Tuesday, January 27, 2026

पटना में उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या का CCTV सामने आया, हत्यारे ने महज 6 सेकेंड में ली जान

पटना | 5 जुलाई 2025

पटना में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को हिला दिया। जाने-माने व्यापारी और उद्योगपति गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

इस हत्याकांड का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें साफ दिखता है कि हत्यारा पहले से ही अपार्टमेंट के बाहर घात लगाए बैठा था और महज 6 सेकेंड में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया।

CCTV में कैद हत्यारा, हेलमेट पहनकर स्कूटी से भागा

वीडियो में देखा गया कि रात 11:38 बजे, खेमका अपनी कार से जैसे ही अपार्टमेंट गेट पर पहुंचे, हेलमेट पहने एक युवक बाहर पहले से उनका इंतजार करता हुआ दिखाई देता है।

खेमका के उतरते ही वह बेहद तेज़ी से उन पर गोलियां चलाता है और स्कूटी से भाग निकलता है।

उस समय खेमका की गाड़ी के पीछे एक और गाड़ी रुकती है, लेकिन उसमें बैठे लोग जब तक कुछ समझ पाते, हत्यारा फरार हो चुका होता है।

वीडियो में एक सुरक्षा गार्ड भी दिखाई देता है जो खेमका के आने के लगभग 20 सेकेंड बाद गेट खोलने आता है।

गोपाल खेमका को अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

खेमका के छोटे भाई शंकर खेमका ने बताया कि गोपाल हर दिन की तरह बांकीपुर क्लब से लौट रहे थे। वे क्लब के डायरेक्टर भी थे और उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं था।

शंकर ने कहा, “अगर कोई दुश्मनी होती तो भाई रात में अकेले नहीं लौटते। पुलिस को बताना चाहिए कि किसने और क्यों मारा।”

गोपाल खेमका को तुरंत बेटे और बहू के द्वारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गांधी मैदान थाना, जो घटना स्थल से मात्र 500 मीटर दूर है, की पुलिस 1:30 बजे पहुंची। टाउन डीएसपी 1:45 बजे और सिटी एसपी 2:30 बजे मौके पर आए।

पहले बेटे की हुई थी हत्या, अब पिता की भी उसी अंदाज़ में हत्या

इस घटना ने लोगों को उस दर्दनाक घटना की याद दिला दी, जब 2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर में फैक्ट्री गेट के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

तब भी हत्यारे पहले से वहां मौजूद थे। उस घटना के बाद कुछ समय के लिए गोपाल खेमका को पुलिस सुरक्षा दी गई थी, जिसे बाद में हटा लिया गया।

भाजपा से जुड़े थे गोपाल खेमका, विपक्ष ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

गोपाल खेमका का जुड़ाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से भी रहा है। उनकी हत्या के बाद विपक्ष ने बिहार की कानून व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने कहा, “बिहार में हर महीने सैकड़ों हत्याएं हो रही हैं, लेकिन इसे जंगलराज नहीं कहा जाएगा?”

नीतीश सरकार पर विपक्ष का हमला, आधी रात को पप्पू यादव का बयान

पप्पू यादव ने भी इस हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, “बिहार को बख्श दीजिए नीतीश जी, अब लोग घर के बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं।”

पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप

परिवार ने पुलिस की देरी और ढुलमुल रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी संवेदनशील जगह पर हत्या हो जाना और पुलिस का डेढ़ घंटे बाद पहुंचना, इस बात का संकेत है कि अपराधियों को कानून का कोई भय नहीं है।

कौन थे गोपाल खेमका?

  • पटना के जाने-माने व्यापारी, कई कारोबारों से जुड़े।
  • बांकीपुर क्लब के डायरेक्टर।
  • 2018 में बेटे गुंजन खेमका की हत्या।
  • छोटे बेटे पर भी जानलेवा हमला हो चुका है।
  • भाजपा से जुड़े रहे।
  • हत्या के वक्त बिना सुरक्षा गार्ड या एस्कॉर्ट के अकेले लौट रहे थे।

राजनीतिक हलचल और आगे की कार्रवाई

इस जघन्य हत्या के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को CM हाउस बुलाकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस घटना की जांच में SIT गठित किए जाने की मांग उठ रही है।

इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिहार में एक व्यवस्थित अपराध तंत्र फिर से सक्रिय हो रहा है? और क्या राज्य की कानून-व्यवस्था अब सिर्फ सत्ता के नारों तक सिमट कर रह गई है?

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Mudit
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लेखक 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर विश्लेषणात्मक लेखन कर रहे हैं। सांस्कृतिक सन्दर्भ में समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास के प्रमुख प्रश्नों के रिसर्च बेस्ड प्रस्तुतिकरण और समाधान में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। वे विषयों को केवल घटना के स्तर पर नहीं, बल्कि उनके ऐतिहासिक आधार, वैचारिक पृष्ठभूमि और दीर्घकालीन प्रभाव के स्तर पर परखते हैं। इसी कारण उनके राष्ट्रवादी लेख पाठक को नई दृष्टि और वैचारिक स्पष्टता भी देते हैं। इतिहास, धर्म और संस्कृति पर उनकी पकड़ व्यापक है। उनके प्रामाणिक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं। उनका शोधपरक लेखन सार्वजनिक संवाद को अधिक तथ्यपरक और अर्थपूर्ण बनाने पर केंद्रित है।
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