पलकी शर्मा उपाध्याय बायोग्राफी: आज के समय में जब समाचार की दुनिया अक्सर शोर-शराबे, बहसों और सनसनी से भरी रहती है, वहीं कुछ आवाजें ऐसी भी हैं जो तथ्यों, तर्क और गहराई के साथ अपनी अलग पहचान बनाती हैं। ऐसी ही एक प्रभावशाली आवाज हैं पलकी शर्मा उपाध्याय।
एक सरकारी चैनल में मात्र ₹800 प्रतिमाह के वेतन से अपने करियर की शुरुआत करने वाली पाल्की शर्मा आज वैश्विक स्तर पर पहचानी जाने वाली पत्रकारों में शामिल हैं। उन्होंने न केवल खबरें प्रस्तुत कीं बल्कि खबरों को देखने और समझने का एक नया तरीका भी दिया।
पलकी शर्मा उपाध्याय बायोग्राफी: उनकी पहचान केवल एक एंकर के रूप में नहीं बल्कि एक ऐसी पत्रकार के रूप में है जो अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को भारतीय दृष्टिकोण से समझाने की क्षमता रखती हैं। उनका मानना है कि “पत्रकारिता कोई चुना हुआ पेशा नहीं था, बल्कि पत्रकारिता ने ही मुझे चुना।”
व्यक्तिगत जानकारी
| पूरा नाम | Palki Sharma Upadhyay |
| जन्म तिथि | 29 मई 1982 |
| जन्म स्थान | Pilani |
| आयु | लगभग 43 वर्ष (2025 के अनुसार) |
| गृह नगर | Delhi |
| पेशा | पत्रकार, न्यूज एंकर, संपादक |
| प्रसिद्धि | Gravitas और Vantage जैसे कार्यक्रमों की मेजबानी |
| पत्रकारिता में सक्रिय वर्ष | 2002 – वर्तमान |
| भाषाएँ | हिंदी, अंग्रेज़ी, फ्रेंच (C1 स्तर) |
| पति | Sanket Upadhyay |
| बच्चे | बेटी – मान्या उपाध्याय |
| पिता | लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) के.के. शर्मा |
| धर्म / जाति | हिंदू धर्म / ब्राह्मण |
| अनुमानित संपत्ति | ₹15–20 करोड़ |
| व्यापारिक उद्यम | “Reva” साड़ी ब्रांड |
प्रारंभिक जीवन: अनुशासन और संस्कारों की विरासत
पलकी शर्मा का जन्म राजस्थान के पिलानी में एक ऐसे परिवार में हुआ जहाँ अनुशासन, देशभक्ति और रचनात्मकता तीनों का अनूठा संगम था।
उनके पिता भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल रहे और इससे पहले वे प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर भी रहे थे। सेना की पृष्ठभूमि होने के कारण उनका बचपन कई शहरों में बीता।
लगातार स्थानांतरण ने उन्हें अलग-अलग संस्कृतियों को समझने और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता दी।
उनकी माँ एक प्रसिद्ध ब्यूटीशियन थीं, जिनसे पाल्की को सौंदर्यबोध और प्रस्तुति की समझ मिली।
हालाँकि उनका जन्म राजस्थान में हुआ, लेकिन उनका अधिकांश बचपन दिल्ली में बीता। यहीं से उन्होंने शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा।
शिक्षा: साहित्य से पत्रकारिता तक का सफर
पाल्की बचपन से ही पढ़ाई और भाषा दोनों में रुचि रखती थीं।
उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा शिमला के लोरेटो कॉन्वेंट, तारा हॉल से प्राप्त की। यह वही समय था जब उन्होंने लेखन और वाद-विवाद में रुचि विकसित की।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कॉलेज Hindu College से अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
