मुंबई के कफ परेड इलाके से सामने आया यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है।
जहां एक 20 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार, सुनने-बोलने में असमर्थ युवती के साथ उसके ही पिता द्वारा बलात्कार किए जाने और उसे गर्भवती कर देने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
लंबी जांच और 16 से अधिक लोगों के DNA परीक्षण के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।
यह घटना उस सच्चाई को उजागर करती है, जहां घर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह भी एक असहाय के लिए सबसे खतरनाक साबित हो सकती है।
पेट दर्द की शिकायत से खुली सच्चाई
मुंबई: यह मामला सितंबर 2025 में सामने आया, जब युवती ने इशारों के माध्यम से अपनी दादी को पेट में तेज दर्द की शिकायत की।
युवती न सुन सकती है और न बोल सकती है, इसलिए उसकी परेशानी को शुरू में सामान्य माना गया।
जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों को चौंकाने वाला तथ्य पता चला की युवती पांच महीने की गर्भवती थी।
डॉक्टरों को संदेह हुआ कि यह मामला यौन शोषण से जुड़ा है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कफ परेड पुलिस को इसकी सूचना दी।
पीड़िता की स्थिति बनी जांच में बड़ी बाधा
मुंबई: पुलिस के लिए इस मामले की जांच आसान नहीं थी।
युवती मानसिक रूप से बीमार होने के साथ-साथ सुनने और बोलने में भी असमर्थ थी। ऐसे में उसका बयान दर्ज करना एक बड़ी चुनौती बन गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में पिता ने किसी भी प्रकार के यौन शोषण से इनकार किया।
उसने यह भी कहा कि वह किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहता। इससे पुलिस को शक हुआ कि वह मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।
काउंसलिंग के बाद दर्ज हुई शिकायत
युवती की मानसिक और शारीरिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ने विशेषज्ञ काउंसलरों की मदद ली।
कई सत्रों की काउंसलिंग के बाद युवती को यह भरोसा दिलाया गया कि सच्चाई सामने लाना ही उसकी सुरक्षा और न्याय के लिए जरूरी है।
इसके बाद वह शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार हुई और जांच को आगे बढ़ाया जा सका।
शुरुआती जांच में दूसरे आरोपी भी सामने आए
जांच के दौरान पुलिस ने युवती की पहचान और उसके संपर्क में आए लोगों के आधार पर पहले एक 32 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
इसके साथ ही एक 16–17 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया गया।
दोनों पर आरोप था कि उन्होंने भी युवती के साथ दुष्कर्म किया था।
हालांकि पुलिस को लग रहा था कि मामला यहीं खत्म नहीं होता। इसलिए वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया गया।
16 से ज्यादा DNA सैंपल, तब जाकर खुला राज
पुलिस ने युवती तक पहुंच रखने वाले कुल 17 लोगों के DNA और ब्लड सैंपल लिए।
इनमें पिता, परिवार के अन्य सदस्य और कुछ पड़ोसी शामिल थे।
यह प्रक्रिया समय लेने वाली थी, लेकिन पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर जल्दबाजी नहीं करना चाहती थी।
27 जनवरी 2026 को आई फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर दी।
वही रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि भ्रूण का DNA केवल युवती के पिता से मेल खाता है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी कौन है और क्या आरोप लगे
गिरफ्तार आरोपी युवती का जैविक पिता है, जो उसी घर में उसके साथ रहता था।
पुलिस ने उसके खिलाफ बलात्कार, अनाचार और दिव्यांग व्यक्ति के यौन शोषण जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत सख्त सजा का प्रावधान है।
क्या परिवार भी था मिला हुआ?
इस मामले के सामने आने के बाद परिवार की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या परिवार के अन्य सदस्यों को युवती की गर्भावस्था या उसके साथ हो रहे शोषण की जानकारी पहले से थी।
यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सामाजिक बदनामी के डर से परिवार ने चुप्पी तो नहीं साधी।

