फिल्म तुम्बाड में बताये गए देवता हस्तर के बारे में हे वो व्यक्ति जानने की इच्छा रखता है जिसने ये फिल्म देखी है और इसके असली मायने समझे हैं। दरअसल हस्तर के बारे में इंटरनेट पर ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। लेकिन कुछ जानकारी हस्तर के बारे में अभी भी हमें देखने और सुनने को मिलती है। आइये आज देवता हस्तर के बारे में सब जानते हैं।
सोहम शाह की फिल्म तुम्बाड 2018 में आयी थी, लेकिन उस समय इस फिल्म को अच्छा रिस्पांस नहीं मिला था। इस फिल्म का कांसेप्ट और स्टोरीलाइन लोगों को बाद में समझ आया जब उन्होनें ये फिल्म अपने स्मार्टफोन्स पर डाउनलोड करके देखी और अब ये फिल्म भारत की सबसे अच्छी फिल्मों में से एक है। हाल ही में इस फिल्म को थिएटर्स में री-रिलीज़ किया गया है। इस फिल्म को देखने के बाद सबसे बड़ा सवाल लोगों के मन में आता है कि फिल्म में दिखाया हस्तर का किरदार क्या वास्तव में है या ये सिर्फ एक कहानी है। आइये इस सवाल का जवाब जानते हैं।
कौन है हस्तर?
तुम्बाड फिल्म में हस्तर के बारे में दिखा गया है कि वो उस देवी के सबसे प्रिय पुत्र हैं, जिन्होनें सभी देवी-देवताओं को जन्म दिया। फिल्म में हस्तर के किरदार को एक पौराणिक देवता के रूप में पेश किया गया है। हस्तर धन और अनाज के देवता है। फिल्म में दिखाया गया कि हस्तर स्वार्थ से भरा लालची देवता था जिसने अपने हिस्से से ज्यादा की इच्छा रखी थी।
पहले उसने देवी के खजाने से सारा सोना ले लिया और बाद में देवी का सारा अनाज भी लेने के प्रयास किये लेकिन अन्य सभी देवताओं ने ऐसा होने नहीं दिया। देवताओं ने उस पर हमला कर दिया और अनाज से वंचित कर दिया। बाद में उसे सभी धार्मिक ग्रंथों से गायब कर दिया गया और साड़ी दुनिया उसे भूल गयी। फिल्म के मुताबिक़ हस्तर आज भी अपना मां की कोख में कैद है।
ये है हस्तर की वास्तविक कहानी
किसी भी पौराणिक ग्रन्थ में हस्तर का कोई उल्लेख नहीं मिलता है। फिल्म में दिखाया गया हस्तर का किरदार पूरी तरह से काल्पनिक है। लेकिन फैंटम डॉट कॉम नाम से एक वेबसाइट है। ये वेबसाइट असुरों और देवताओं के बारे में जानकारी प्रकाशित करती है। इस वेबसाइट पर हस्तर का उल्लेख किया गया है। इस पर दी गयी जानकारी के अनुसार हस्तर सच में था। लेकिन हिन्दू धर्म से उसका कोई लेना-देना नहीं है। हस्तर के अच्छे देवता थे, लेकिन कुछ लोगों ने उसकी छवि खराब कर दी ताकि वह मानवता के उद्धार का हिस्सा न बन सके।
इस वेबसाइट पर कहा गया है कि हस्तर का नाम नहीं लेना चाहिए, उनका नाम लेने से विनाश हो जाता है। वेबसाइट पर हस्तर के रूप का भी उल्लेख है। उसका सर किसी ऑक्टोपस जैसा था। उसके पंख चमगादड़ जैसे थे और आंखें सुनहरी थी। वो हमेशा पीले रंग के कपडे से ढाका रहता था। अब ये जानकारी कितनी सही है इसका दावा तो नहीं किया जा सकता।