ईरान में 14वें दिन भी जारी आंदोलन: ईरान में महंगाई और बेरोजगारी से परेशान आम लोगों का विरोध प्रदर्शन अब 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
राजधानी तेहरान समेत देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
हर दिन नए शहरों से विरोध की आवाज उठ रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और नौकरियों की कमी ने आम आदमी की जिंदगी मुश्किल कर दी है।
सरकार ने हालात काबू में रखने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। इंटरनेट ब्लैकआउट को अब 60 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं।
लोगों को सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स तक पहुंच नहीं मिल रही, जिससे प्रदर्शन की तस्वीरें बाहर नहीं जा पा रही हैं।
अमेरिका की चेतावनी से भड़का तेहरान
इसी बीच अमेरिका की चेतावनी ने ईरान की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर ईरान का सियासी हलका नाराज हो गया है।
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कालीबाफ ने ट्रंप की चेतावनी का जवाब धमकी से दिया है।
कालीबाफ का तीखा जवाब
ईरानी संसद के सत्र के दौरान कालीबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका इस्लामी गणराज्य पर हमला करता है तो अमेरिकी सेना और इजरायल को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर हमले की स्थिति में इजरायल और क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने और जहाज ईरान के निशाने पर होंगे।
इस दौरान संसद में माहौल काफी गर्म हो गया। सांसद मंच की ओर दौड़ते नजर आए और अमेरिका विरोधी नारे लगाए गए।
ईरानी सरकारी टीवी चैनल ने इस पूरे सत्र का सीधा प्रसारण किया।
कौन हैं कालीबाफ?
मोहम्मद बाघेर कालीबाफ ईरान के कट्टरपंथी नेता माने जाते हैं। वह पहले राष्ट्रपति पद का चुनाव भी लड़ चुके हैं।
कालीबाफ ने विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए पुलिस और ईरान की ताकतवर सेना आईआरजीसी (रिवोल्यूशनरी गार्ड) की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती से निपटेगी और गिरफ्तार किए गए लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी।
उनके इस बयान से साफ है कि सरकार आंदोलन को किसी भी कीमत पर दबाने के मूड में है।
हिंसक हो गया आंदोलन
आईआरजीसी से जुड़े तस्नीम न्यूज के मुताबिक विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुका है।
शनिवार रात फार्स प्रांत के ममासानी काउंटी में प्रदर्शनकारियों ने न्यायपालिका परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की। गुस्साई भीड़ ने एक गार्ड पोस्ट में आग लगा दी।
काउंटी के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर हसन इलाही ने बताया कि कोर्ट परिसर के कई कमरों में आग लगा दी गई थी।
आग इतनी तेजी से फैली कि ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल तक पहुंच गई। बाद में सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को खदेड़ा और हालात पर काबू पाया।
इंटरनेट बंद, दुनिया से कटा ईरान
इंटरनेट मॉनिटर संस्था नेटब्लॉक्स के अनुसार, सरकार ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।
यह पाबंदी अब 60 घंटे से ज्यादा हो चुकी है। इससे लोग बाहरी दुनिया से कट गए हैं और सरकार विरोधी गतिविधियों की जानकारी बाहर नहीं जा पा रही है।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान आजादी की ओर देख रहा है।
उन्होंने लिखा कि अमेरिका ईरान की मदद के लिए तैयार है। ट्रंप के इस बयान को ईरानी सरकार ने अपने आंतरिक मामलों में दखल माना है।
बढ़ता तनाव
ईरान में जारी आंदोलन और अमेरिका के बयान के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इजरायल भी हाई अलर्ट पर है।
आने वाले दिनों में यह संकट किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

