Condom के बिना Safety? जब भी अनचाहे गर्भ (pregnancy) को रोकने या फैमिली प्लानिंग की बात आती है, तो सबसे पहले दिमाग में कंडोम का ही नाम आता है।
कंडोम बहुत अच्छा है क्योंकि यह प्रेग्नेंसी के साथ-साथ बीमारियों से भी बचाता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेडिकल साइंस में इसके अलावा भी कई असरदार तरीके हैं?
हर किसी की बॉडी और जरूरत अलग होती है।
इसीलिए मार्केट में प्रेग्नेंसी रोकने के तरीके (birth control) भी कई तरह के मौजूद हैं।
आइए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आपके पास कौन-कौन से रास्ते हैं और उनके क्या फायदे या नुकसान हैं।
रोज़ खाई जाने वाली गोलियां (Birth Control Pills)
Condom के बिना Safety? यह तरीका महिलाओं के बीच सबसे ज़्यादा चलने वाले प्रेग्नेंसी रोकने की तरीके में से एक है।
इसमें छोटी-छोटी गोलियां होती हैं, जिन्हें महिला को रोज़ एक ही टाइम पर खाना होता है।
फायदे: अगर आप इसे रोज़ बिना भूले सही टाइम पर खाती हैं, तो यह 99% तक असरदार है।
इससे पीरियड्स का दर्द कम होता है और पीरियड्स टाइम पर आते हैं।
नुकसान: इसकी सबसे बड़ी शर्त है कि आपको रोज़ याद रखना पड़ेगा। एक भी दिन गोली भूले, तो प्रेग्नेंसी का खतरा बढ़ जाता है।
शुरुआत में कुछ महिलाओं का जी मिचलाना या मूड खराब होने जैसी छोटी दिक्कतें हो सकती हैं।
कॉपर-टी या आईयूडी (IUD)
Condom के बिना Safety? यह एक छोटा सा प्लास्टिक या कॉपर का अक्षर ‘T’ जैसा ढांचा होता है।
इसे लेडी डॉक्टर महिला की बच्चेदानी के अंदर सेट कर देती हैं।
यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो रोज़-रोज़ की झंझट नहीं चाहते।
फायदे: यह 99% से भी ज़्यादा सेफ़ है। एक बार लगवा लिया तो यह 3 से 10 साल तक चलती है यानी लंबे समय की छुट्टी।
जब आपको बच्चा चाहिए हो, डॉक्टर से इसे निकलवा लें, आप दोबारा मां बन सकती हैं।
यह एक बहुत ही भरोसेमंद प्रेग्नेंसी रोकने के तरीके में गिना जाता है।
नुकसान: इसे लगवाते समय थोड़ा दर्द या अजीब सा लग सकता है।
शुरू के 2-3 महीनों में पीरियड्स के दौरान थोड़ा ज़्यादा खून (bleeding) या दर्द हो सकता है।
इंजेक्शन (3 महीने का शॉट)
अगर आप रोज़ गोली खाना भूल जाती हैं और बॉडी के अंदर कॉपर-टी भी नहीं लगवाना चाहतीं, तो इंजेक्शन आपके लिए एक बढ़िया रास्ता है।
यह इंजेक्शन डॉक्टर या नर्स महिला के हाथ या कमर पर लगाते हैं।
फायदे: यह बहुत ही आसान और प्राइवेट तरीका है किसी को पता भी नहीं चलता।
साल में सिर्फ 4 बार इंजेक्शन लगवाना पड़ता है और हर महीने की टेंशन खत्म।
नुकसान: हर 3 महीने पूरे होते ही आपको हॉस्पिटल या क्लिनिक जाना ही पड़ेगा।
अगर इसका कोई साइड इफेक्ट (जैसे थोड़ा वज़न बढ़ना) होता है, तो आप इसे बीच में रोक नहीं सकतीं, क्योंकि दवा का असर 3 महीने तक बॉडी में रहता है।
इमरजेंसी गोली (Morning-After Pill)
एक बात का खास ध्यान रखें, यह रोज़ खाने वाली गोली नहीं है।
यह सिर्फ तब के लिए है जब कोई हादसा हो जाए।
जैसे अगर कंडोम फट गया हो या आप अपनी रेगुलर गोली खाना भूल गई हों, तो संबंध बनाने के 72 घंटे (3 दिन) के अंदर इसे खाया जाता है।
फायदे: किसी अचानक हुई गलती या एक्सीडेंट के समय यह आपको अनचाही प्रेग्नेंसी से बचाने का आखिरी मौका देती है।
नुकसान: आप इसे लेने में जितनी देरी करेंगी, इसका असर उतना ही कम हो जाएगा।
इसे बार-बार खाने से महिलाओं के पीरियड्स का पूरा चक्र बिगड़ जाता है और शरीर में कमज़ोरी आ सकती है।
सबसे ज़रूरी बात: डबल सेफ्टी क्यों है ज़रूरी?
जब आप प्रेग्नेंसी रोकने के तरीके के बारे में जान रहे हों, तो एक बात हमेशा याद रखें कंडोम के अलावा ऊपर बताया गया कोई भी तरीका आपको गुप्त रोगों (STIs या HIV) से नहीं बचा सकता।
स्मार्ट तरीका: सबसे सेफ़ रास्ता यह है कि प्रेग्नेंसी से बचने के लिए महिला ऊपर बताए तरीकों (जैसे गोली या कॉपर-टी) का यूज़ करे, और पुरुष पार्टनर कंडोम का यूज़ करे।
इससे आप प्रेग्नेंसी और बीमारी, दोनों से 100% सेफ़ रहेंगे।
अपने लिए सही तरीका कैसे चुनें?
सबकी बॉडी अलग होती है, इसलिए हर किसी के लिए एक ही तरीका सही नहीं बैठता।
आपके लिए क्या बेस्ट है, यह आपकी हेल्थ और आपके फ्यूचर प्लान पर डिपेंड करता है।
बिना किसी शर्म या झिझक के किसी अच्छी महिला रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से मिलें।
वो आपकी बॉडी के हिसाब से आपको सबसे सेफ़ और सही तरीका बताएंगी, ताकि आप बिना किसी डर के अपनी लाइफ एंजॉय कर सकें।
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