Friday, February 27, 2026

गाजियाबाद: Ex-Muslim सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला, सुधार की आवाज़ उठाई तो अपनों ने ही बहाया खून

गाजियाबाद: गाज़ियाबाद के लोनी से आई एक झकझोर देने वाली खबर ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

खुद को एक्स-मुस्लिम बताने वाले और मुस्लिम समाज में सुधारवादी सोच की वकालत करने वाले सलीम वास्तिक पर जुमे की नमाज के बाद जानलेवा हमला हुआ है।

साजिश या नफरत का इंतकाम?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन पर ये हमला जुमे यानी शुक्रवार के सुबह की नमाज के बाद हुआ। हमलावरों ने पूरी तैयारी के साथ उनके गले, सीने और पेट पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए।

गले पर हुए गहरे घाव ने उनकी स्थिति को अत्यंत गंभीर बना दिया है। फिलहाल वह दिल्ली के GTB अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

सलीम वास्तिक कोई अनजाना नाम नहीं हैं। वह अक्सर टीवी डिबेट्स और सार्वजनिक मंचों पर मजहबी कट्टरपंथ को तर्क की कसौटी पर कसते थे।

उनके साथियों का साफ आरोप है कि यह हमला अचानक हुई कोई झड़प नहीं, बल्कि सलीम की वैचारिक आवाज को हमेशा के लिए खामोश करने की एक सोची-समझी साजिश है।

अपनों को ही लहूलुहान करने वाली मानसिकता

गाजियाबाद: इस घटना का सबसे डरावना पहलू यह है कि कट्टरपंथ की भूख अब अपनों के ही खून से शांत होने लगी है। जो मजहबी उन्माद अब तक दूसरों को निशाना बनाता था,

आज उसने उसी सलीम का सीना छलनी कर दिया जिसने अपने ही समुदाय को आईना दिखाने की जुर्रत की थी। यह हमला साबित करता है कि कट्टरता को सत्य, तर्क और सुधार से नफरत है।

प्रशासन और समाज पर उठते सवाल

गाजियाबाद: सलीम के खिलाफ पहले भी मजहबी भावनाओं को भड़काने के नाम पर केस दर्ज कराए गए थे, जो यह दर्शाता है कि उन्हें दबाने की कोशिशें लंबे समय से जारी थीं।

लेकिन जब कानूनी दांव-पेच काम नहीं आए, तो ईशनिंदा और मजहब के नाम पर कानून हाथ में ले लिया गया।

पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह हमला केवल एक व्यक्ति सलीम पर नहीं है। यह हमला उस हर स्वतंत्र वैचारिक अभिव्यक्ति पर है जो कट्टरता के अंधेरे में तर्क की मशाल जलाने का साहस करती है।

अगर आज समाज और प्रशासन ने इन हमलावरों और उनके पीछे की मानसिकता को कड़ा सबक नहीं सिखाया, तो आने वाले समय में तर्क और विवेक की जगह सिर्फ तलवारों का शोर सुनाई देगा।

सलीम वास्तिक का बहता लहू आज हर उस इंसान से जवाब मांग रहा है जो खुद को सभ्य कहता है।

यह भी पढ़ें: अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ी मुश्किलें, बटुकों के मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न का खुलासा

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article