एम्स में अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या: देश के शीर्ष सरकारी चिकित्सा संस्थानों में गिने जाने वाले AIIMS दिल्ली ने इलाज के मामलों में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
हालिया वार्षिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024–25 के दौरान यहां आने वाले मरीजों की संख्या अब तक के सभी पिछले रिकॉर्ड से अधिक रही।
यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि संस्थान पर लोगों का भरोसा लगातार मजबूत होता जा रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।
मरीजों की बढ़ी संख्या
अस्पताल की रिपोर्ट बताती है कि पिछले वित्तीय वर्ष में 48,43,572 मरीजों ने बाह्य रोगी विभाग (OPD) में इलाज कराया।
इतनी बड़ी संख्या किसी भी अस्पताल के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जाती है, क्योंकि इसके लिए पर्याप्त डॉक्टर, संसाधन और व्यवस्थागत क्षमता की जरूरत होती है।
इसके बावजूद संस्थान ने सुचारु रूप से सेवाएं प्रदान कर अपनी दक्षता साबित की।
सिर्फ ओपीडी ही नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों के कारण भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया।
2024–25 में कुल 3,61,236 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया गया। यह संकेत देता है कि जटिल और गंभीर मामलों में भी मरीज और उनके परिवार इस संस्थान पर भरोसा करते हैं।
बेड क्षमता में विस्तार से मिली राहत
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पिछले कुछ वर्षों में अस्पताल के बुनियादी ढांचे में भी महत्वपूर्ण सुधार किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार 2024–25 तक कुल बेड संख्या बढ़कर 3,657 हो गई, जिसमें पिछले दो वर्षों में 332 नए बेड जोड़े गए।
यह विस्तार स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और प्रतीक्षा समय कम करने के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
दो साल में ओपीडी लोड में बड़ा उछाल
यदि 2022–23 और 2024–25 के आंकड़ों की तुलना की जाए तो ओपीडी मरीजों की संख्या में 5,87,771 की वृद्धि दर्ज हुई है, जो लगभग 13.81 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम अवधि में इस स्तर की वृद्धि देश में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती जरूरत और संस्थान की विश्वसनीयता दोनों को दर्शाती है।
भर्ती मामलों में लगभग एक-तिहाई वृद्धि
भर्ती मरीजों के आंकड़े और भी तेज रफ्तार दिखाते हैं। 2022–23 में जहां 2,80,770 मरीज भर्ती हुए थे, वहीं 2024–25 में यह संख्या बढ़कर 3,61,236 तक पहुंच गई।
यानी दो वर्षों में 80,466 मरीजों की वृद्धि, जो लगभग 28.65 प्रतिशत का इजाफा है। यह वृद्धि बताती है कि जटिल इलाज के लिए भी मरीज बड़ी संख्या में यहां आ रहे हैं।
22 AIIMS संस्थान कार्यरत
आज भारत के विभिन्न हिस्सों में करीब 22 AIIMS संस्थान कार्यरत हैं, लेकिन दिल्ली स्थित यह संस्थान अपने अनुभव, विशेषज्ञ डॉक्टरों और उन्नत सुविधाओं के कारण एक मानक मॉडल माना जाता है।
देश के दूर-दराज इलाकों से मरीज यहां इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, खासकर वे लोग जो निजी अस्पतालों का खर्च नहीं उठा सकते।
लोगों के मन में यह विश्वास गहराई से बैठा है कि यहां समय पर इलाज मिलने से गंभीर बीमारी में भी सुधार संभव है।
मरीजों और उनके परिजनों का यही भरोसा डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
लगातार बढ़ती मरीज संख्या के बावजूद सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन संस्थान ने यह साबित किया है कि मजबूत व्यवस्था
समर्पित स्टाफ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के सहारे बड़े पैमाने पर भी प्रभावी इलाज संभव है।
यही कारण है कि इलाज के लिए लोगों का रुझान लगातार इस संस्थान की ओर बढ़ता जा रहा है।
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