स्वतंत्रता दिवस 2026: देश आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। देशभर में स्वतंत्रता दिवस का जश्न पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया जा रहा है।
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया।
इस बार का स्वतंत्रता दिवस कई मायनों में खास रहा, क्योंकि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले से पहली बार इसका विशेष गायन हुआ।
पीएम मोदी ने राजघाट पर बापू को किया नमन
स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंचकर की। यहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
पीएम मोदी ने बापू को नमन करते हुए देश की आजादी के लिए अपना योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और महान विभूतियों को भी याद किया।
इसके बाद प्रधानमंत्री लाल किले के लिए रवाना हुए, जहां स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया गया।
लाल किले पर लगातार 13वीं बार फहराया तिरंगा
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के बाद भारतीय सेना की सेरेमोनियल बैटरी की ओर से 21 तोपों की सलामी दी गई।
इस विशेष समारोह में 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के गनर्स ने हिस्सा लिया। सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली।
इस दौरान स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया गया। वहीं, भारतीय वायुसेना के दो MI-17 हेलीकॉप्टरों ने लाल किले के ऊपर से पुष्प वर्षा कर समारोह को और खास बना दिया।
तिरंगे के साथ आसमान से हुई फूलों की बारिश ने स्वतंत्रता दिवस के भव्य समारोह में देशभक्ति का रंग और गहरा कर दिया।
150 साल पूरे होने पर खास रहा ‘वंदे मातरम’
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का सबसे खास आकर्षण राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ रहा। ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले से पहली बार इसका विशेष गायन किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भी इस ऐतिहासिक अवसर का उल्लेख किया और कहा कि आजादी के बाद पहली बार लाल किले से ‘वंदे मातरम’ गूंज रहा है।
लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम’ की आकृति भी बनाई गई। इसमें सेना,
नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के साथ ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में करीब 2,500 लड़के और लड़कियां शामिल हुए।
युवा शक्ति पर जोर
इस बार स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ और ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखी गई है। समारोह के जरिए देश के युवाओं की भूमिका और विकसित भारत के लक्ष्य को प्रमुखता दी गई।
स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन देश की आजादी के संघर्ष को याद करने के साथ-साथ आने वाले भारत के संकल्प और भविष्य की दिशा को भी सामने रखता है।
कुल मिलाकर, 80वें स्वतंत्रता दिवस का यह समारोह देशभक्ति, इतिहास और भविष्य के संकल्प का अनोखा संगम रहा।
लाल किले से तिरंगे का फहराना, 21 तोपों की सलामी, हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा और 150 वर्ष पूरे होने पर ‘वंदे मातरम’ का विशेष गायन इस बार के समारोह को यादगार बना गया।