पत्रकारिता के प्रति बढ़ती रुचि के कारण उन्होंने जयपुर स्थित ICG Institute for Educational Research and Development से संचार और पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की।
इसके अलावा उन्होंने Alliance Française de Delhi से फ्रेंच भाषा का C1 स्तर का प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया। यह भाषा ज्ञान बाद में यूरोप से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को समझने और प्रस्तुत करने में उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ।
करियर की शुरुआत: ₹800 से शुरू हुआ सफर
पलकी शर्मा की पत्रकारिता यात्रा किसी योजनाबद्ध तरीके से नहीं बल्कि एक संयोग से शुरू हुई।
साल 2002 में, जब वे अभी पढ़ाई कर रही थीं, तभी Doordarshan के एक प्रतिनिधि की नजर उन पर पड़ी।
उन्हें समाचार पढ़ने और रिपोर्टिंग का अवसर मिला। उस समय उनका वेतन मात्र ₹800 प्रतिमाह था।
यह दौर उनके लिए सीखने का समय था। लाइव प्रसारण, कैमरे के सामने आत्मविश्वास और समाचार प्रस्तुति की तकनीक उन्होंने यहीं सीखी।
प्रिंट मीडिया का अनुभव
पलकी शर्मा उपाध्याय बायोग्राफी: 2004 में उन्होंने Hindustan Times में स्टाफ राइटर के रूप में काम शुरू किया।
यहाँ उन्होंने लेखन, शोध और विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया। इसी दौरान उनकी विश्लेषणात्मक शैली विकसित हुई जो आगे चलकर उनके टीवी कार्यक्रमों की पहचान बनी।
मुख्यधारा में पहचान: CNN-News18 का दौर
2005 में पाल्की ने CNN‑News18 (तब CNN-IBN) जॉइन किया।
यहाँ उन्होंने लगभग 11 वर्षों तक काम किया और एक रिपोर्टर से लेकर सीनियर एडिटर तथा प्राइम-टाइम एंकर तक का सफर तय किया।
इस दौरान उन्होंने संसद सत्र, राष्ट्रीय राजनीति और कई बड़े सामाजिक मुद्दों को कवर किया।
धीरे-धीरे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक राजनीति पर विशेष पकड़ बना ली।
2007 में उन्हें “Best News Reader” पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
WION और “Gravitas”: वैश्विक पहचान
पलकी शर्मा के करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्होंने WION से जुड़कर प्रबंध संपादक का पद संभाला।
यहीं उन्होंने अपना प्रसिद्ध शो Gravitas शुरू किया।
यह कार्यक्रम विश्व राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और वैश्विक घटनाओं को एक भारतीय दृष्टिकोण से समझाने के लिए जाना जाता है।
इस शो की खास बात थी कि इसमें शोर-शराबे की जगह तथ्यों, विश्लेषण और शांत प्रस्तुति को महत्व दिया जाता था।
कोविड-19 महामारी और Russia‑Ukraine War के दौरान उनके कार्यक्रमों को विश्वभर में बड़ी संख्या में देखा गया।
उनके नेतृत्व में WION का डिजिटल विस्तार तेजी से बढ़ा और यूट्यूब पर इसकी वैश्विक पहुंच करोड़ों दर्शकों तक पहुँच गई।
WION से विदाई
पलकी शर्मा उपाध्याय बायोग्राफी: सितंबर 2022 में पाल्की शर्मा ने WION से इस्तीफा दे दिया।
उनके नोटिस पीरियड को लेकर विवाद भी हुआ जिसने मीडिया में काफी चर्चा बटोरी।
हालाँकि यह निर्णय उनके करियर में एक नए अध्याय की शुरुआत साबित हुआ।
