पश्चिम बंगाल में BLO की रहस्यमयी मौत: कोलकाता के मुकुंदपुर इलाके से बीएलओ (BLO) की संदिग्ध मौत की खबर सामने आई है। 15 जनवरी 2026 को बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अशोक दास की बाथरूम में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई।
पश्चिम बंगाल में BLO की रहस्यमयी मौत: अशोक शव बाथरूम में लटका मिला
15 जनवरी की सुबह कोलकाता के मुकुंदपुर स्थित अहल्यानगर इलाके में 47 वर्षीय बीएलओ अशोक दास का शव उनके घर के बाथरूम में लटका हुआ पाया गया।
स्थानीय लोगों और परिवार वालों ने तुरंत उन्हें पास के आर.एन. टैगोर अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या थी या किसी अन्य कारण से मौत हुई है।
मृतक की पत्नी का आरोप है कि वार्ड नंबर 19 के तृणमूल कांग्रेस के पार्षद बनर्जी और उनके करीबी सहयोगी राजू द्वारा अशोक दास को लगातार धमकाया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।
कौन थे अशोक दास?
अशोक दास पेशे से एक स्कूल शिक्षक थे और साथ ही चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त बीएलओ के रूप में कार्यरत थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनका घर पूर्व जादवपुर थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर इलाके के अहिल्यानगर में स्थित है।
वे पूर्व जादवपुर के छितकालिकापुर इलाके के एफपी स्कूल में पोलिंग स्टेशन नंबर 110 के बीएलओ के रूप में कार्य कर रहे थे।
परिवार और परिचितों की प्रतिक्रिया
परिवार के अनुसार, अशोक दास लंबे समय से अत्यधिक मानसिक दबाव और तनाव में थे।
वे कई रातों तक देर से काम करते थे और सुबह जल्दी उठकर फिर से एसआईआर (SIR) से जुड़े कार्यों में लग जाते थे।
उनकी पत्नी और बहन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत भी खराब चल रही थी और वे मानसिक तनाव का सामना कर रहे थे।
परिवार ने यह भी कहा कि काम के बढ़ते बोझ के कारण उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा था।
मृतक की पत्नी ने दोहराया कि वार्ड नंबर 19 के तृणमूल पार्षद बनर्जी और उनके सहयोगी राजू द्वारा उन्हें रोजाना धमकाया जाता था।
हालांकि, उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
बड़ी तस्वीर: बीएलओ पर बढ़ता दबाव
पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पिछले दो महीनों में कई बीएलओ की मौत या तनावजनित बीमारियों के मामले सामने आए हैं,
जिससे सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि इस प्रक्रिया के चलते अब तक दर्जनों मौतें हो चुकी हैं और कई कर्मचारी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
उनके अनुसार, ये घटनाएं चुनाव आयोग की अव्यवस्थित और अत्यधिक कार्यभार वाली प्रक्रिया के कारण बढ़ रही हैं।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। परिवार और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अशोक दास की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बीएलओ कर्मचारियों पर काम का बोझ कब तक जानलेवा साबित होता रहेगा।

