कौन हैं AI किड ऑफ इंडिया: क्या आपने कभी सोचा है कि 16 साल की उम्र में कोई छात्र 1.5 लाख लोगों को AI सिखा सकता है और इंटरनेशनल लेवल पर काम कर सकता है?
यही कर दिखाया है भारत के जेन अल्फा आईकन राउल जॉन अजू ने।
AI किड ऑफ इंडिया
दिल्ली में आयोजित ‘भारत AI इम्पैक्ट समिट’ में 16 वर्षीय राउल जॉन अजू इन दिनों चर्चा में हैं। केरल के रहने वाले राउल को “AI किड ऑफ इंडिया” कहा जाता है।
इस इवेंट के दौरान उनकी मुलाकात एंटोनियो गुटेरेस से हुई, जो संयुक्त राष्ट्र के महासचिव हैं। राउल ने इसे अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया।
12 साल की उम्र में अपना पहला रोबोट
राउल ने सिर्फ छह साल की उम्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखना शुरू कर दिया था। छोटी उम्र से ही टेक्नोलॉजी में रुचि रखने वाले राउल अब तक 10 से ज्यादा AI टूल बना चुके हैं।
उन्होंने 12 साल की उम्र में अपना पहला रोबोट तैयार किया था, जो बच्चों को उनकी ही आवाज में AI सिखाता है। उनका मानना है कि अगर बच्चे जल्दी टेक्नोलॉजी सीखें तो वे भविष्य में आगे रह सकते हैं।
डेढ़ लाख छात्रों को दी ट्रेनिंग
राउल अब तक लगभग डेढ़ लाख छात्रों और कई कंपनियों को AI की ट्रेनिंग दे चुके हैं। वे फिलहाल दुबई और केरल सरकार के साथ अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।
इतनी कम उम्र में इंटरनेशनल लेवल पर काम करना उनकी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अपने पिता को नौकरी पर रखा
उन्होंने ‘आर्म टेक्नोलॉजीज’ नाम की अपनी कंपनी भी शुरू की है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपनी ही कंपनी में अपने पिता को नौकरी पर रखा है,
ताकि वे साथ मिलकर टेक प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकें।
राउल ने ज्यादातर स्किल्स खुद ऑनलाइन सीखीं और परिवार का उन्हें पूरा सपोर्ट मिला।
पीएम मोदी के 2047 के विकसित भारत का विजन इन्ही GEN G और GEN अल्फा के कंधों पर टिका हुआ है, जिसे ये बखूबी निभा रहे हैं।