Firstpost और “Vantage”: डिजिटल पत्रकारिता का नया अध्याय
2023 में उन्होंने Network18 के साथ मिलकर Firstpost पर एक नया कार्यक्रम शुरू किया –
Vantage with Palki Sharma
यह शो वैश्विक घटनाओं को भारतीय दृष्टिकोण से समझाने पर आधारित था।
कुछ ही समय में यह कार्यक्रम बेहद लोकप्रिय हो गया और Firstpost के यूट्यूब चैनल को प्रति माह 100 मिलियन से अधिक व्यूज़ मिलने लगे।
पलकी यहाँ केवल एंकर ही नहीं थीं बल्कि डिजिटल-फर्स्ट रणनीति की प्रमुख योजनाकार भी थीं।
एक नई उड़ान: 2026 और स्वतंत्र मीडिया उद्यम
जनवरी 2026 में पाल्की ने एक बड़ा फैसला लेते हुए नेटवर्क18 से इस्तीफा दे दिया। अब वह अपने स्वयं के स्वतंत्र मीडिया उद्यम की नींव रख रही हैं।
उनका उद्देश्य एक ऐसा डिजिटल मंच तैयार करना है जो भू-राजनीति और निष्पक्ष कहानियों पर केंद्रित हो, जो किसी बाहरी दबाव से मुक्त और पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित हो।
पत्रकारिता की शैली: “बिना चिल्लाए, तथ्यों की बात”
भारतीय मीडिया जहाँ अक्सर शोर-शराबे और चिल्लाने वाली बहसों के लिए जाना जाता है, वहीं पलकी ने ‘शांत लेकिन दृढ़’ शैली को अपनी पहचान बनाया। वह जटिल आर्थिक और कूटनीतिक मुद्दों (जैसे AI निवेश, जलवायु न्याय या वैश्विक मुद्रास्फीति) को बहुत ही सरल उदाहरणों से समझाती हैं।
उनका प्रसिद्ध कथन: “दुनिया कहानियों की एक भव्य प्रतियोगिता है। यदि आप किसी देश या समुदाय को खत्म करना चाहते हैं, तो उनकी कहानियों को जहर दे दें। हम यहाँ अपनी कहानियों को वापस पाने के लिए हैं।
पुरस्कार और सम्मान
| 2007 | सर्वश्रेष्ठ समाचार वाचक |
| 2021 | टीवी एंकर ऑफ द ईयर |
| 2022 | मीडिया में उत्कृष्ट योगदान |
| 2023 | भारत अस्मिता जन जागरण पुरस्कार |
| 2023 | सबसे स्टाइलिश पत्रकार |
विवाद
WION के साथ कानूनी जंग (2022): ज़ी मीडिया (WION) से इस्तीफा देने के बाद कंपनी ने उन पर ‘नोटिस पीरियड’ पूरा न करने और गोपनीय जानकारी साझा करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में केस किया था। कोर्ट ने पलकी को राहत देते हुए नए नेटवर्क (Network18) में काम करने की अनुमति दे दी थी।
पश्चिमी मीडिया से टकराव: पाल्की अक्सर BBC और CNN जैसे विदेशी मीडिया चैनलों के ‘भारत-विरोधी’ नजरिए को चुनौती देती हैं। इसके कारण पश्चिमी आलोचक उन पर ‘अति-राष्ट्रवादी’ (Ultra-Nationalist) होने का आरोप लगाते रहे हैं।
फर्स्टपोस्ट से अचानक इस्तीफा (2026): जनवरी 2026 में नेटवर्क18 छोड़ने के उनके फैसले ने मीडिया जगत में खलबली मचा दी। इसे उनके स्वतंत्र मीडिया उद्यम शुरू करने की महत्वाकांक्षा और पुराने संस्थान के साथ वैचारिक मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है।
न्यूज़ रूम संस्कृति पर खुलासे: उन्होंने मीडिया इंडस्ट्री के भीतर ‘शोषणकारी कार्य संस्कृति’ और महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव पर बेबाकी से बयान दिए हैं, जिससे कई बड़े मीडिया घरानों में असहज स्थिति पैदा हुई थी।
