अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ी मुश्किलें: यौन शोषण के आरोपों में घिरे शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद के मामले में अब मेडिकल रिपोर्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।
जिन बटुकों ने उनके खिलाफ शिकायत की थी, उनकी डॉक्टरों से जांच कराई गई थी। बताया जा रहा है कि मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण के सबूत मिले हैं।
हालांकि पुलिस ने अभी पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है और जांच जारी है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सच सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
मेडिकल जांच में हुआ खुलासा
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित बताए जा रहे बटुकों की मेडिकल जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो उनके आरोपों को मजबूती देते हैं।
कहा जा रहा है कि रिपोर्ट में जबरदस्ती और शारीरिक उत्पीड़न के संकेत मिले हैं। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर विस्तार से जानकारी साझा नहीं की है।
जांच एजेंसियां मेडिकल रिपोर्ट को अहम सबूत मानकर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। डॉक्टरों की टीम ने आवश्यक जांच प्रक्रिया पूरी की है और रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है।
अब पुलिस इस आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पीड़ित बटुकों के गंभीर आरोप
दो बटुकों ने आरोप लगाया है कि गुरु दीक्षा और धार्मिक शिक्षा के नाम पर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें डराकर और दबाव बनाकर चुप रहने को कहा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि वे अकेले नहीं हैं।
उनके मुताबिक, लगभग 20 अन्य बटुक भी इसी तरह की घटनाओं का शिकार हुए हैं।
कुछ पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि मठ परिसर में बाहरी लोगों का आना-जाना रहता था, जिनमें प्रभावशाली लोग भी शामिल थे।
जब उन्होंने विरोध करने की कोशिश की, तो उन्हें धमकाया गया और चुप रहने के लिए मजबूर किया गया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला
इस मामले में आशुतोष महाराज नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि कोर्ट के निर्देश के बाद शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद और उनके एक शिष्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पीड़ितों के बयान दर्ज कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों से भी संपर्क किया जा रहा है।
दूसरी ओर, शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद की तरफ से सभी आरोपों को निराधार बताया गया है। उनका कहना है कि यह उनके खिलाफ साजिश है और वे न्यायिक प्रक्रिया में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

