Tuesday, February 24, 2026

अनुभव सिंह बस्सी बायोग्राफी: असफलताओं से उठकर भारत के सबसे पसंदीदा कॉमेडियन बनने तक का सफर

अनुभव सिंह बस्सी बायोग्राफी: शुरुआत एक ऐसे लड़के की, जिसे खुद भी नहीं पता था कि वह क्या बनना चाहता है। कभी आपने सोचा है कि एक ऐसा लड़का जो लॉ की पढ़ाई पूरी कर चुका हो,

जिसने UPSC की तैयारी शुरू की हो, जिसने अपना खुद का रेस्टोरेंट खोला हो लेकिन हर जगह असफल हो गया हो वही लड़का एक दिन देश का सबसे पसंदीदा स्टैंड-अप कॉमेडियन बन जाएगा?

यह कोई फिल्मी कहानी नहीं है, बल्कि अनुभव सिंह बस्सी की असली जिंदगी है।

मेरठ के एक साधारण मिडिल क्लास परिवार में पले-बढ़े बस्सी ने अपने जीवन की हर नाकामी को मज़ाक में बदला और वही मज़ाक आज लाखों लोगों की मुस्कान बन चुका है।

उनकी खासियत यह है कि वे अपनी कमियों और असफलताओं को छुपाते नहीं, बल्कि खुले दिल से लोगों के सामने रखते हैं।

शुरुआती जीवन और परिवार का असर

अनुभव सिंह बस्सी का जन्म 9 जनवरी 1991 को उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में हुआ। उनका पालन-पोषण एक साधारण भारतीय मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ,

जहाँ पढ़ाई और सुरक्षित करियर को बहुत महत्व दिया जाता था। उनके पिता खेती से जुड़े हैं और उनकी माँ गृहिणी हैं।

घर का माहौल सीधा-सादा था, लेकिन अनुशासन और जिम्मेदारी से भरा हुआ। मेरठ का छोटा शहर, वहाँ की बोलचाल, दोस्ती,

मोहल्ले की जिंदगी और आम लोगों की समस्याएँ — यही सब आगे चलकर उनकी कॉमेडी की नींव बने।

उनकी कहानियों में जो अपनापन और सच्चाई दिखती है, वह उनके इसी माहौल से निकली है।

विवरणजानकारी
पूरा नामअनुभव सिंह बस्सी
जन्म तिथि9 जनवरी 1991
उम्र35 वर्ष (2026 के अनुसार)
जन्म स्थानमेरठ, उत्तर प्रदेश, भारत
राष्ट्रीयताभारतीय
पेशास्टैंड-अप कॉमेडियन, अभिनेता, कंटेंट क्रिएटर
प्रसिद्धि का कारणस्टोरीटेलिंग कॉमेडी, मिडिल क्लास जिंदगी पर आधारित हास्य
श्रेणीभारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन
शिक्षाबीए एलएलबी
विश्वविद्यालयडॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी
स्कूलदेवान पब्लिक स्कूल
पारिवारिक पृष्ठभूमिभारतीय मध्यमवर्गीय परिवार
पिताकृषि से जुड़े (किसान)
मातागृहिणी
बहनरुचि अनिरुद्ध सिंह
वैवाहिक स्थितिअविवाहित
यूट्यूब सब्सक्राइबर5.2+ मिलियन
इंस्टाग्राम@be_a_bassi (3.8 मिलियन फॉलोअर्स)
कुल संपत्तिलगभग ₹16 करोड़

प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि

अनुभव सिंह बस्सी का जन्म 9 जनवरी 1991 को उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में हुआ था। वे एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में बड़े हुए, जहाँ पढ़ाई और सुरक्षित भविष्य को बहुत जरूरी माना जाता था।

