Friday, March 13, 2026

NIA की कमान अब कट्टरपंथ मामलों के एक्सपर्ट आईपीएस राकेश अग्रवाल के हाथ, जानें कौन हैं ये

NIA, भारत की सबसे प्रमुख आतंकवाद मामलों को देखने वाली एजेंसी को अब नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ IPS अधिकारी राकेश अग्रवाल को एजेंसी का नया महानिदेशक (DG) नियुक्त किया गया है।

इनकी पहचान एक बेहद अनुशासित, तकनीकी रूप से दक्ष और रणनीतिक सोच रखने वाले अधिकारी के रूप में रही है। इन्हें कट्टरपंथ मामलों में एक्सपर्ट बताया जाता रहा है।

कैबिनेट समिति ने राकेश अग्रवाल के नाम पर लगायी मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है।

ये निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब भारत में टेरर फंडिंग, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है।

कौन हैं IPS राकेश अग्रवाल

राकेश अग्रवाल 1994 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर से पासआउट अधिकारी है। आईपीएस राकेश पुलिसिंग और सुरक्षा मामलों को करीब तीन दशकों से संभल रहे हैं।

उनके इन तीन दशकों में उनकी छवि एक बेहद अनुशासित, तकनीकी रूप से दक्ष और रणनीतिक सोच रखने वाले अधिकारी के रूप में रही है।

राकेश 31 अगस्त 2028 तक या अपनी सेवानिवृत्ति (Retirement) तक इस पद पर कार्यभार संभालेंगे।

इस से पहले भी राकेश NIA में विशेष महानिदेशक (SDG) और कार्यवाहक महानिदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

उनके लिए इस पद की जिम्मेदारी नयी बात नहीं है। उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। यही वजह है कि सरकार ने उन्हें पूर्णकालिक ये जिम्मेदारी सौंपी है।

अंतरिम कमान से लेकर स्थायी बनने तक सफर

IPS राकेश अग्रवाल पहले इस पद पर अंतरिम कमान संभाल रहे थे। ये पद 1990 बैच के अधिकारी सदानंद वसंत दाते के वापस अपने कैडर (महाराष्ट्र) जाने के बाद खाली हुआ था

इस दौरान एजेंसी की कार्यप्रणाली पर उनकी मजबूत पकड़ और कई हाई-प्रोफाइल मामलों में उनकी समझदारी और निगरानी ने सरकार पर उनके भरोसे को और बल दे दिया।

जानें क्यों खास हैं NIA में राकेश अग्रवाल की नियुक्ति

केंद्र सरकार अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को लेकर बेहद सख्त और निर्णायक मोड़ में है।

आतंकवाद को जड़ों से मिटाने के इस सफर में राकेश अग्रवाल एक अहम कड़ी है। उनका अनुभव इसकी अहम वजह है।

NIA में वो पिछले एक साल से है इसलिए उन्हें इसके काम करने के तरीके और नियमों की जानकारी है।

उनके आने से चल रही जांच की रफ़्तार पर असर नहीं पड़ेगा और निरंतरता भी बनी रहेगी।

उनकी तकनीकी समझ और अनुशासन उन्हें इस पद के लिए और निपुण बना देते हैं।

पेचीदा और सुरक्षा से जुड़े मामले सुलझाने में वो माहिर हैं, इससे सरकार को और मजबूती मिलेगी।

उसकी सीनियरिटी और अनुभव को देखते हुए लेवल-16 पर नियुक्त किया गया है।

इस से ये साफ़ हो जाता है कि सरकार ने एक NIA के लिए एक ऐसा नेतृत्व चुना है, जो चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

पद संभालने के बाद इन चुनौतियों से निपटना होगा प्राथमिकता

NIA के नए महानिदेशक के तौर पर उन्हें कई बड़ी चुनौतियों से निपटना होगा।

उनकी पहली चुनौती होगी खालिस्तानी आतंकवादी नेटवर्क और भारत विरोधी गतिविधियों को पूरी तरह से खत्म करना।

टेरर फंडिंग को खत्म करना भी इनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

ड्रग्स तस्करी रोकना, सीमा पार से आने वाले हथियारों के सोर्सेज पता करना, उन पर निगरानी करना भी इनकी और टीम की जिम्मेदारी होगी।

देश विरोधी तत्वों की पहचान करके उनके खिलाफ कारवाई करना भी इनकी जिम्मेदारी होगी।

कुल मिलाकर भारत की सुरक्षा व्यवस्था मबजूत करना और देश में आतंवाद को जड़ों से मिटाना इनकी मुख्य जिम्मेदारी होगी।

कई सुरक्षा एजेंसियों में निर्णायक बदलाव

NIA के अलावा कई सुरक्षा एजेंसियों में बदलाव किये गया हैं, ताकि सरकार अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जल्द से जल्द भारत में आतंकवाद की जड़ें खत्म कर सके।

प्रवीण कुमार सीमा सुरक्षा बल (BSF) की कमान सौंपी गयी है, जबकि शत्रुजीत सिंह कपूर को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) का नया मुखिया नियुक्त किया गया है।

राकेश अग्रवाल की नियुक्ति से ये स्पष्ट हो गया है कि सरकार आतंकवाद को खत्म करने में कोई ढील नहीं देना चाहती।

उनके NIA को करीब से जानना, उम्मीद देता है कि उनके आने से NIA और भी ज्यादा फुर्ती और समझदारी से काम करेगी।

यह कदम आतंकवादियों और देश विरोधी ताकतों के खिलाफ कड़ी और प्रभावी कार्रवाई करने के लिए उठाया गया है।

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Muskaan Gupta
Muskaan Guptahttps://reportbharathindi.com/
मुस्कान डिजिटल जर्नलिस्ट / कंटेंट क्रिएटर मुस्कान एक डिजिटल जर्नलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो न्यूज़ और करंट अफेयर्स की रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक मुद्दे, प्रशासन, क्राइम, धर्म, फैक्ट चेक और रिसर्च बेस्ड स्टोरीज़ पर लगातार काम किया है। मुस्कान ने जमीनी रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रभावशाली कंटेंट तैयार किया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज की है और जनता की राय को प्राथमिकता देते हुए रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वह डिजिटल मीडिया के लिए न्यूज़ स्टोरीज़, वीडियो स्क्रिप्ट्स और विश्लेषणात्मक कंटेंट पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही वे इंटरव्यू, फील्ड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया जर्नलिज़्म में भी दक्ष हैं। मुस्कान का फोकस तथ्यात्मक, प्रभावशाली और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने लाने पर रहता है।
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