तथ्यात्मक चुनौतियाँ: कई बार उनके शो के ग्राफ़िक्स या पुरानी तस्वीरों के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर ‘फैक्ट-चेकर्स’ के साथ उनकी बहस हुई है।
3 प्रमुख इंटरव्यू और कवरेज
यूक्रेन के राजदूत (इगोर पोलिखा): रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान लिया गया यह इंटरव्यू बेहद भावुक और तीखा था। पाल्की ने युद्ध के बीच भारत की तटस्थता (Neutrality) पर दुनिया का पक्ष रखा, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खूब चर्चा हुई।
बिल गेट्स (Bill Gates): जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर इस बातचीत में पाल्की ने गेट्स से विकासशील देशों के हक में कड़े सवाल पूछे। उन्होंने अमीर देशों की जिम्मेदारी पर गेट्स को घेरकर सबको चौंका दिया था।
ऑक्सफोर्ड यूनियन (Oxford Union): यहाँ उन्होंने किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे ‘पश्चिमी नैरेटिव’ का इंटरव्यू लिया। उन्होंने विदेशी बुद्धिजीवियों के सामने तथ्यों के साथ साबित किया कि भारत के प्रति दुनिया का नजरिया अक्सर पक्षपाती होता है। यह वीडियो वैश्विक स्तर पर वायरल हुआ।
व्यक्तिगत जीवन और उद्यमिता
साड़ी और संस्कृति: पाल्की ने अपनी पहचान को भारतीय संस्कृति से जोड़ा है। वह अक्सर पारंपरिक भारतीय बुनकरों की साड़ियाँ पहनती हैं। उन्होंने “REWA” नाम से अपना एक साड़ी ब्रांड भी शुरू किया है।
परिवार: 2008 में उन्होंने अपने साथी पत्रकार संकेत उपाध्याय से शादी की। उनकी एक बेटी है, मान्या। पाल्की अक्सर कामकाजी माताओं (Working Mothers) के संघर्षों और उनके ‘गिल्ट’ (दोषबोध) पर खुलकर बात करती हैं, जिससे वह लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
कुल संपत्ति
कुल संपत्ति (Net Worth): अनुमानित ₹20 करोड़ से ₹35 करोड़ (लगभग $4 मिलियन)।
सालाना कमाई: करीब ₹3 करोड़ – ₹4 करोड़ (सभी स्रोतों को मिलाकर)।
अनसुने और रोचक तथ्य
इत्तेफाकन शुरुआत: पाल्की कभी पत्रकार नहीं बनना चाहती थीं; वह डिज़ाइनर बनना चाहती थीं। कॉलेज में पॉकेट मनी के लिए उन्होंने ₹800 की सैलरी पर दूरदर्शन जॉइन किया और सफर शुरू हो गया।
साड़ी—एक ‘पावर ड्रेस’: मातृत्व के बाद उन्होंने साड़ी को अपना ‘प्रोफेशनल आर्मर’ (पेशेवर कवच) बनाया ताकि न्यूज़ रूम में पारंपरिक पहनावे को भी आधुनिक और शक्तिशाली दिखाया जा सके।
महाभारत का प्रभाव: वह कूटनीति (Geopolitics) को महाभारत के नजरिए से समझती हैं, जहाँ कोई भी पूरी तरह सही या गलत नहीं होता।
फ्रेंच भाषा में माहिर: वह हिंदी-अंग्रेजी के अलावा फ्रेंच (C1 लेवल) की भी जानकार हैं, जिससे उन्हें यूरोपीय राजनीति को समझने में मदद मिलती है।
अपना ब्रांड ‘रेवा’ (Reyva): पत्रकारिता के साथ-साथ वह एक उद्यमी भी हैं; उन्होंने 2016 में अपना खुद का साड़ी ब्रांड लॉन्च किया था।
अनुशासित परवरिश: उनके पिता एक आर्मी ऑफिसर और क्रिकेटर थे, जिनसे उन्हें अनुशासन और स्पोर्ट्समैन स्पिरिट मिली।
₹800 से करोड़ों तक: उनकी पहली सैलरी सिर्फ ₹800 थी, जो आज के उनके सफल और वैश्विक ब्रांड बनने के सफर की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
By: Snigdha

