भजनलाल शर्मा बायोग्राफी: न कोई विरासत, न कोई जनआंदोलन का चेहरा, फिर भी संगठन का सबसे भरोसेमंद व्यक्ति।
जिसने न तो किसी बड़े नेता के नाम पर राजनीति की, न ही किसी वंश या विरासत का सहारा लिया।
जिसका चेहरा पोस्टरों पर कम और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच ज़्यादा दिखता था।
जिसे न कभी “मास लीडर” कहा गया, न ही चुनावी स्टार लेकिन संगठन के हर कार्यकर्ता के बीच भरोसे का नाम बन गया।
अपने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर जिसने राजनीति को याद दिलाया कि निष्ठा और अनुशासन आज भी सबसे बड़ी योग्यता हैं।
जी हां, हम बात कर रहे हैं ,राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की।
जिसने सालों तक पर्दे के पीछे रहकर पार्टी को मजबूत किया और फिर अचानक सत्ता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संभाल ली।
व्यक्तिगत विवरण
| पूरा नाम | भजनलाल शर्मा |
| जन्म तिथि | 15 दिसंबर 1967 (उम्र 58 वर्ष) |
| जन्म स्थान | भरतपुर, राजस्थान |
| राजनीतिक दल | भारतीय जनता पार्टी |
| शिक्षा | स्नातकोत्तर |
| पेशा | व्यवसायी एवं राजनीतिज्ञ |
| पिता का नाम | किशन स्वरूप शर्मा |
| माता का नाम | गोमती देवी |
| पत्नी | गीता शर्मा (थोक व्यापार से जुड़ी हुई) |
| संतान | दो पुत्र |
| पुत्र 1 | अभिषेक शर्मा – यूपीएससी की तैयारी में |
| पुत्र 2 | कुणाल शर्मा – एमबीबीएस डॉक्टर |
| धर्म / जाति | हिंदू / ब्राह्मण |
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
भजनलाल शर्मा बायोग्राफी: भजनलाल शर्मा का जन्म राजस्थान के भरतपुर जिले के अटारी गांव में एक साधारण कृषक परिवार में हुआ।
बचपन से ही उन्होंने मेहनत, अनुशासन और सामूहिक जीवन का महत्व सीखा। पढ़ाई के साथ-साथ वे खेती-बाड़ी और दूध संग्रह जैसे कार्यों में परिवार का हाथ बंटाते थे।
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक दूध बेचकर भी जीवन यापन किया।
शैक्षणिक यात्रा:
- प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा: अटारी एवं नदबई (भरतपुर)
- बीए: महाराजा सूरजमल जाट कॉलेज, भरतपुर (1989)
- एमए (राजनीति शास्त्र): राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर (1993)
- बीएड: पूर्ण
छात्र राजनीति से संगठन तक
भजनलाल शर्मा का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से सक्रिय राजनीति में आए।
1990 के कश्मीर मार्च में भाग लिया, जहां कश्मीरी हिंदुओं के समर्थन में आंदोलन करते हुए उधमपुर में गिरफ्तार हुए।
1992 के राम जन्मभूमि आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
भाजपा में संगठनात्मक भूमिका
भजनलाल शर्मा की पहचान एक जमीनी और संगठन के लिए काम करने वाले नेता के रूप में बनी।
तीन बार भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला अध्यक्ष रहे।
बाद में भाजपा के जिला अध्यक्ष और जिला सचिव बने।
राज्य स्तर पर उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं:
- भाजपा राजस्थान उपाध्यक्ष (2014–2016)
- भाजपा राजस्थान महामंत्री (2016–2023)
- लगातार सात वर्षों तक महामंत्री के रूप में उनका कार्यकाल पार्टी संगठन को मजबूत करने में बेहद प्रभावी माना जाता है।
चुनावी राजनीति
2003 विधानसभा चुनाव: नदबई सीट से राजस्थान सामाजिक न्याय मंच के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन पांचवें स्थान पर रहे।
2023 विधानसभा चुनाव: सांगानेर सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को भारी मतों से हराया।
राजनीतिक सफर
- 2025: राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत
- 2023: पहली बार विधायक बने और राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री बने
- 2016: भाजपा राजस्थान के महामंत्री बने
- 2014: भाजपा राजस्थान के उपाध्यक्ष बने
- 2010: अटारी ग्राम पंचायत समिति के सदस्य
- 2009: भाजपा जिला अध्यक्ष, भरतपुर
- 2003: विधानसभा चुनाव में पराजय
- 2000: अटारी गांव के सरपंच बने
राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में
- भजनलाल शर्मा ने 15 दिसंबर 2023 को राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
- उनके साथ दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
- वरिष्ठ नेताओं को पीछे छोड़कर उनका चयन होना राष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बना और इसे भाजपा की संगठन आधारित राजनीति का उदाहरण माना गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजनीतिक जुड़ाव
भजनलाल शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास दृष्टि के समर्थक माने जाते हैं। वे सार्वजनिक मंचों पर मोदी सरकार की नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास की खुलकर सराहना करते हैं।
हालांकि वे मोदी के व्यक्तिगत करीबी सहयोगी नहीं माने जाते, लेकिन वे उस संगठनात्मक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिस पर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भरोसा करता है।
प्रमुख उपलब्धियां
संगठनात्मक मजबूती: 2019–2023 के दौरान विपक्ष में रहते हुए भी भाजपा कार्यकर्ताओं को सक्रिय और एकजुट बनाए रखा।
चुनावी सफलता: 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 115 सीटों की निर्णायक जीत दिलाने में अहम भूमिका।
मुख्यमंत्री के रूप में प्रशासनिक पहल
- सेवा पखवाड़ा जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत
- आम जनता से सीधे संवाद और जमीनी स्तर पर सक्रिय भागीदारी
- कल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर जोर
विवाद और आलोचनाएं
- अचानक मुख्यमंत्री बनाए जाने पर बहस: विधायी अनुभव की कमी को लेकर आलोचना हुई।
- 2025 विमान नेविगेशन मामला: एक चार्टर्ड विमान के गलत हवाई पट्टी पर उतरने से DGCA जांच और पायलट को ग्राउंड किया गया।
- राजनीतिक आरोप: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा आंतरिक साजिश के आरोप, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
प्रमुख कथन
- “पहले से चल रही योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें और बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा।”
- “हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।”
- “एक अच्छा शिक्षक हजार पुस्तकालयों के बराबर होता है।”
- “लालकृष्ण आडवाणी जी को भारत रत्न देना भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान का सम्मान है।”
- “गुरु नानक देव जी ने सत्य, प्रेम और मानवता का संदेश दिया, जो जाति और भेदभाव से ऊपर है।”
संपत्ति विवरण
- कुल संपत्ति: ₹1.47 करोड़
- देयताएं: ₹35 लाख
- कुल निवल संपत्ति: ₹1.12 करोड़
दृष्टिकोण और कार्यशैली
भजनलाल शर्मा बायोग्राफी: भजनलाल शर्मा की शासन शैली का केंद्र बिंदु है:
- जमीनी स्तर से जुड़ा शासन
- जनता-केंद्रित प्रशासन
- “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य के अनुरूप राज्य का विकास
- कल्याणकारी योजनाएं, बुनियादी ढांचा और डिजिटल कनेक्टिविटी
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