लोकसभा में PM मोदी का बयान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार 23 मार्च 2026 को लोकसभा में पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी संघर्ष, विशेषकर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर देश को संबोधित किया।
पीएम मोदी का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Global Energy Supply Chain) अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए पूरी तरह तैयार है।
पश्चिम एशिया संकट
प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को अत्यधिक चिंताजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी इस जंग का असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
चूंकि कच्चा तेल और गैस का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है, इसलिए भारत की चिंता स्वाभाविक है।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि बातचीत और कूटनीति (Dialogue and Diplomacy) ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है और यह युद्ध मानवता के हित में नहीं है।
रेलवे का विद्युतीकरण और डीजल की बचत
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले एक दशक में किए गए संरचनात्मक सुधारों ने आज भारत को इस वैश्विक संकट में एक सुरक्षा कवच प्रदान किया है।
उन्होंने विशेष रूप से भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण (Railway Electrification) का उल्लेख किया।
अगर रेलवे का इतने व्यापक स्तर पर विद्युतीकरण नहीं हुआ होता, तो भारत को हर साल करीब 1.8 अरब लीटर अतिरिक्त डीजल की जरूरत पड़ती।
इस कदम से न केवल तेल की खपत कम हुई है, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता भी घटी है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत हो रही है।
तेल आयात का विविधीकरण । Strategic Petroleum Reserves
लोकसभा में PM मोदी का बयान: ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) पर बात करते हुए पीएम मोदी ने एक महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा किया।
उन्होंने बताया कि बीते 11 वर्षों में भारत ने ऊर्जा आयात का बड़े पैमाने पर विविधीकरण किया है।
पहले भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए 27 देशों पर निर्भर था, लेकिन आज यह दायरा बढ़कर 41 देशों तक पहुंच गया है।
स्ट्रैटेजिक स्टोरेज: भारत के पास वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व है।
सरकार 65 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडार बनाने पर तेजी से काम कर रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
LPG सप्लाई: भारत अपनी जरूरत का 60% एलपीजी आयात करता है, इसलिए घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य । Strait of Hormuz
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की।
उन्होंने कहा कि समुद्री व्यापार मार्गों को अवरुद्ध करना अस्वीकार्य है। भारत अपनी कूटनीति के जरिए भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
तटीय सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि कोई भी तत्व इस संकट का गलत फायदा न उठा सके।
मिशन मोड में भारतीयों की सुरक्षा
क्षेत्र में रह रहे लगभग 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पीएम मोदी ने सदन को जानकारी दी कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं।
इसमें ईरान से लाए गए लगभग 1,000 भारतीय (जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र हैं) शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की है ताकि प्रभावितों को त्वरित सहायता मिल सके।
एथेनॉल ब्लेंडिंग और रिन्यूएबल एनर्जी का विस्तार
लोकसभा में PM मोदी का बयान: भविष्य की रणनीति पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है।
11 साल पहले जो ब्लेंडिंग महज 1% थी, वह अब बढ़कर 20% तक पहुंच गई है। इसके साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) के विस्तार से भारत धीरे-धीरे बाहरी जोखिमों को कम कर रहा है।
उन्होंने राज्य सरकारों से भी अपील की कि वे इस संकट के दौरान आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं।
संसद की एकजुट आवाज
संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि इस वैश्विक संकट के समय भारत की संसद से दुनिया को एक एकजुट आवाज जानी चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि भारत हमेशा शांति और मानवता के पक्ष में खड़ा है और सभी पक्षों को तनाव कम करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
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