पहलगाम के बाद फिर दहला कश्मीर: कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर घाटी में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इ
स हमले में घायल दूसरे प्रवासी मजदूर ने भी शनिवार (1 अगस्त) तड़के श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इसके साथ ही इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और कुलगाम के केलम गांव में स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।
ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे दोनों मजदूर
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों को आतंकियों ने निशाने बनाया और ऐसा खबरें के अनुसार बताया जा रहा है कि
आतंकियों ने दोनों का नाम पूछा और जब दोनों ने अपना नाम बताया तो इतने में उनपर ताबड़तोड़ गोलियों से हमला कर दिया।
हमलावरों ने अचानक उन पर गोलीबारी कर दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद एक घायल मजदूर ने अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया,
जबकि दूसरे को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए श्रीनगर के SKIMS अस्पताल रेफर किया गया था। डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद शनिवार सुबह उसकी भी मौत हो गई।
मृतकों की हुई पहचान
अधिकारियों ने मृतकों की पहचान 24 वर्षीय दीपक रैट्रे और 28 वर्षीय बोपिंदर के रूप में की है। दोनों छत्तीसगढ़ के निवासी थे और रोज़गार की तलाश में जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे।
वे कुलगाम के केलम क्षेत्र में स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहे थे। इस दुखद घटना से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पहचान पूछने के बाद मारी गई गोली
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमला पूरी तरह सुनियोजित था। बताया जा रहा है कि दो हमलावर मौके पर पहुंचे और उन्होंने पहले दोनों मजदूरों से उनके नाम और पहचान के बारे में पूछा।
जैसे ही दोनों ने अपनी पहचान बताई, आतंकियों ने बेहद करीब से पिस्तौल निकालकर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमला करने के बाद दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए।
इस घटना ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रवासी मजदूरों में भी भय का माहौल पैदा कर दिया है। कई मजदूरों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है।
सुरक्षा बलों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
हमले की सूचना मिलते ही पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं।
पूरे इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को पकड़ने के लिए आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमलावर किस आतंकी संगठन से जुड़े थे और इस हमले के पीछे उनका मकसद क्या था।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की कड़ी निंदा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और सुरक्षा एजेंसियों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि इस जघन्य हमले में शामिल आतंकवादियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।
लगातार बढ़ रही आतंकी घटनाएं
कश्मीर घाटी में पिछले कुछ दिनों के दौरान आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। कुलगाम की यह घटना पिछले दस दिनों में दूसरा बड़ा आतंकी हमला है।
इससे पहले 22 जुलाई को अनंतनाग जिले के लाल चौक इलाके में आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक
हेड कांस्टेबल की बेहद करीब से गोली मारकर हत्या कर दी थी।
लगातार हो रहे ऐसे हमले सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं।
हालांकि, सुरक्षा बल आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन बीच-बीच में होने वाली ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।

