मुंबई के मुलुंड (पश्चिम) इलाके में शनिवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एलबीएस रोड पर बन रहे मेट्रो पिलर का सीमेंट से बना भारी हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। सड़क पर चल रहे वाहनों पर मलबा गिरने से यातायात ठप हो गया और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
ऑटो रिक्शा चपेट में आया, चार लोग जख्मी
हादसे के दौरान एक ऑटो रिक्शा सीधे गिरते ढांचे की जद में आ गया। ऑटो में बैठे चार यात्रियों को चोटें आईं, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टूटकर गिरा पिलर का टुकड़ा काफी वजनदार था, जिससे ऑटो का पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
राहत-बचाव में कई एजेंसियां जुटीं
सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और 108 एंबुलेंस सेवा की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। घायलों को प्राथमिक चिकित्सा दी गई और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। साथ ही, बीएमसी और मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
ट्रैफिक डायवर्जन, इलाके की घेराबंदी
हादसे के बाद एलबीएस रोड पर कुछ समय के लिए आवाजाही रोकनी पड़ी। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से क्षेत्र को सील कर वैकल्पिक मार्गों से ट्रैफिक मोड़ा, ताकि बचाव कार्य में बाधा न आए और किसी अन्य दुर्घटना की आशंका न रहे।
शुरुआती संकेत: पिलर की मजबूती पर सवाल
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि निर्माणाधीन पिलर की संरचनात्मक मजबूती में कमी हो सकती है। हालांकि, वास्तविक वजह का खुलासा विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही संभव होगा। इस संबंध में मुंबई मेट्रो से जुड़े इंजीनियरों और ठेकेदार प्रतिनिधियों को भी तलब किया गया है।
जांच और कार्रवाई का भरोसा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल मलबा हटाने का काम जारी है; पूरी सफाई के बाद ही नुकसान और कारणों की विस्तृत तस्वीर सामने आ सकेगी।

