दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली में संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 273 कंपनियों की तैनाती दूसरी बार बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 तक कर दी गई है। यह फैसला राजधानी में लगातार बनी प्रदर्शन की आशंकाओं के बीच लिया गया है।
अक्टूबर की शुरुआत में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के कारण दिल्ली में बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बल बुलाए गए थे। अब प्रदर्शनकारियों के दोबारा सक्रिय होने की संभावना को देखते हुए गृह मंत्रालय ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मौजूदगी जारी रखने का निर्णय लिया है।
गृह मंत्रालय ने 22 अक्टूबर को जारी किए निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस और संबंधित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए। राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय बलों की तैनाती की अवधि बढ़ाने का निर्णय किया गया।
दिल्ली पुलिस ने पहले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती 20 अक्टूबर तक बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके बाद सुरक्षा परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए गृह मंत्रालय को दोबारा पत्र भेजा गया, जिसमें 273 कंपनियों की तैनाती निर्धारित समय सीमा के बाद भी जारी रखने की अनुमति मांगी गई थी।
दिल्ली में पहले 301 कंपनियों की तैनाती को मिली थी मंजूरी
दिल्ली में 10 अक्टूबर को सीजेपी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था व्यापक स्तर पर बढ़ाई गई थी। दिल्ली पुलिस की मांग पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुल 301 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी थी, ताकि संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध रहें।
इस प्रक्रिया के अंतर्गत दिल्ली पुलिस ने 6 अक्टूबर को केंद्रीय बलों की 221 कंपनियां मांगी थीं। इसके बाद 8 अक्टूबर को अतिरिक्त 80 कंपनियों की मांग की गई। इस प्रकार राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कुल 301 कंपनियों की तैनाती स्वीकृत हुई थी।
अब गृह मंत्रालय ने इनमें से 273 कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर तक जारी रखने की मंजूरी दी है। यह निर्णय सीजेपी सहित अन्य संगठनों के संभावित विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। दिल्ली पुलिस को सुरक्षा संबंधी तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जंतर मंतर से संसद भवन तक प्रदर्शन की आशंका
दिल्ली पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शनकारी एक बार फिर राजधानी के प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर एकत्र हो सकते हैं। इनमें जंतर मंतर, चुनाव आयोग, संसद भवन और इंडिया गेट शामिल हैं। इन स्थानों पर संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है।
गृह मंत्रालय को भेजे गए पत्र में मंत्रियों के कार्यालयों और सरकारी आवासों के बाहर भी विरोध प्रदर्शन होने की संभावना जताई गई थी। इन परिस्थितियों में पुलिस ने अतिरिक्त केंद्रीय बलों की आवश्यकता बताई, ताकि किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।
सीजेपी और अन्य संगठनों की गतिविधियों पर पुलिस की नजर
अक्टूबर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था लगातार निगरानी में है। सीजेपी और अन्य संगठनों की संभावित गतिविधियों को देखते हुए दिल्ली पुलिस सुरक्षा तैयारियों में किसी प्रकार की कमी नहीं रखना चाहती। इसी कारण अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती आगे बढ़ाई गई है।
केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी से दिल्ली पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलेगी। विशेष रूप से सरकारी संस्थानों, प्रमुख सार्वजनिक स्थानों और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े क्षेत्रों में संभावित भीड़ तथा विरोध प्रदर्शनों से निपटने की तैयारियां जारी रहेंगी।
31 अक्टूबर तक राजधानी में जारी रहेगी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था
गृह मंत्रालय के ताजा निर्णय के अनुसार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 273 कंपनियां 31 अक्टूबर तक दिल्ली में तैनात रहेंगी। इससे पहले तैनाती की अवधि बढ़ाई जा चुकी थी। अब दूसरी बार अवधि बढ़ाने से स्पष्ट है कि प्रशासन संभावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर सतर्कता बनाए हुए है।
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल आपसी समन्वय के माध्यम से राजधानी की कानून व्यवस्था संभालेंगे। फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संभावित विरोध प्रदर्शनों के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना और संवेदनशील सरकारी तथा सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

