MODI ASSAM RALLY: असम की राजधानी गुवाहाटी में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर-पूर्व भारत को लेकर अपनी सरकार की सोच को साफ शब्दों में रखा।
उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्ट उनके लिए केवल नक्शे का एक हिस्सा नहीं, बल्कि “अष्टलक्ष्मी” है—ऐसी आठ शक्तियां जिनकी प्रगति से पूरा देश मजबूत होता है। पीएम मोदी के अनुसार, हालिया बजट इस क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है।
कांग्रेस बनाम भाजपा: फंडिंग के आंकड़ों में बड़ा अंतर
प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक कांग्रेस सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को प्राथमिकता नहीं दी, जबकि मौजूदा भाजपा-एनडीए सरकार इस क्षेत्र की सेवा को जिम्मेदारी मानती है।
उन्होंने दावा किया कि आज असम को केंद्र से मिलने वाली सहायता पहले की तुलना में कई गुना बढ़ चुकी है।
जहां कभी टैक्स हिस्सेदारी के तहत सीमित राशि मिलती थी, वहीं अब यह आंकड़ा लगभग पाँच गुना तक पहुंच गया है।
11 साल में विकास की रफ्तार
पीएम मोदी के मुताबिक, बीते 11 वर्षों में असम को केंद्र सरकार से लाखों करोड़ रुपये की सहायता विभिन्न विकास योजनाओं के लिए दी गई है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल कागज़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़कों, पुलों, उद्योगों और रोज़गार के अवसरों के रूप में ज़मीन पर साफ नजर आता है।
बदली हुई पहचान: कमजोर कनेक्टिविटी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तक
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि एक समय नॉर्थ ईस्ट का नाम सुनते ही टूटी सड़कों और सीमित संपर्क की छवि उभरती थी। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
यहां ऐसे आधुनिक हाईवे बन रहे हैं, जो न सिर्फ तेज़ रफ्तार यातायात के अनुकूल हैं, बल्कि आपात स्थितियों में विमानों की लैंडिंग तक संभव बना सकते हैं। उनके अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोज़गार और व्यापार—दोनों को गति मिलती है।
पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने पुलवामा आतंकी हमले की बरसी का उल्लेख करते हुए शहीद जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उस हमले के बाद भारत ने जिस निर्णायक रवैये का प्रदर्शन किया, उसे पूरी दुनिया ने देखा। पीएम मोदी ने सवाल उठाया कि क्या पहले की सरकारों में देशहित में ऐसे साहसिक निर्णय लेने की इच्छाशक्ति दिखाई दी थी?
‘MMC’ टिप्पणी और सियासी चेतावनी
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जो दल भारत को एक राष्ट्र के रूप में देखने से हिचकिचाता हो, वह देश का भला नहीं कर सकता। इसी क्रम में उन्होंने कांग्रेस को “मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस (MMC)” कहकर संबोधित किया और कहा कि जनता को ऐसी विभाजनकारी सोच से सतर्क रहना चाहिए।
तकनीक के मोर्चे पर भी तुलना
प्रधानमंत्री ने तकनीकी विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले के दौर में 3G और 4G तकनीक आई, लेकिन नॉर्थ ईस्ट तक उसे तेज़ी से पहुंचाने की इच्छाशक्ति नहीं दिखी। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार ने 5G तकनीक को असम और पूरे नॉर्थ ईस्ट के गांव-गांव तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
भविष्य की राह
अपने भाषण के समापन पर पीएम मोदी ने कहा कि असम और नॉर्थ ईस्ट का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे विकास, स्थिरता और सकारात्मक राजनीति को आगे बढ़ाने वाली ताकतों का समर्थन करें, ताकि यह क्षेत्र देश की प्रगति में और बड़ी भूमिका निभा सके।