उनके पिता खेती से जुड़े हैं और उनकी माँ घर संभालती हैं। घर का माहौल सीधा-सादा था, लेकिन परिवार में मेहनत और जिम्मेदारी की सीख दी जाती थी।
मेरठ शहर ने उनके स्वभाव पर गहरा असर डाला।

छोटे शहर की जिंदगी, दोस्तों के साथ बिताया समय, मोहल्ले की बातें और आम लोगों की परेशानियाँ यही सब आगे चलकर उनकी कॉमेडी का हिस्सा बना।

उनकी परवरिश सादी और जमीन से जुड़ी थी, इसलिए उनका मज़ाक भी बनावटी नहीं लगता।

जब वे स्टेज पर अपनी कहानियाँ सुनाते हैं, तो लोगों को लगता है जैसे उनके अपने घर या दोस्त की कहानी चल रही हो।

शिक्षा और करियर की पहली उलझन

बस्सी ने अपनी स्कूल की पढ़ाई मेरठ के Dewan Public School से की, जहाँ वे पढ़ाई के साथ-साथ एक्टिव स्टूडेंट भी रहे और हेड बॉय की जिम्मेदारी भी निभाई।

स्कूल के दिनों से ही उनमें आत्मविश्वास था, लेकिन करियर को लेकर स्पष्टता नहीं थी।

आगे चलकर उन्होंने लखनऊ की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से BA LLB की डिग्री 2015 में पूरी की।

कागजों पर सब कुछ परफेक्ट लग रहा था अच्छी डिग्री, बढ़िया कॉलेज और एक सुरक्षित भविष्य। लेकिन अंदर ही अंदर बस्सी को महसूस होता था कि शायद यह रास्ता उनके लिए नहीं है।

करियर को लेकर उलझन और लगातार असफलताएं

लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद बस्सी के सामने सबसे बड़ा सवाल था अब आगे क्या? डिग्री तो मिल गई थी, लेकिन मन अभी भी साफ नहीं था।

उन्होंने कुछ समय के लिए वकालत की, यह सोचकर कि शायद यही सही रास्ता हो। लेकिन उन्हें उसमें मज़ा नहीं आया।


इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की, क्योंकि यह एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर माना जाता है। उन्होंने मेहनत भी की, लेकिन उनका मन पूरी तरह से उसमें नहीं लगा।

इसी बीच उन्होंने दिल्ली में एक फूड बिज़नेस भी शुरू किया। उन्हें लगा कि शायद अपना काम करना बेहतर रहेगा, लेकिन कुछ ही महीनों में वह बिज़नेस बंद हो गया।

एक के बाद एक कोशिशें नाकाम होती जा रही थीं। न वकालत जमी, न यूपीएससी, न बिज़नेस चला। यह समय उनके लिए मानसिक रूप से बहुत मुश्किल था।

उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वे किस दिशा में जा रहे हैं। लेकिन बाद में यही असफलताएँ उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गईं।

उन्होंने अपने फेलियर को छिपाने की बजाय उन्हें मंच पर सुनाना शुरू किया। वही फेलियर, वही संघर्ष और वही उलझन आज उनकी कॉमेडी की जान हैं।

लाखों लोग उनकी कहानियों में अपनी जिंदगी की झलक देखते हैं, और यही वजह है कि उनका मज़ाक दिल से जुड़ जाता है।

स्टैंड-अप कॉमेडी में शुरुआत: एक अचानक लिया गया फैसला

बस्सी का कॉमेडी की दुनिया में आना पूरी तरह प्लान करके नहीं था। साल 2017 में उन्होंने सिर्फ कुछ नया ट्राई करने के लिए दिल्ली में एक ओपन माइक शो में अपना नाम लिखवा दिया।

उस समय उन्हें खुद भी नहीं पता था कि यह छोटा सा फैसला उनकी जिंदगी बदल देगा।

जब वे पहली बार स्टेज पर गए तो उन्होंने कोई बड़ी स्क्रिप्ट या याद किया हुआ मज़ाक नहीं सुनाया।

