Wednesday, January 28, 2026

राम मंदिर: 286 किलो का स्वर्ण कोदंड रामलला को अर्पित

राम मंदिर: रामनगरी अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में विराजमान श्रीराम लला के 2 वर्ष पुरे होने की उपलक्ष में भव्य और ऐतिहासिक भेंटस्वरूप स्वर्ण कोंदक भेंट किया गया।

तीसरे वर्ष की शुरुआत पर बृहस्पतिवार को यह अनूठा राम धनुष उपहार मंदिर ट्रस्ट को सौंपा गया, पंचधातु से निर्मित इस स्वर्ण कोंदक का वजन 286 किलोग्राम है।

इसमें सोना , चांदी, जस्ता और लोहे का प्रयोग किया गया। लगभग 8 फुट लम्बे इस धनुष को पहले कारसेवकपुरम में रखा गया, जिसके बाद इसे विधिवत राम मंदिर ट्रस्ट को सौप दिया गया।

ओडिशा से भव्य शोभायात्रा के साथ अयोध्या पहुंचा यह कोदंड आस्था, राष्ट्रभक्ति और भारतीय शिल्पकला का अद्भुत प्रतीक है।

इस पर ऑपरेशन सिंदूर की सैन्य वीरता और कारगिल युद्ध शहीदों के नाम अंकित हैं।

286 किलो वजनी यह भव्य धनुष 22 जनवरी को अयोध्या पहुँचा। इसे खास तौर पर रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर अयोध्या लाया गया।

इस अवसर पर धनुष का पहुँचना आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है, जिससे यह दिन भक्तों के लिए और भी विशेष बन गया।

सोना-चांदी सहित पाँच धातुओं का कोदंड

राम मंदिर: यह शोभायात्रा ओडिशा के सभी 30 जिलों से होकर गुजरी। 19 जनवरी को पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन-पूजन के बाद आगे बढ़ी।

22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा की तिथि के पावन संयोग पर यह कोदंड अयोध्या पहुंचा। यहां रामलला को समर्पित किया गया।

पंचधातु से बने इस कोदंड में सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और लोहे का प्रयोग हुआ है, और इस धनुष को राम मंदिर के लिए तमिलनाडु के कांचीपुरम की 48 महिला कारीगरों ने बनाया है, उन्होंने करीब 8 महीने तक मेहनत की।

कोदंड पर जीवंत हुई भारतीय सेना की वीर गाथाएँ

कोदंड की एक और खास बात यह है कि उस पर भारतीय सेना की वीरता और बलिदान की गाथाओं को कलात्मक रूप से उकेरा गया है,

इसमें कारगिल युद्ध सहित कई ऐतिहासिक शौर्य प्रसंगों का चित्रण है. यह कोदंड केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, वीरता और बलिदान का भी संदेश देता है।

दिव्यता से हर दर्शक मंत्रमुग्ध

राम मंदिर: 19 जनवरी को यह धनुष पूरी पंहुचा , जहाँ भगवान् जगन्नाथ के दर्शन कराये गए, फिर यह 22 जनवरी को अयोध्या पंहुचा।

पूरी यात्रा सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के महासचिव चंपत राय ने विधि-विधान से इस कोदंड को स्वीकार किया।

इस मौके पर मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, सबकी नजरें इसकी भव्यता और कलाकृति पर टिकी रहीं, हर कोई इसकी अद्भुत दिव्यता से प्रभावित था।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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