भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार देते हुए कहा कि इससे करीब 200 करोड़ लोगों को सीधा फायदा होगा।
16वें भारत-EU समिट के दौरान हैदराबाद हाउस में हुई इस ऐतिहासिक घोषणा ने दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींच लिया है।
दुनिया की 25% GDP को जोड़ने वाला समझौता
भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: भारत-EU FTA को खास बनाने की सबसे बड़ी वजह इसका विशाल आर्थिक दायरा है।
यूरोपीय यूनियन 27 देशों का समूह है और दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेडिंग ब्लॉक माना जाता है।
EU की GDP करीब 22.5 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि भारत की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुकी है।
दोनों के जुड़ने से यह समझौता दुनिया की लगभग 25% GDP को कवर करता है। यही कारण है कि इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा FTA माना जा रहा है।
व्यापार को मिलेगी रफ्तार, बाजार होंगे और खुले
भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: 2025 में भारत और EU के बीच करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हुआ था।
FTA लागू होने के बाद भारतीय कंपनियों को बर्लिन, रोम और म्यूनिख जैसे बड़े यूरोपीय बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी, वहीं यूरोपीय कंपनियां दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे भारतीय बाजारों में अपने कारोबार का विस्तार कर सकेंगी।
अनुमान है कि आने वाले वर्षों में भारत-EU व्यापार दोगुना हो सकता है।
कारें होंगी सस्ती, ऑटो सेक्टर को मिलेगा बूस्ट
भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: इस समझौते के तहत कारों पर लगने वाला भारी टैरिफ धीरे-धीरे 110% से घटकर 10% तक लाया जाएगा।
इससे ऑडी, मर्सिडीज-बेंज और BMW जैसी यूरोपीय कंपनियों की हाई-एंड कारें भारतीय बाजार में सस्ती होंगी।
इसके अलावा ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ शून्य होने से भारत और यूरोप के बीच सप्लाई चेन और मजबूत होगी, जिससे भारतीय ऑटो कंपोनेंट कंपनियों को बड़ा फायदा मिलेगा।
‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ बनेगा और मजबूत
भारत पहले ही दुनिया में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा सप्लायर है। EU के साथ FTA से भारतीय फार्मा कंपनियों को यूरोपीय बाजार में और आसान एंट्री मिलेगी। अनुमान है कि इस डील से फार्मा और केमिकल सेक्टर में भारत को हर साल 20–30% तक व्यापारिक बढ़त मिल सकती है, जबकि यूरोप को सस्ती और क्वालिटी वाली दवाएं मिलेंगी।
कपड़ा और चमड़ा उद्योग को नया बाजार
भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: EU अभी भारतीय कपड़ा और चमड़ा उत्पादों पर करीब 10% ड्यूटी लगाता है।
FTA के बाद यह ड्यूटी कम या पूरी तरह खत्म हो सकती है। इससे यूरोप में भारतीय कपड़े, जूते और लेदर प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ेगी और भारत में लाखों लोगों को रोजगार से जुड़ा सीधा लाभ मिलेगा।
डिफेंस सेक्टर में भारत बनेगा ग्लोबल पार्टनर
भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: इस समझौते से भारत की डिफेंस इंडस्ट्री को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे देश पहले से भारत के डिफेंस पार्टनर हैं।
FTA के बाद भारतीय हथियार कंपनियों को EU के SAFE फंड्स तक पहुंच मिलेगी, जिससे यूरोप में भारतीय डिफेंस फैक्ट्रियों के लगने की संभावना बढ़ेगी।
IT और प्रोफेशनल्स के लिए खुलेंगे नए दरवाजे
भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: भारत के IT प्रोफेशनल्स और सर्विस सेक्टर को EU में बड़ा बाजार मिलेगा।
भारतीय कंपनियों को EU के 144 सर्विस सेक्टर्स में काम करने का मौका मिलेगा, जबकि EU को भारत के 102 सेक्टर्स में एंट्री दी जाएगी।
इससे डिजिटल सर्विसेज, फिनटेक और टेक्नोलॉजी सेक्टर को नई ऊंचाइयां मिल सकती हैं।
शराब, फूड और एविएशन सेक्टर को राहत
FTA के बाद यूरोपीय शराब पर लगने वाला 150% टैरिफ घटकर 20–30% रह जाएगा।
बीयर और स्पिरिट्स भी सस्ती होंगी। इसके अलावा जैतून तेल जैसे फूड प्रोडक्ट्स और एविएशन-स्पेस सेक्टर से जुड़े उत्पादों पर टैरिफ लगभग खत्म हो जाएगा, जिससे भारत के एविएशन सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा।
सप्लाई चेन और रोजगार को मिलेगा नया आधार
भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह समझौता ग्लोबल चुनौतियों का जवाब सहयोग से देने का संदेश है।
FTA से हर साल करीब 4 अरब यूरो के टैरिफ कम होंगे और भारत-EU में लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी।
आखिर ‘मदर ऑफ ऑल डील’ क्यों?
भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: अमेरिका और चीन के विकल्प तलाश रही दुनिया के बीच यह समझौता भारत को एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेड हब के रूप में स्थापित कर सकता है।
विशाल बाजार, कम टैरिफ, मजबूत सप्लाई चेन और रणनीतिक साझेदारी, इन सभी वजहों से भारत-EU FTA को ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा जा रहा है।