उन्होंने बस अपनी ही जिंदगी की सच्ची घटनाएँ उसी तरह बतानी शुरू कर दीं, जैसे कोई दोस्त बैठकर कहानी सुनाता है।

उनका अंदाज़ शांत और बातचीत जैसा था। कुछ ही मिनटों में लोग हंसने लगे।

वही पल उनके लिए खास बन गया। पहली बार उन्हें लगा कि शायद यही वह चीज है जिसमें वे खुद को खुलकर महसूस करते हैं।

उन्हें आत्मविश्वास आया और एक अलग तरह की आज़ादी महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने लगातार ओपन माइक करना शुरू कर दिया।

हालांकि शुरुआत आसान नहीं थी। कई शो ऐसे भी गए जहाँ ज्यादा रिस्पॉन्स नहीं मिला या लोगों की प्रतिक्रिया सामान्य रही, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और सीखते रहे।

वायरल सफलता: जब यूट्यूब ने पहचान दिलाई

बस्सी के करियर में असली बदलाव तब आया जब उन्होंने अपने स्टैंड-अप वीडियो यूट्यूब पर डालने शुरू किए। इंटरनेट ने उनकी पहुंच अचानक हजारों से लाखों लोगों तक पहुंचा दी।


उनकी कॉमेडी की खास बात यह थी कि उसमें ना बड़ी-बड़ी बातें थीं और ना ही किसी पर तंज कसने की कोशिश।

वे रोजमर्रा की जिंदगी की छोटी-छोटी घटनाओं के बारे में बात करते थे कॉलेज में की गई चीटिंग,

लॉ स्कूल की मुश्किलें, हॉस्टल की शरारतें और मिडिल क्लास परिवार का दबाव। वे इन सब बातों को बहुत ईमानदारी और सही टाइमिंग के साथ सुनाते थे।


उनके वीडियो “चीटिंग”, “लॉ स्कूल ” और खासकर “हॉस्टल ” बहुत तेजी से वायरल हुए। “Hostel” वाला वीडियो छात्रों के बीच खास तौर पर लोकप्रिय हो गया,

क्योंकि उसमें दोस्ती, मस्ती, डर, फेल होना और होस्टल की भागदौड़ सब कुछ बिल्कुल असली तरीके से दिखाया गया था। हर छात्र को लगा जैसे यह उसकी अपनी कहानी है।


बस्सी को सबसे अलग बनाती है उनकी सोच। वे दूसरों का मजाक नहीं उड़ाते, बल्कि खुद पर हंसते हैं।

वे अपनी असफलताओं, परीक्षा में फेल होने, माता-पिता को निराश करने, अजीब रिश्तों और करियर को लेकर कन्फ्यूजन जैसी बातों को खुलकर बताते हैं।

यही सच्चाई लोगों को उनके और करीब ले आती है।

प्रमुख उपलब्धियां: यूट्यूब से बॉलीवुड तक

2023 तक, अनुभव सिंह बस्सी की उम्र मात्र 32 वर्ष थी, लेकिन उनकी उपलब्धियाँ प्रभावशाली थीं:

  • गोल्डन ग्लोरी अवार्ड्स द्वारा यूथ आइकन ऑफ द ईयर (2021)
  • क्रिएटर्स यूनाइटेड अवार्ड्स में जीनियस स्टैंड-अप क्रिएटर ऑफ द ईयर (2023)
    ओटीटी सफलता:
  • “बस कर बस्सी” (2023): अमेज़न प्राइम पर उनके विशेष कार्यक्रम ने वैश्विक दर्शकों के सामने उनकी परिष्कृत कहानी कहने की कला का प्रदर्शन किया।
    बॉलीवुड डेब्यू:
  • “तू झूठी मैं मक्कार” (2023): रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर के साथ मनु डबास की भूमिका निभाई और अपनी स्वाभाविक हास्य टाइमिंग के लिए प्रशंसा अर्जित की।
  • “कॉमेडी कपल” (2020): ज़ी5 फिल्म में कैमियो भूमिका।

