पाक की नापाक चाल फिर बेनकाब: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LOC) एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोन की संदिग्ध गतिविधियां नजर आई।
बीते 48 घंटों में यह तीसरी घटना है, जिसने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आने को तैयार नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजौरी, पुंछ और सांबा सेक्टर में ड्रोन की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
जैसे ही ड्रोन भारतीय सीमा में मंडराते दिखे, सेना ने तत्काल फायरिंग शुरू की और एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय कर दिया, जिसके बाद ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) की ओर लौट गए।
राजौरी से सांबा तक ड्रोन अलर्ट जारी
जानकारी के अनुसार, मंगलवार (13 जनवरी 2026) शाम करीब 7 बजे राजौरी जिले के चिंगुस इलाके के डुंगा गाला क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए।
भारतीय सेना की मुस्तैदी के चलते ड्रोन कुछ देर के लिए गायब हो गए, लेकिन 7.35 बजे दोबारा नजर आए। इस बार सेना ने कई राउंड फायर किए, जिससे घबराकर ड्रोन पीछे हट गए।
इससे पहले रविवार को सांबा, राजौरी और पुंछ में पांच ड्रोन देखे गए थे। नौशेरा सेक्टर, खब्बर गांव,
रामगढ़ और तैन से टोपा तक ड्रोन जैसी वस्तुओं की गतिविधि ने यह संकेत दिया कि दुश्मन एक संगठित साजिश के तहत सीमा की रेकी कर रहा है।
ड्रोन को बनाया आतंकवाद का नया हथियार
पाक की नापाक चाल फिर बेनकाब: बता दें कि ड्रोन अब सिर्फ निगरानी का साधन नहीं रह गए हैं।
हथियार, विस्फोटक, नशीले पदार्थ और नकली नोट गिराने के लिए इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
9 जनवरी को सांबा के घगवाल इलाके में इंटरनेशनल बॉर्डर के पास ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप इसका ताजा उदाहरण है, जिसमें पिस्तौल, मैगजीन और ग्रेनेड बरामद किए गए।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान ड्रोन के जरिए घुसपैठ को आसान बनाने और आतंकी नेटवर्क को सपोर्ट करने की कोशिश कर रहा है।
सेना की मुस्तैदी, पाक की साज़िश नाकाम
भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि सीमा पर कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्रोन दिखते ही एयर डिफेंस यूनिट,
इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम और क्विक रिएक्शन टीमें तुरंत सक्रिय हो जाती हैं।
यही कारण है कि दुश्मन की हर कोशिश नाकाम हो रही है। LOC पर निगरानी बढ़ा दी गई है,
संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं और 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
LOC पर है 8 आतंकी कैंप सक्रिय
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि LOC के पास पाकिस्तान की ओर आठ आतंकी कैंप सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि सेना हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है और ऑपरेशन सिंदूर लगातार जारी है।
जनरल द्विवेदी ने बताया कि साल 2025 में 31 आतंकियों को ढेर किया गया, जिनमें अधिकांश पाकिस्तानी थे।
पहलगाम हमले में शामिल आतंकी भी ऑपरेशन महादेव के तहत मारे गए। उनका संदेश साफ था कि उकसावे का जवाब अब निर्णायक होगा।
भारत का ऑपरेशन सिंदूर बना आतंक के खिलाफ निर्णायक प्रहार
ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि भारत की बदली हुई सुरक्षा नीति का प्रतीक है।
इस ऑपरेशन के तहत आतंकियों, उनके मददगारों और सीमा पार बैठे आकाओं पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
भारत अब रक्षात्मक रवैये से आगे बढ़कर प्रोएक्टिव डिफेंस की नीति पर काम कर रहा है, जहां खतरे को जन्म लेने से पहले ही खत्म करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
आर्थिक बदहाली, आंतरिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़ चुका पाकिस्तान ड्रोन जैसी छद्म युद्ध रणनीतियों का सहारा ले रहा है।
ये हरकतें उसकी हताशा को उजागर करती हैं।
दूसरी ओर भारत आज सैन्य, तकनीकी और कूटनीतिक हर मोर्चे पर पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है।
आधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम, सशक्त खुफिया तंत्र और प्रशिक्षित सुरक्षा बल भारत की ताकत का प्रमाण हैं।
भारत शांतिप्रिय है, लेकिन कमजोर नहीं
पाक की नापाक चाल फिर बेनकाब: भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन अपनी संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
जम्मू-कश्मीर में बार-बार ड्रोन की घटनाएं यह बताती हैं कि सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।
अब सेना तैयार है, सरकार सख्त है और देश एकजुट है। अगर पाकिस्तान ने फिर दुस्साहस किया, तो जवाब ऐसा होगा जो उसकी पीढ़ियां याद रखेंगी।
LOC पर भारत का संदेश बिल्कुल साफ है, हर नापाक हरकत का करारा जवाब तय है।

