुलेंस और अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है और गोल्डन आवर के भीतर उपचार संभव हो पाता है।
अस्पतालों को भुगतान की व्यवस्था
अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष वित्तीय तंत्र बनाया गया है। इसके तहत भुगतान Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) के माध्यम से किया जाता है।
यदि दुर्घटना में शामिल वाहन बीमित है, तो बीमा कंपनियों द्वारा भुगतान किया जाएगा। वहीं, बिना बीमा वाले या हिट-एंड-रन मामलों में खर्च केंद्र सरकार के बजटीय प्रावधान से वहन किया जाएगा।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत दावों का निपटान 10 दिनों के भीतर करने का प्रावधान है, जिससे अस्पतालों को आर्थिक बाधा का सामना न करना पड़े।
योजना की डिजिटल प्रोसेसिंग
पीएम राहत योजना: योजना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है। दुर्घटना की जानकारी eDAR (Electronic Detailed Accident Report) में दर्ज की जाती है,
जबकि दावों का निपटान TMS 2.0 के माध्यम से किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख National Health Authority (NHA) द्वारा की जाती है।
डिजिटल एकीकरण से पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित होता है।
PM RAHAT योजना की आवेदन प्रक्रिया
इस योजना का लाभ लेने के लिए पीड़ित को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। दुर्घटना की सूचना 112 पर देने के बाद पुलिस सत्यापन और अस्पताल द्वारा डिजिटल एंट्री के माध्यम से पूरी प्रक्रिया स्वतः संचालित होती है।
शिकायतों के समाधान के लिए जिला स्तर पर व्यवस्था की गई है, जहां जिला सड़क सुरक्षा समिति की निगरानी में शिकायतों का निवारण किया जाता है।
पीएम राहत योजना भारत में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है। यह योजना न केवल दुर्घटना पीड़ितों को आर्थिक राहत देती है,
बल्कि एक ऐसी प्रणाली स्थापित करती है जो समय पर उपचार सुनिश्चित कर हजारों जिंदगियां बचा सकती है।
यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाता है, तो यह देश में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों की संख्या को उल्लेखनीय रूप से कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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