वित्तीय सफलता और कुल संपत्ति

2026 की शुरुआत तक अनुभव सिंह बस्सी की कुल संपत्ति लगभग ₹16 करोड़ (लगभग 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) है।


खबरों के मुताबिक, वह एक लाइव परफॉर्मेंस के लिए 4 लाख से 8 लाख रुपये तक चार्ज करते हैं, जिससे वह भारत के सबसे अधिक कमाई करने वाले भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन में से एक बन गए हैं।


यूट्यूब विज्ञापन , ब्रांड एंडोर्समेंट, लाइव शो और अभिनय भूमिकाओं से उनकी मासिक आय 21 लाख रुपये से अधिक है।


अक्टूबर 2023 में, उन्होंने 1.64 करोड़ रुपये की एक लग्जरी रेंज रोवर स्पोर्ट खरीदी, जो इस बात का प्रतीक है कि “असफल” वकील से कॉमेडियन बने व्यक्ति ने कितनी तरक्की की है।

मंच के बाहर का व्यक्तित्व और काम करने का तरीका

स्टेज पर भले ही बस्सी लोगों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देते हों, लेकिन मंच के बाहर उनका स्वभाव काफी शांत और सरल माना जाता है।

वे दिखावे से दूर रहते हैं और अपने काम पर ध्यान देना पसंद करते हैं। इंटरव्यू और बातचीत में वे अक्सर अनुशासन, लगातार मेहनत और खुद को समझने की बात करते हैं।

उनका मानना है कि अगर इंसान रोज थोड़ा-थोड़ा बेहतर बनने की कोशिश करे, तो बड़ी सफलता अपने आप मिलती है। इतनी लोकप्रियता मिलने के बाद भी वे अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं।

वे खुले तौर पर बताते हैं कि उन्होंने जिंदगी में कितनी असफलताएँ देखी हैं। वे अपने फेलियर को छुपाते नहीं, बल्कि उसे अपनी ताकत मानते हैं। यही सादगी और ईमानदारी उन्हें अलग बनाती है।


उनकी सोच नए और उभरते हुए कॉमेडियन के लिए प्रेरणा है। वे कहते हैं कि अगर आपका रास्ता साफ नहीं दिख रहा, तो घबराने की जरूरत नहीं है।

हर किसी की जिंदगी में उलझन का समय आता है। जरूरी यह है कि आप अपने सफर को स्वीकार करें और कोशिश करते रहें।


बस्सी का मानना है कि हर इंसान के पास अपनी कहानी होती है। फर्क सिर्फ इतना है कि कोई उसे छुपा लेता है और कोई उसे दुनिया के सामने बता देता है।

अगर आप सच्चाई और धैर्य के साथ अपनी बात कहें, तो लोग जरूर जुड़ते हैं।

भारतीय कॉमेडी पर प्रभाव

अनुभव सिंह बस्सी ने यह साबित कर दिया कि बिना ज्यादा शोर-शराबे और बिना विवाद के भी आप सफल हो सकते हैं। उन्होंने स्टोरीटेलिंग कॉमेडी को एक नई पहचान दी।

आज कई युवा कॉमेडियन उनकी शैली से प्रेरित होकर अपने जीवन की सच्ची कहानियाँ मंच पर ला रहे हैं।

अनुभव सिंह बस्सी की कहानी यह सिखाती है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि कभी-कभी वही असली शुरुआत होती है।

मेरठ का एक उलझा हुआ लॉ ग्रेजुएट आज देश के सबसे लोकप्रिय स्टैंड-अप कॉमेडियन में गिना जाता है।

उनकी यात्रा यह बताती है कि अगर आप अपनी कहानी को ईमानदारी से स्वीकार कर लें, तो वही कहानी आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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