पंचर बनाने की आड़ में जासूसी: हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने देश की अखंडता को चुनौती देने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
इस नेटवर्क का जाल हरियाणा के फरीदाबाद से लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था।
गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी नौशाद अली उर्फ लालू को गिरफ्तार किया है, जो फरीदाबाद के नचौली गांव में एक साधारण पंचर बनाने वाले की आड़ में पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था।
अब तक इस गिरोह के सरगना सुहेल सहित 22 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
पंचर की दुकान की आड़ में रची जा रही थी साजिश
जांच में सामने आया है कि बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का रहने वाला नौशाद अली करीब तीन महीने पहले फरीदाबाद आया था।
उसने नचौली स्थित एक पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान खोली थी। यह दुकान केवल एक मुखौटा थी, ताकि वह सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर संवेदनशील स्थानों की रेकी कर सके।
पुलिस ने बताया कि नौशाद को कोलकाता से खास तौर पर इस काम के लिए बुलाया गया था, जिसमें पेट्रोल पंप के पूर्व मैनेजर और अन्य सहयोगियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
सोलर कैमरों के जरिए पाकिस्तान को लाइव एक्सेस
पंचर बनाने की आड़ में जासूसी: इस जासूसी नेटवर्क का सबसे खतरनाक पहलू सोलर ऑपरेटेड कैमरों का इस्तेमाल था। गिरोह ने देशभर में करीब 50 हाई-टेक सोलर कैमरे लगाने की योजना बनाई थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर ये कैमरे लगाए भी जा चुके थे।
इन कैमरों का सीधा डिजिटल एक्सेस पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के पास था, जिससे वे भारतीय रेलवे और सुरक्षा बलों की गतिविधियों को वास्तविक समय (Real-time) में लाइव देख पा रहे थे।
फोटो और वीडियो के बदले मिलता था मोटा कमीशन
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि वे रेलवे स्टेशनों और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए सीमा पार भेजते थे।
प्रति फोटो के बदले उन्हें 4,000 से 6,000 रुपये दिए जाते थे। वहीं, एक कैमरा इंस्टॉल करने के बदले 10 से 15 हजार रुपये का भुगतान किया जाता था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक 450 से अधिक संवेदनशील फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजे जा चुके हैं।
सादा कपड़ों में पहुंची पुलिस
नौशाद की गिरफ्तारी का घटनाक्रम किसी फिल्मी सीन जैसा रहा। 16 मार्च की शाम गाजियाबाद पुलिस सादे कपड़ों में लोकेशन ट्रैक करते हुए नचौली पहुंची।
शुरुआत में पुलिस ने पेट्रोल पंप कर्मियों से सामान्य पूछताछ की, जबकि पास खड़ा नौशाद बेखौफ होकर सब देखता रहा।
लेकिन जैसे ही पुलिस ने उसका असली नाम पुकारा और उसका मोबाइल कब्जे में लिया, पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं।
इससे पहले 14 मार्च को कौशांबी इलाके से 6 अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था, जिनकी निशानदेही पर यह बड़ी कार्रवाई हुई।
संयुक्त जांच और देशद्रोह का मामला
पंचर बनाने की आड़ में जासूसी: इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी पुलिस, यूपी एटीएस (ATS), दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में मेरठ का सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, इरम उर्फ महक और कई अन्य शामिल हैं।
पुलिस ने बरामद किए गए कैमरों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि डेटा किस सर्वर पर स्टोर किया जा रहा था।
स्थानीय लोगों के लिए यह खबर चौंकाने वाली थी कि जिस व्यक्ति को वे मामूली मैकेनिक समझ रहे थे, उसके खिलाफ देशद्रोह का गंभीर मामला दर्ज है।
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