Thursday, February 26, 2026

कानपुर में धमाका: मरकज मस्जिद से 100 मीटर दूर खड़ी स्कूटी में विस्फोट, 12 लोग घायल, साजिश या हादसा?

कानपुर में धमाका: उत्तर प्रदेश के शहर कानपुर में इस समय दिवाली की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच बुधवार शाम को शहर के मेस्टन रोड स्थित मिश्री बाजार से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबर सामने आई।

मरकज मस्जिद से करीब 100 मीटर दूर खड़ी एक स्कूटी में अचानक हुए भीषण विस्फोट में आसपास का इलाका दहल गया।

इस धमाके में 12 लोग घायल हो गए, जिनमें से आठ को उर्सुला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जो 50 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं।

विस्फोट इतना तेज़ था कि आसपास के कई घरों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए, दीवारों में दरारें पड़ गईं और दो स्कूटी के परखच्चे उड़ गए।

सामने की दुकान की फाल सीलिंग उखड़ गई और पूरे इलाके में करीब पांच मिनट तक धुआं और धुंध छाई रही।

गनीमत रही कि आग नहीं लगी। घटना की सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और बम निरोधक दस्ते मौके पर पहुंचे।

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना की रिपोर्ट तलब करते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अफरा-तफरी और भय का माहौल

कानपुर में धमाका: घटना के तुरंत बाद इलाके में दहशत फैल गई। कई दुकानदारों ने दुकानें बंद कर भागना ही बेहतर समझा।

डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि घायलों के जख्मों से लग रहा है कि विस्फोट किसी तीव्र विस्फोटक पदार्थ से हुआ है, न कि सामान्य आतिशबाजी से।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) आशुतोष कुमार ने कहा कि फिलहाल यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि यह दुर्घटना थी, शरारत थी या कोई सुनियोजित साजिश, लेकिन सभी संभावनाओं पर जांच की जा रही है।

इस वक्त बम निरोधक दस्ता, इंटेलिजेंस, एनआईए और एटीएस की टीमें मौके पर जांच में जुटी हैं। घटनास्थल से थाना मात्र 500 मीटर की दूरी पर है।

चोरी की स्कूटी से साजिश की गहराई

कानपुर में धमाका: जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विस्फोट में क्षतिग्रस्त स्कूटी उन्हीं वाहनों में से एक थी, जो पिछले साल चोरी हुई थी।

यह स्कूटी भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला उपाध्यक्ष बृजेंद्र रस्तोगी की थी, जो 31 मार्च 2023 को हमराज कॉम्प्लेक्स अग्निकांड के बाद चोरी हो गई थी।

पुलिस ने तब इस केस में “अंतिम रिपोर्ट” लगा दी थी। लेकिन अब वही स्कूटी इस धमाके में इस्तेमाल हुई, जिससे साजिश की आशंका और गहरी हो गई है।

पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्कूटी को बाजार में कौन लाया और किसने वहां खड़ा किया था।

कानपुर में धमाका: अवैध पटाखों की दुकानें बनीं जांच का केंद्र

विस्फोट स्थल के आसपास कई दुकानों में बड़ी मात्रा में पटाखे मिलने के बाद देर रात पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया।

पुलिस को कई दुकानों में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण मिला, जिसके बाद पांच कारोबारियों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और घायलों से अस्पताल में मुलाकात की।

देर रात तक पुलिस की कई टीमें अलग-अलग गलियों में छापेमारी करती रहीं।

कानपुर में धमाका: अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच में विस्फोट पटाखों से हुआ हो सकता है, लेकिन किसी ने अब तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

हादसे के चश्मदीद बोले: “पूरा इलाका हिल गया”

कानपुर में धमाका: स्थानीय दुकानदार अब्दुल, जिनकी दुकान विस्फोट स्थल से कुछ ही दूरी पर है, ने बताया कि शाम करीब 7:20 बजे एक जोरदार धमाका हुआ।

“ऐसा लगा जैसे किसी बम ने फटकर जमीन हिला दी हो,” उन्होंने कहा। पांच मिनट के अंदर पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक इलाके में अफरातफरी मच चुकी थी।

कानपुर में धमाका: घायल लोगों की सूची

घायलों में बेकनगंज निवासी सुहाना (16), रईसुद्दीन (36), मेस्टन रोड निवासी अब्दुल (24), लाल बंगला निवासी अश्वनी कुमार (58), मखनिया बाजार के मो. मुरसलीन (29), और मीरपुर निवासी जुबिन शामिल हैं।

चार गंभीर रूप से झुलसे हुए लोगों को लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज उर्सुला अस्पताल में जारी है।

दिवाली से पहले चौथी बड़ी घटना

कानपुर में धमाका: पिछले एक साल में कानपुर और आसपास के जिलों में यह चौथी बड़ी धमाका जैसी घटना है।

4 अक्टूबर को फर्रुखाबाद में कोचिंग सेंटर के पास विस्फोट में दो छात्रों की मौत हुई थी।

31 अक्टूबर 2023 को कानपुर के गांधीनगर स्थित गणेश पार्क में मोपेड में पटाखे गिरने से दंपती की मौत हो गई थी।

इन घटनाओं ने एक बार फिर कानपुर की सुरक्षा व्यवस्था और अवैध आतिशबाजी के कारोबार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

त्योहार के मौसम में साजिश की बू

कानपुर में धमाका: धमाका ऐसे समय हुआ है जब शहर में त्योहार की हलचल और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां चल रही हैं।

हाल के दिनों में “आई लव मोहम्मद” जैसे विवादों और सांप्रदायिक तनाव के चलते यह इलाका संवेदनशील माना जा रहा है।

ऐसे में यह धमाका पुलिस और खुफिया एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।

मेस्टन रोड — आतिशबाजी का हब और खतरे की जड़

मेस्टन रोड, परेड और कुलीबाजार कानपुर का मिश्रित आबादी वाला इलाका है, जो आतिशबाजी के कारोबार के लिए प्रसिद्ध है।

यहां पूरे साल शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए पटाखों की बुकिंग होती रहती है। हर साल दीपावली से पहले अवैध पटाखों की बिक्री और पुलिस की छापेमारी आम बात है।

लेकिन इस बार यह व्यापार एक बड़ी दुर्घटना या साजिश का कारण बन सकता है, जिसने शहर की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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