Friday, February 13, 2026

Indian Railways: रेलवे ट्रैक पर किस तरह डाली जाती हैं गिट्टियां, क्यों कर दी जाती है ट्रेनें रद्द?

Indian Railways: आपने अक्सर रैलवेे ट्रैक पर गिट्टियां अगर सीधी भाषा में कहें तो रोड़ी पड़ी हुई देखी होगी। लेकिन क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की है ये आखिर रेलवे ट्रैक्स पर डाली कैसे जाती हैं। आज आपको बताते हैं कि ये कैसे और क्यों डाली जाती हैं।

ट्रैन और रेलवे ट्रैक्स से हम मिडिल क्लास वालों को अलग ही लगाव है। इन ट्रैक्स पर हम अक्सर गिट्टियां देखते हैं। इन्हें देखकर दिमागमें आता है की शयद इन्हें ट्रेन रोकना के लिए बिछाया जाता होगा लेकिन ऐसा नहीं हैं। दरससल ये गिट्टियां उस ट्रैक पर आने वाली सभी ट्रेनों को डाइवर्ट कर देती हैं ताकि पैसेंजर्स को कोई दिक्कत न हो और रेलवे भी अपना काम आसानी से कर सके।

क्यों बिछाई जाती है रेलवे ट्रैक पर गिट्टियां

रेलवे ट्रैक पर बिछी गिट्टियों या नुकीले पत्थरों को बैलेस्ट बोलै जाता है। जब रेल ट्रैक पर दौड़ती है तो तेज वाइब्रेशन और काफी शोर जनरेट होता है। ट्रैक पर पड़ी ये गिट्टियां इस ट्रेन से हो रहे शोर को कम करने में मदद करती हैं। वाइब्रेशन के समय ट्रैक के नीचे की पट्टी जिसे स्लीपर्स कहा जाता है, उसको फैलने से रोक देती हैं।आपको ये जानकार हैरानी होगी कि ट्रैक पर पड़ी इन गिट्टियों के रख-रखाव में काफी पैसा खर्च होता है। कई बार तो इनके रख-रखाव की प्रक्रिया के चलते रेलवेको उस ट्रैक को ब्लॉक कर करवाना पड़ जाता है। ये पत्थर स्लीपर्स को मिट्टी में अंदर धंसने से भी बचता हैं। साथ ही, इनके होने से ट्रैक पर घास उगने का भी डर नहीं रहता। इन्ही सब वजहों से रेलवे ट्रैक पर गिट्टियों को बिछाया जाता है।

ट्रैक की देखभाल जरुरी

इंडियन रेलवे के मुताबिक, ट्रैक का रखरखाव बेहद जरूरी होता है। भारतीय रेल मॉडर्न ट्रैक मशीनों की मदद से रेल ट्रैक की देखभाल करी जाती है। वहीं व्यस्त रूट्स पर इस लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से स्पीड और क्वालिटी में सुधार देखने को मिला है। इससे सुरक्षा तो बढ़ती ही है साथ ही खर्च में भी गिरावट आयी है।

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Muskaan Gupta
Muskaan Guptahttps://reportbharathindi.com/
मुस्कान डिजिटल जर्नलिस्ट / कंटेंट क्रिएटर मुस्कान एक डिजिटल जर्नलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो न्यूज़ और करंट अफेयर्स की रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक मुद्दे, प्रशासन, क्राइम, धर्म, फैक्ट चेक और रिसर्च बेस्ड स्टोरीज़ पर लगातार काम किया है। मुस्कान ने जमीनी रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रभावशाली कंटेंट तैयार किया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज की है और जनता की राय को प्राथमिकता देते हुए रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वह डिजिटल मीडिया के लिए न्यूज़ स्टोरीज़, वीडियो स्क्रिप्ट्स और विश्लेषणात्मक कंटेंट पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही वे इंटरव्यू, फील्ड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया जर्नलिज़्म में भी दक्ष हैं। मुस्कान का फोकस तथ्यात्मक, प्रभावशाली और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने लाने पर रहता है।
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