Tuesday, January 27, 2026

Kolkata Rape Case: रेप पीड़िता की पहचान बताने वालों पर होगी कार्रवाई, बीजेपी और TMC में घमासान

Kolkata Rape Case: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में के साउथ लॉ कॉलेज में सामने आया गैंगरेप का मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पूरे समाज और सिस्टम के लिए एक चेतावनी है।

इस भयावह अपराध ने न केवल राज्य को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। मामला एक छात्रा के साथ कॉलेज परिसर में ही सामूहिक दुष्कर्म का है, जिसमें आरोपियों में एक प्रमुख राजनीतिक छात्र संगठन का सदस्य भी शामिल है।

पुलिस कार्रवाई, जनता का गुस्सा और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है।

Kolkata Rape Case: क्या है पूरा मामला?

कोलकाता के लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसके साथ तीन सहपाठियों ने मिलकर गैंगरेप किया। यह घटना कॉलेज परिसर के भीतर हुई, जहां सुरक्षा के तमाम दावे सवालों के घेरे में आ गए हैं।

पीड़िता ने पुलिस में तीन नामजद छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिनके नाम मोनोजीत मिश्रा, जैब अहमद और प्रमित बताए जा रहे हैं। इनमें से एक आरोपी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।

इस मामले में कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात एक सिक्योरिटी गार्ड की भी गिरफ्तारी हुई है, जिस पर पीड़िता की सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप है।

कोलकाता पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें एक जुलाई तक पुलिस रिमांड में भेजा गया था, जिसकी अवधि अब समाप्त हो रही है।

कानूनी गोपनीयता

जैसे-जैसे मामला मीडिया और सोशल मीडिया पर फैलने लगा, कुछ लोगों ने पीड़िता की पहचान उजागर करने की कोशिशें शुरू कर दीं। इसे लेकर कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक सख्त चेतावनी जारी की।

पुलिस ने साफ कहा कि पीड़िता की पहचान उजागर करना कानून का गंभीर उल्लंघन है और ऐसा करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे पीड़िता की गरिमा और गोपनीयता का सम्मान करें, क्योंकि यह न केवल कानूनी दायित्व है बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी भी है।

राजनीति गरमाई

जहां एक ओर आम लोग और सामाजिक संगठन इस घटना की तीव्र निंदा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीति में भी इस मामले को लेकर घमासान छिड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं।

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया, “प्रियंका और राहुल गांधी को महिलाओं की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। उनके लिए ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ एक खोखला नारा बन चुका है।”

बीजेपी का आरोप है कि जब घटना ऐसे राज्य में हुई है जहां विपक्ष की भूमिका निभाने वाली पार्टी की जिम्मेदारी है, तब भी कांग्रेस नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आना उनकी कथनी और करनी के फर्क को दर्शाता है।

टीएमसी की मुश्किलें और विपक्ष का प्रहार

इस मामले में सबसे ज्यादा दबाव पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी पर है, क्योंकि मुख्य आरोपी उसकी छात्र इकाई से जुड़ा बताया गया है। हालांकि अब तक पार्टी की ओर से कोई ठोस बयान नहीं आया है, जिससे आम लोगों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ रहा है।

विपक्ष इसे कानून व्यवस्था की विफलता बता रहा है और लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जवाब मांग रहा है।

अपराधियों को मिले सजा

इस पूरी घटना में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा? जनता, महिला संगठनों, छात्रों और समाज के जागरूक वर्गों की मांग यही है कि इस मामले में राजनीति नहीं,

निष्पक्ष जांच और कठोर सज़ा होनी चाहिए। बार-बार दोहराई जाने वाली ऐसी घटनाएं तब रुकेंगी जब कानून का डर और शासन की पारदर्शिता हकीकत में सामने आएगी।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article