Pastor Bajinder Singh: जालंधर के ‘चमत्कारी’ पादरी बजिंदर सिंह पास्टर, जो ये दावा करते हैं कि वो लकवा, एचआईवी और कैंसर तक ठीक कर सकते हैं, अब खुद कानून के शिकंजे में फंस चुके हैं। मोहाली कोर्ट ने उन्हें यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी करार दिया है, और 1 अप्रैल को उनकी सजा का ऐलान होगा।
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Pastor Bajinder Singh: ढोंगी “बजिंदर पास्टर” दोषी करार
मोहाली कोर्ट ने शुक्रवार को चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विस्डम के पादरी बजिंदर सिंह को यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी करार दे दिया है। कोर्ट ने सजा के ऐलान के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की है। जीरकपुर की एक महिला ने पादरी के खिलाफ रेप और अश्लील हरकतों के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया था।
कैसे फंसा पादरी बजिंदर सिंह?
Pastor Bajinder Singh: पीड़िता की शिकायत पर जीरकपुर पुलिस ने पादरी समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस मामले में अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, सुच्चा सिंह, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप उर्फ पहलवान को भी नामजद किया गया था। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (बलात्कार), 420 (धोखाधड़ी), 354 (महिला पर हमला), 294, 323, 506, 148 और 149 के तहत मामला दर्ज किया था।
वायरल वीडियो ने बजिंदर की मुश्किलें बढ़ायी
Pastor Bajinder Singh: सोशल मीडिया पर एक CCTV फुटेज वायरल हुआ था, जिसमें पादरी बजिंदर सिंह एक महिला को थप्पड़ मारते और उसके साथ दुर्व्यवहार करते दिख रहे था। यह घटना 14 फरवरी को चंडीगढ़ स्थित उनके ऑफिस में हुई थी। वीडियो में पादरी को महिला के चेहरे पर कागज़ फेंकते और उसे कई बार धक्का देते हुए भी देखा गया। ये महिला उस ही के ऑफिस में काम करती थी।
चमत्कारी इलाज का दावा, पर खुद अपराधी
पादरी बजिंदर सिंह खुद को ‘चमत्कारी इलाज करने वाला’ बताकर लाखों अनुयायियों को अपनी ओर आकर्षित करता था। यूट्यूब पर उनके 3.7 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स और इंस्टाग्राम पर 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह दावा करते हैं कि एचआईवी, कैंसर और लकवे तक का इलाज प्रार्थना से कर सकते हैं। लेकिन अब उनकी सच्चाई सामने आ चुकी है।
पहले भी रहा विवादों में
Pastor Bajinder Singh: यह पहली बार नहीं है जब बजिंदर सिंह पर ऐसे आरोप लगे हैं। साल 2018 में उन्हें एक महिला के साथ बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले, वह हत्या के एक मामले में भी जेल जा चुके हैं।
अब 1 अप्रैल को मोहाली कोर्ट उनकी सजा का ऐलान करेगी। सवाल यह है कि क्या इतने गंभीर आरोपों के बाद भी उनके अनुयायी उनका समर्थन करते रहेंगे? या फिर धार्मिक आस्था की आड़ में पाखंड करने वालों की सच्चाई सबके सामने आ जाएगी?
बजिंदर ढ़ोग के पीछे धर्मान्तरण का बड़ा खेल चल रहा था?
बजिंदर पास्टर को अकसर मरे को जिन्दा करते, बड़ी-बाद बीमारियों का इलाज करते देखा गया। लेकिन कई जगह ऐसा दावा किया गया कि इसके पीछे वो एक धर्मांतरण का बड़ा खेल भी खेल रहा था। गरीब और मजबूर लोगों को चमत्कार के नाम पर बहलाकर उनका धर्म बदलवाने की कोशिश की जा रही थी।अब ये चमत्कारों का असर है या धोखे की दुनिया इसका जवाब तो कोर्ट ने उनकी असलियत सामने लाकर दे ही दिया है। उम्मीद है कि लोग इस घटना से सबक लेंगे और भविष्य में ऐसे बाबाओं के झांसे में आने से बचेंगे।