कोरियन गेम बना जानलेवा: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित साहिबाबाद इलाके की ‘भारत सिटी’ सोसायटी में बीती रात जो हुआ, वह किसी बुरे सपने से कम नहीं था।
यहां एक ही परिवार की तीन नाबालिग सगी बहनों की नौवीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई।
यह घटना जितनी दर्दनाक है, उतनी ही डराने वाली भी, क्योंकि पुलिस जांच में इसका संबंध एक खतरनाक मोबाइल गेमिंग एप से जुड़ता नजर आ रहा है।
ऑनलाइन गेमिंग एप में डूबी तीन बहने
कोरियन गेम बना जानलेवा: पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन गेमिंग एप ‘कोरियन लवर’ की लत में पूरी तरह डूब चुकी थीं।
यह एक टास्क आधारित गेम बताया जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों को एक के बाद एक अजीब और जोखिम भरे टास्क दिए जाते हैं।
आशंका जताई जा रही है कि इसी गेम के आखिरी टास्क को पूरा करने की कोशिश में यह हादसा हुआ।
घटनास्थल से पुलिस को एक पॉकेट डायरी भी मिली है, जिसने इस मामले को और गंभीर बना दिया। डायरी में करीब 8 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा हुआ है।
इसमें तीनों बहनों ने अपने मोबाइल, गेम और ऑनलाइन गतिविधियों का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि उन्हें यह गेम बेहद पसंद है और वे इसे छोड़ नहीं सकतीं।
नोट के आखिर में लिखा वाक्य—“पापा आई एम सॉरी”—हर पढ़ने वाले की आंखें नम कर देने के लिए काफी है।
तीनों बच्चियां ऊपर से गिरी
इस दर्दनाक घटना के प्रत्यक्षदर्शी सोसायटी निवासी अरुण कुमार ने बताया कि यह हादसा रात करीब 2 बजे हुआ। उनके मुताबिक, उन्होंने तीनों बच्चियों को ऊपर से गिरते हुए देखा।
उन्हें ऐसा लगा कि शायद एक बच्ची कूदने जा रही थी और बाकी दो उसे रोकने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन संतुलन बिगड़ने से तीनों नीचे आ गिरीं।
अरुण ने ही तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों बहनों को कोरियन कल्चर और उससे जुड़े गेम्स का जबरदस्त शौक था।
मोबाइल की शुरुआती जांच में ‘50 टास्क’ नाम की एक सीरीज का जिक्र मिला है। माना जा रहा है कि आखिरी यानी 50वां टास्क बेहद खतरनाक था।
घर में मिले कागजों पर भी कोरियन गेम्स से जुड़ी बातें लिखी हुई पाई गई हैं।
अब साइबर सेल यह जांच कर रही है कि कहीं किसी ने ऑनलाइन इन बच्चियों को आत्मघाती कदम उठाने के लिए उकसाया तो नहीं।
कोरोना काल से लगी लत
परिवार की कहानी भी कम दुखद नहीं है। मृतक बच्चियों के पिता चेतन ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के बाद से ही तीनों बेटियों ने पढ़ाई छोड़ दी थी और धीरे-धीरे मोबाइल गेम्स में पूरी तरह खो गई थीं।
जब भी घरवाले उन्हें गेम खेलने से रोकते, वे नाराज हो जाती थीं। चेतन अपनी दो पत्नियों और चार बच्चों के साथ इस फ्लैट में रहते थे।
उनका एक छोटा बेटा मानसिक रूप से बीमार है। ऐसे में तीन बेटियों का एक साथ यूं चले जाना पूरे परिवार को तोड़ कर रख गया है।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने फ्लैट और उस खिड़की की बारीकी से जांच की है, जहां से बच्चियां गिरीं।
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि यह किसी ऑनलाइन सुसाइड गेम से जुड़ा मामला है या कोई और साजिश।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल और ऑनलाइन गेम्स की खतरनाक लत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

