बुलंदशहर में ATS की कार्रवाई: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने बुलंदशहर जिले के अकबरपुर इलाके से दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है।
दोनों की पहचान मोहम्मद उमर और फैजान के रूप में हुई है। ATS का दावा है कि दोनों युवक पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क से जुड़े गैंगस्टर आबिद जट के संपर्क में थे।
इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर कड़ी की जांच में जुट गई हैं।
काफी समय से निगरानी में थे दोनों युवक
जानकारी के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को कुछ समय पहले दोनों युवकों की गतिविधियों को लेकर इनपुट मिला था।
इसके बाद ATS ने तकनीकी निगरानी शुरू की और उनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों तथा संपर्कों पर नजर रखी।
जांच में कुछ संदिग्ध जानकारियां मिलने के बाद टीम ने अकबरपुर में छापेमारी कर दोनों को हिरासत में ले लिया। फिलहाल उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
सोशल मीडिया पर साझा करते थे पाकिस्तानी पोस्ट
ATS की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मोहम्मद उमर और फैजान सोशल मीडिया पर पाकिस्तान से जुड़ी पोस्ट और तस्वीरें साझा करते थे।
एजेंसी को संदेह है कि दोनों की ऑनलाइन गतिविधियां सामान्य नहीं थीं और वे पाकिस्तान में बैठे कुछ लोगों के लगातार संपर्क में थे।
इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और कई डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं।
आबिद जट के पोस्टर लगाने का आरोप
जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों युवकों पर बुलंदशहर में पाकिस्तानी गैंगस्टर आबिद जट के पोस्टर चिपकाने का भी आरोप है।
प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि इसके बदले उन्हें 12 हजार रुपये मिलने वाले थे।
हालांकि, ATS अभी इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि यह रकम उन्हें मिली थी या नहीं और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं।
बड़ी साजिश के एंगल से जांच
ATS अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों युवकों का पाकिस्तानी नेटवर्क से कितना गहरा संबंध था।
एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या उन्हें पाकिस्तान से किसी विशेष मिशन या गतिविधि के लिए निर्देश दिए जा रहे थे।
उनके मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में आगे और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
परिवार ने बताया बेगुनाह
दूसरी ओर, दोनों आरोपितों के परिवारों ने उन्हें पूरी तरह निर्दोष बताया है। मोहम्मद उमर के पिता ने कहा कि उनके 10 बच्चे हैं और उमर उनका नौवां बेटा है।
वह खेती-बाड़ी का काम करता है और किसी भी आतंकी गतिविधि से उसका कोई संबंध नहीं है।
वहीं फैजान की मां ने भी कहा कि उनका बेटा ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर उन्हें यकीन नहीं है।
गांव के पूर्व प्रधान ने भी दी जानकारी
गांव के पूर्व प्रधान ने बताया कि मोहम्मद उमर और फैजान उनके गांव के मूल निवासी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों युवक मऊ-खेड़ा क्षेत्र से आकर यहां रह रहे थे।
फिलहाल ATS दोनों से गहन पूछताछ कर रही है और उनसे मिली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और ATS सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।
एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दोनों युवकों की भूमिका क्या थी और क्या उनके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

